कृषि यंत्रों पर सब्सिडी चाहिए तो पढ़े ये लेख…

किसानों की आय को बढाने के लिए वैसे तो हर कोई प्रयास कर रहा है. फिर चाहे सरकारी तंत्र हो या फिर निजी क्षेत्र की कंपनिया हो सभी किसानों की आय को बढाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. लेकिन किसानों की आय बढाने के लिए जरुरी है उनके पास आधुनिक कृषि यंत्रों का होना. जो कंपनियां कृषि के अच्छे कृषि यन्त्र बना रही है, वो थोड़े महंगे होने की वजह से किसान उनको आसानी से नहीं खरीद पाता है. क्योंकि जब भी किसान उस कृषि यंत्र को खरीदने की सोचता है तो उससे पहले अपनी जेब देखता है.

लेकिन इन बड़ी कृषि मशीनों पर सरकार की और से अनुदान भी दिया जा रहा है, ताकि किसान अच्छे कृषि यंत्रों को आसानी से खरीद सके. लेकिन अधिकतर किसान इससे अनभिज्ञ है. उसको पता ही नहीं है कि सरकार द्वारा कृषि यंत्रो पर कोई अनुदान भी दिया जा रहा है या नहीं. और जिनको पता है वो किसान यह नहीं जानते की उनको किससे संपर्क करना है. बहरहाल इसके दो तरीके है जिससे किसानों को कृषि मशीनरी पर अनुदान की पूरी जानकारी उपलब्ध हो सकती है.

सरकारी तरीका :

यदि कोई किसान नया कृषि यन्त्र खरीदना चाहता है सबसे वो सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करले कि उसको किस कंपनी का कृषि यन्त्र खरीदना है. उसके बाद किसान उस कृषि यंत्र पर अनुदान की जानकारी के लिए अपने जिले या ब्लाकस्तर के कृषि कार्यालय पर संपर्क करे. वहां से अनुदान की पूरी प्रक्रिया को समझे. उसके बाद ही उस कृषि यंत्र को ख़रीदे. यदि कोई भी कृषि अधिकारी जानकारी देने में जरा भी आनाकानी करता है तो इसके लिए जिलास्तर पर कृषि अधिकारीयों से मुलाकात कर किसान अपनी समस्या बता सकते है. किसान को कृषि यंत्रों के विषय में पूरी जानकारी जिला और ब्लाकस्तर कृषि कार्यालय पर आसानी से मिल जाएगी.

कृषि यंत्र डीलर द्वारा जानकारी :

नकारी:यदि किसान किसी भी यन्त्र को खरीदने की योजना बना रहा है. इसके लिए किसान को चाहिए की वो किसी अधिकृत कृषि यंत्र डीलर से ही ख़रीदे. इससे किसान को फायदा होगा. सबसे पहले सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली अनुदान राशी के विषय में किसान को सही जानकारी उस डीलर के पास से मिलेगी. दूसरा वह उत्पाद जो किसान खरीद रहा है. वह गुणवत्ता वाला होगा और उत्पाद की सही जानकारी के साथ लम्बे समय तक उसकी सर्विस की वारंटी भी मिलेगी.

सरकार द्वारा किन कृषि यंत्रों पर है सब्सिडी :

वैसे तो लगभग सभी कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. लेकिन यह राज्य सरकार पर भी निर्भर करता है कि वो किन कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है. किसान सरकार द्वारा मैनुअल स्प्रेयर्स, पावर नैपसेक स्पेयर्स, मल्टीक्राप प्लांटर, सीडड्रिल, रोटावेटर, जीरोटिल मल्टीक्राप प्लांटर, पंपसेट, मल्टीक्राप थ्रेसर, रिज फैरो प्लांटर, ट्रैक्टर माऊंड स्पेयर्स, स्प्रिंकलर सेट, बखारी, एचडीपीई पाइप, पीवीसी पाइप, एचडीपीई लैमिनेटेड पाइप, बड़े तिरपाल, छोटा तिरपाल जैसे कृषि यंत्रों पर अनुदान पा सकते हैं।

सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी दी जाती है :

सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी राज्य सरकारों पर निर्भर करती है. क्योंकि हर एक राज्य के कृषि विभाग की अलग योजना है जिसके हिसाब से अनुदान दिया जाता है. वैसे ज्यादातर राज्यों में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत का अनुदान कृषि यंत्रों पर दिया जाता है.

किसान के बेटे ने पिता के लिए बनाया Remote से चलने वाला ट्रैक्टर

भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, ये बात अक्सर लोग कहते हैं, साथ ही ये भी कहा जाता है कि भारत में प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है। उसके बाद भी अक्सर आप देखते होंगे कि प्रतिभा अपने आप चमक बिखेर देती है। कुछ बड़ा या फिर नया करने के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी बड़े संस्थान में पढ़ाई करें, जो काम आईआईटी के छात्र नहीं कर सकते हैं वो काम एक किसान के बेटे ने कर दिखाया है। उसकी प्रतिभा का डंका आज पूरे देश में बज रहा है।

राजस्थान के बारां जिले के बमोरीकलां गांव में एक किसान के बेटे ने जो कारनामा किया है उस से उसके पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। 19 साल का ये युवक लगातार नए आविष्कार करने में लगा रहता है। उस ने अब जो चीज तैयार की है उस से खेती काफी आसान हो सकती है। छोटी सी उम्र में इस युवक ने अपनी बुद्धि के बल पर 27 से अधिक आविष्कार किए हैं। इस लड़के का नाम योगेश कुमार है। इसके आविष्कार देख कर आईआईटी में पढ़ने वाले लोग भी हैरान हैं। योगेश नागर फिलहाल मैथ्स से बीएससी कर रहा है। वो फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है।

योगेश के पिता राम बाबू नागर 15 बीघा जमीम पर खेती करते हैं. इसी से परिवार का खर्चा चलता है। अपने पिता की मुश्किलों को देख कर योगेश ने कुछ ऐसा करने की ठानी जिस से उनका काम आसान हो जाए, इसके लिए वो लगातार काम कर रहा था। उसके पिता को ट्रैक्टर चलाते समय पीठ में दर्द की शिकायत होती थी। पिता की तकलीफ को दूर करने के लिए योगेश ने रिमोट ऑपरेटिव सिस्टम डेवलप किया है। इससे खेत में एक जगह बैठकर रिमोट से ट्रैक्टर चलाकर जुताई की जा सकती है। बिना ड्राइवर के ट्रैक्टर को चलता देखकर गांव वाले भी हैरान रह जाते हैं।

अब योगेश के पिता का काम काफी आसान हो गया है। वो एक जगह खड़े हो कर ट्रैक्टर चलाते हैं। इस से उनका समय भी बचता है और पीठ दर्द की शिकायत से भी मुक्ति मिल गई है। योगेश के इस आविष्कार से गांव के लोग भी हैरान हैं, उनका कहना है कि योगेश में बहुत प्रतिभा है, उसे सही मार्गदर्शन मिले तो वो भारत का नाम रोशन कर सकता है। अब योगेश की चर्चा पूरे देश में हो रही है। रिमोट से ट्रैक्टर चला कर योगेश ने वो कारनामा किया जिस से भारत के किसानों की काफी मदद हो सकती है।अब योगेश को उम्मीद है कि उनके पिता को खेती के दौरान आने वाली समस्याओं का सामना नहीं करकना पड़ेगा।

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