पंजाब के किसान ने इंग्लैंड जाकर बनाया यह अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

कहते हैं प्रार्थना करना से सभी काम पूरे होते हैं और भगवान हमारी सारी इच्छाएं भी पूरी करते हैं. ऐसे ही हमारे बड़े बुजुर्ग भी कहते थे हर दिन हमे प्रार्थना करना चाहिए. लेकिन कभी अापने सुना प्रार्थना करने का इतना बड़ा फल मिले कि रिकॉर्ड ही बन जाये.

जी हाँ, आज ऐसा ही एक किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भी हैरान तो होंगे ही. 75 साल के रघबीर सिंह संघेरा ने ये बता दिया कि प्रार्थना करने का कितना बड़ा फल मिल सकता है.

दरअसल, रघबीर सिंह संघेरा ने अपने घर में किचन गार्डेन बनाया है जिसमें उन्होंने कई तरह के फल, फूल और सब्जी लगा के रखे हैं. आपको बता दें, करीब 4 महीने उन्होंने अपने गार्डन में ककड़ी के बीज रोपे थे जिसके लिए वो रोज़ प्रार्थना करता था. जी हाँ, पानी और खाद देने के अलावा हर दिन तीन घंटे इन पौधों के पास बैठकर प्रार्थना करते थे.

इस प्रार्थना का असर ऐसा हुआ कि उनकी उगाई ककड़ी इतनी लम्बी हो गई जिसने रिकॉर्ड बना लिया है. आपको बता दें,ककड़ी की लंबाई 51 इंज हो चुकी है और यह अभी भी बढ़ रही है. गिनीज बुक में दर्ज सबसे लंबी ककड़ी करीब 42 इंच है लेकिन इस ककड़ी ने ये रिकॉर्ड तोड़ दिया.

इस पर विशेषज्ञ का कहना है कि संघेरा ने जिस अरमेनियन कुकुंबर प्रजाति नाम की ककड़ी उगाई है जो पहले भी वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए रिजेक्ट हो चुकी है. वहीं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रवक्ता का कहना है ‘सबसे लंबे अरमेनियन कुकुंबर संबंधी कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है,

मगर हमारी वेबसाइट पर जाकर कोई भी नए टाइटल के लिए आवेदन दे सकता है.’ आपको बता दें, रघबीर अब इस ककड़ी को लेकर नॉटिंगघम स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा लेकर जायेंगे जहां पर वो सेवा करते हैं. उनका कहना है कि वहां ये इसलिए ले जायेंगे ताकि और भी ऐसी ही सब्जियां उगाई जा सके.

एग्री बिजनेस के गुर के साथ ऑर्गेनिक फार्मिंग सीख ऐसे कमाए पैसा , सरकार दे रही है ट्रेनिंग, ऐसे करे अप्लाई

पिछले कुछ सालों में एग्री प्रोडक्‍ट्स (Agri Business) खासकर ऑर्गेनिक (Organic) की डिमांड काफी बढ़ी है। एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2020 तक देश में ऑर्गेनिक मार्केट 12 हजार करोड़ रुपए को छू लेगा। देश ही नहीं, विदेशों में भी ऑर्गेनिक प्रोडक्‍ट्स की डिमांड बढ़ रही है। इसी संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को एग्री बिजनेस के गुर सिखाए जा रहे हैं। इसमें,ऑर्गेनिक फार्मिंग की बारीकियां भी बताई जाएंगी।

आप भी दो दिन की यह ट्रेनिंग ले सकते हैं। ट्रेनिंग मिनिस्‍ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट द्वारा संचालित निसबड इंस्‍टीट्यूट द्वारा दी जा रही है। इस दो दिन की ट्रेनिंग के लिए 7000 रुपए फीस ली जा रही है। आइए, आज आज हम आपको बताएंगे कि ऑर्गेनिक फार्मिंग क्‍या है और इसका बिजनेस कैसे किया जा सकता है।

