पहली बार जीपीएस सिस्टम के प्रयोग से इस राज्य में कर्मचारी लिख रहे हैं एक्यूरेट रकबा

सरस्वती शुगर मिल की ओर से गन्ना पिराई सीजन 2019-20 के लिए गन्ने की फसल का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के लिए कर्मचारी फील्ड में उतर गए हैं। सर्वे के दौरान वैरायटी वाइज आंकड़े सही जुटाए जाएं, इसके लिए पहली बार मिल प्रशासन की ओर से सर्वे कर रहे कर्मचारियों को टैबलेट (मोबाइल) दिए गए हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम लगा है।

मिल कर्मचारियों के अनुसार मिल प्रशासन ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि सही से पता चल सके की किसान ने कौन सी वैरायटी के कितने गन्ने की बिजाई की है। इस कारण मिल को सही समय पर चलाया जा सके। टैबलेट के साथ मिल कर्मचारी गन्ने के खेत की तीन साइडों में घूमता है।

जिससे खेत की लंबाई व चौड़ाई का सही अनुमान होने के साथ पता चल जाता है कि किसान द्वारा कितनी भूमि में गन्ने की फसल उगाई गई है। इससे पहले केवल किसान के कहे अनुसार या फिर कर्मचारी अनुमानित ही रकबा लिखा करते थे। इससे की सही आंकड़े नहीं मिल पाते थे। डाटा अपलोड करने के लिए बाकायदा एक एप्लीकेशन बनाई गई है।

इसके ऊपर तुरंत सर्वे की गई किसान की गन्ने की फसल का डाटा वैरायटी वाइज अपलोड करने का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान किसान को मौके पर बुलाया जाता है, ताकि उससे गन्ने की वैरायटी व परिवार में किस सदस्य के नाम से शुगर मिल में खाता है इसकी जानकारी जुटाई जा सके। 20 मई से शुगर मिल कर्मचारी गन्ने का सर्वे करने में जुटे हैं। कर्मचारियों की मानें तो जून माह के अंत तक सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।