खेतों में जमा बारिश के पानी को रिचार्ज करने से पहले पढ़ें यह खबर

अक्सर यह बात बोली जाती है के बारिश का पानी रिचार्ज करना चाहिए क्योंकि भूजल का स्तर लगातार निचे गिर रहा है लेकिन पानी को रिचार्ज करने से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए के पानी कहाँ से रिचार्ज कर रहे है । Social Media पर धान के खेतों में जमा पानी को बोरवेल के माध्यम से धरती के नीचे डाले जाने के मैसेज तेजी से फैल रहे हैं।

पीएयू (Punjab Agriculture University) विशेषज्ञों ने पंजाब के किसानों को सिफारिश जारी करते हुए बताया कि मौजूदा स्थिति में पानी का संरक्षण करना अच्छा प्रयास है, लेकिन बोरवेल से धान के खेतों में जमा पानी को इस तरह से जमीन में डालने से उल्टा भूजल के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है।

सॉयल साइंस और इंजीनियरिंग विभाग (Soil Science and engineering department ) के प्रमुख डॉ. केजी सिंह ने कहा कि धान की फसल के लिए खेतों में कीटनाश और उर्वरकों का उपयोग किया जाता है। इससे खेतों में जहरीले कण होते हैं।

यदि इस पानी को सीधे भूजल के साथ मिलाया जाता है, तो स्वच्छ पानी के दैनिक उपयोग की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह रसायन मनुष्यों और जानवरों में कैंसर, त्वचा और मानसिक बीमारियां पैदा करते हैं।

गिरते भूजल का स्तर सुधारना है लेकिन उसे प्रदूषित होने से भी रोकना है

खेतों का पानी सीधे जमीन में न डालें। ऐसा करने से हो सकता है कि भूजल स्तर(Ground Water Level) कुछ सुधर जाए लेकिन धरती के नीचे का पानी दूषित हो जाएगा। डॉ. केजी सिंह ने कहा कि पीएयू ने भूजल रिचार्ज करने के लिए एक तकनीक विकसित की है। इससे छत से वर्षा के जल को बचा सकते हैं।