क्‍या है ऑर्गेनिक फार्मिंग

ऑर्गेनिक फार्मिंग टॉक्सिक लोड कम करती है। हवा, पानी, मिट्टी से केमिकल को हटाकर फसल पैदा करने की प्रक्रिया को ऑर्गेनिक फार्मिंग कहा जाता है। जो इन्‍वायरमेंट फ्रेडली होती है, नेचर को नुकसान नहीं पहुंचाती और हमारे शरीर के लिए पूरी तरह फिट होती है।

पिछले कुछ सालों में हमारे देश वासी अपनी हेल्‍थ के प्रति काफी जागरूक हो गए हैं और ऐसे प्रोडक्‍ट्स को अपना रहे हैं, जो उनके शरीर के साथ-साथ इन्‍वायरमेंट को नुकसान नहीं पहुंचाते हों। हालांकि कैमिकल के इस्‍तेमाल से पैदा होने वाले फूड प्रोडक्‍ट्स सस्‍ते होते हैं। बावजूद इसके, जागरूकता के चलते ऑर्गेनिक फार्मिंग से पैदा प्रोडक्‍ट्स की डिमांड बढ़ रही है।

सरकार दे रही है ट्रेनिंग

सरकार ने देश में ऑर्गेनिक फार्मिंग बिजनेस को प्रमोट करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया है। केंद्र सरकार की मिनिस्‍ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट के अंतर्गत चल रहे इंस्टिट्यूट निसबड ने यह प्रोग्राम तैयार किया है। निसबड द्वारा 18 व 19 अगस्‍त को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसकी फीस 7000 रुपए रखी गई है।

क्‍या मिलेगी ट्रेनिंग

  • ऑर्गेनिक फार्मिंग का सिद्धांत
  • ऑर्गेनिक एग्रीकल्‍चर का वर्तमान परिदृश्‍य
  •  ऑर्गेनिक फार्मिंग क्‍यों
  • ऑर्गेनिक फार्मिंग के फायदे
  •  पारंपरिक खेती को ऑर्गेनिक खेती में कैसे बदलें
  • इनपुट मैनेजमेंट
  • सीड एवं प्‍लांटिंग मैनेजमेंट
  •  ऑर्गेनिक फार्मिंग सर्टिफिकेशन कैसे हासिल करें
  •  न्‍यूट्रिशियन मैनेजमेंट
  • ऑफ फार्म टैक्‍नोलॉजी इनपुट
  • ऑर्गेनिक फील्‍ड एवं क्रॉप मैनेजमेंट

कैसे शुरू करें बिजनेस

आप ऑर्गेनिक फार्मिंग की बेसिक बातें सीखकर एग्री बिजनेस शुरू कर सकते हैं। ट्रेनिंग के दौरान एग्री बिजनेस के बारे में बताया जाएगा। जैसे कि –

  • स्‍टार्ट अप इंडिया मुहिम के तहत एग्री बिजनेस को कैसे जोड़ा जाए
  • एग्री एंटरप्रेन्‍योर कौन हो सकते हैं
  •  एग्री बिजनेस का ओवरव्‍यू, मार्केट साइज, संभावनाएं, डेयरी, ऑर्गेनिक फार्मिंग प्रोडक्‍ट्स, फूड प्रोसेसिंग, पॉल्‍यूटरी एवं सहायक मार्केट
  •  कैसे शुरू किया जाए एग्री बिजनेस
  • फार्म से रिटेल यूनिट तक सप्‍लाई चेन कैसे बनाएं
  • अपने प्रोडक्‍ट्स को बेचने के लिए सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल कैसे करें
  • ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्‍ट्स के लिए फॉरेन मार्केट तक कैसे पहुंच बनाएं
  • अपने बिजनेस का बढ़ाने के लिए सरकारी स्‍कीमों का लाभ कैसे लें।
  • इसके अलावा ट्रेनिंग के दौरान डेयरी बिजनेस की भी बारीकियां बताई जाएंगी।

कैसे करें अप्‍लाई

अगर आप इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होना चाहते हैं तो आप इस लिंक पर क्लिक करके रजिस्‍ट्रेशन संबंधी जानकारी ले सकते हैं या फार्म भर सकते हैं।

https://www.niesbud.nic.in/

बहुत ही कमल का है ये आधुनिक थ्रेशर,वीडियो देखें

फसलों की गहाई में मशीन (थ्रेशर) का बड़ा योगदान है। गहाई मशीनों के उपयोग से समय पर गहाई पूरी करके पैदावार की क्षति को जहां काफी हद तक कम किया जा सका है वहीं गहाई का कार्य जो पारम्परिक तरीके से बहुत श्रमसाध्य हुआ करता था, अब बहुत आसान हो गया है।

महीनों तक चलने वाला गहाई का कार्य अब कुछ दिनों में ही सम्पन्न हो जाता है। देश में गहाई मशीनों की संख्या लगभग 25 लाख से ज्यादा है।

यह थ्रेशर कैसे काम करता है उसके लये वीडियो देखें

यह थ्रेशर बहुत ही आधुनिक है और बड़ी ही सफाई से काम करता है ।यह थ्रेशर GS AUTO FEED MULTI CROP THRESHER ,नंदयाल,आंध्रा प्रदेश द्वारा त्यार किया गया है ।

इस थ्रेशर की सहयता से विभिन्न फसलों जैसे सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि तथा तिलही व दलहनी फसलों जैसे अलसी, सरसों, मूंग, चना, उड़द आदि की गहाई की जाती है।

अगर आप इस मशीन की कीमत और दूसरी जानकारी चाहिए तो निचे दिए हुए नंबर पर संपर्क करें 9010889900 ,9010801581 ,9849751998

गन्ने की 25% ज्यादा पैदवार के लिए गन्ने के साथ ऐसे उगाएं चना

गन्ने-चने की शरदकालीन मिश्रित खेती से श्री भगत सिंह (M: 9466941251) गांव कहानगड़- शाहबाद जिला कुरूक्षेत्र (हरिय़ाना ) ने पिछले तीन सालो मे अपनी आमदनी को दुगना कर दिखाया है !

शरदकालीन बीजाई मे (अक्तुबर माह) गन्ने की पैदवार लगभग 25% ज्यादा होती हैं ! पर किसान गेहू की फसल के लालच मे, गन्ने की बीजाई अप्रेल मे देर से करते हैं !

यह फसल भगत सिंह ने 4 एकड़ में उगाई है। चना बैड पर तीन लाइन में है, चौथी नाली में गन्ने की फसल अक्टूबर अंत में बिजाई की गई। मार्च के प्रथम सप्ताह में चने का छोलिया होगा, चने की फसल के साथ गन्ने का उत्पादन होगा।

क्या होता है फायदा:

किसान के अनुसार सर्दकालीन गन्ने की खेती दो साल से कर रहे है। इससे 25 फीसदी अधिक पैदावार होती है। यही नहीं धरती की उर्वरा शक्ति भी खूब बनी रहती है। गन्ने में पानी हलका नालियाें में ही देते हैं।

इसका समाधान हैं गन्ने- चने की शरदकालीन मिश्रित खेती, ज़िसे चने की सीधी बढवार वाली किसम HC-5 ने ज्यादा आसान कर दिया हैं ! क्योंकि किसान को गन्ने की फसल के पूरी पैदवार के साथ , 8 किवटल प्रति एंकड़ चने की फसल भी मिलती हैं और ज़मीन की उपजाऊ शक्ती भी बनी रहती हैं !

चने की ह्च सी -5 ( HC-5) किसम के बीज के लिये सम्पर्क करे : श्री जगदीप सिंह ढ़िल्लों, पंजाब ( 9915463033) य़ा श्री राजिन्द्र पवार मध्य प्रदेश ( 9907236006)

विडिओ देखें .

बहुत कमाल की है यह गन्ना काटने वाली मशीन,जाने पूरी जानकारी

भारत में गन्ने की फसल मुख्या फसलों में से एक है इस लिए देश के बहुत सारे किसान गन्ने की खेती पर निर्भर है । लेकिन सब से मुश्किल काम गन्ने की कटाई का होता है। अगर इसको हाथ से करें तो बहुत वक़्त और मेहनत लगती है इस लिए अब एक ऐसी मशीन आ गई है जिस से गन्ने को काटने का काम बहुत आसानी से किया जा सकता है ।

यह मशीन एक घंटे में 900 से 1000 क्विंटल की कटाई कर देती है । यहाँ लेबर का खर्चा प्रति क्विंटल आता है वहीँ इस मशीन से इसका खर्चा सिर्फ 6 रुपये आता है । इस मशीन के साथ सिर्फ ट्रिंच विधि से ही गन्ने की कटाई की जा सकती है । आम तरिके से लगाए गए खेतों में इस मशीन को नहीं चलाया जा सकता ।

शक्तिमान कंपनी द्वारा गन्ना काटने वाली मशीन त्यार की गई है जो गन्ना काटने का काम बहुत तेज़ी से कर सकती है । इस मशीन का इंजन बहुत ही ताकतवर है इसमें 6 सिलिंडर वाला 173 हॉर्स पॉवर का इंजन लगा है ।यह मशीन पूरी तरह से आटोमेटिक है इसके केबिन में डिस्प्ले लगा हुआ है जिस पर हम मशीन की सारी गतिविधि देख सकते है ।

इस मशीन को चलना बहुत ही आसान है । केबिन में AC भी लगा होता है पूरी मशीन को सिर्फ एक लिवर (जॉय स्टिक) से चल्या जाता है ।अगर आप इस मशीन की कीमत जा फिर कोई और जानकारी चाहते है तो निचे दिए नंबर और पते पर संपर्क कर सकते है ।

  • TIRTH AGRO TECHNOLOGY PVT. LTD.
    Dist.: Rajkot.State: Gujarat- INDIA
    Pincode-360311.
  • +91 (2827) 661637 (30 Lines) / +91 (2827) 270 537
  • SMS +91 9925250169 /
  • mail– info@shaktimanagro.com

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

यह मशीन सिर्फ चारा ही नहीं काटती, आटा और दलिया भी त्यार करती है

हर किसान घर पर एक दो पशु जरूर पालता है और उसके लिए उसे एक अच्छी चारा मशीन की जरूरत होती है । और हर किसान के घर में एक चारा मशीन जरूर होती है ।

लेकिन क्या हो अगर चारा काटने वाली मशीन चारा काटने के साथ साथ आटा पीसने ,दलिया बनाने और फसलों के अवशेषों का चुरा बनाने का भी काम करे । ऐसी ही एक मशीन विधाता कंपनी द्वारा त्यार की गई है जो ये तीनो काम करने में सक्षम है ।

इस मशीन की दूसरी खास बात यह है की इस मशीन का आकार बहुत छोटा है जिस की सहयता से हम 20 गाय और 150 बकरी का चारा काट सकते है । इस मशीन के साथ मक्का ,जवार बाज़रा अदि का चारा त्यार कर सकते है ।

इसमें अलग अलग आकार की छाननी लगी होती है । जिस से हम दाने का आकार बड़ा जा छोटा कर सकते है । इसमें 2 से लेकर 10 की मोटर का इस्तमाल होता है ।और इसको डीज़ल इंजन से भी चला सकते है । इस मशीन की पूरी जानकारी के लिए निचे दिए हुए नंबर पर सम्पर्क कर सकते है । WhatsApp no + 91 562 2240765

यह चारा मशीन कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें