एक साथ करें कई सब्जियों की खेती कई गुना बढ़ जाएगी कमाई

परंपरागत खेती से हटकर सब्जियों की भी मिश्रित खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। आर्गेनिक खेती की तकनीक सब्जी उत्पादकों के मुनाफे को और भी बढ़ा देती है। गांव पीपली माजरा के किसान यासीन ठेकेदार पिछले दस सालों से परंपरागत खेती कर रहे थे। लेकिन पिछले दो सालों से जो मुनाफा सब्जियों की आर्गेनिक खेती करके कमाया है, वह वे दस साल में कभी नहीं कर पाए।

यासीन बताते हैं कि वे पिछले कई सालों से गेहूं और धान की खेती पट्टे पर जमीन लेकर करते आ रहे थे। उनके गावं में एक अन्य व्यक्ति को सब्जी की खेती करते देख उनके मन में भी सब्जी की खेती करने का विचार आया। सब्जी की खेती भी आर्गेनिक तरीके से करने की ठाना। इसके लिए उन्होंने करीब चार एकड़ जमीन पट्टे पर ली। इसमें देसी खाद डलवाया।

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खाद डलवाकर उन्होंने चार एकड़ खेत सब्जी की खेती के लिए तैयार किए। इसमें बैंगन, भिंडी, मिर्च, घीया, तोरी, खीरा, करेला, मूली लगाई। इस पर पहली बार लगभग पचास हजार रुपए का खर्च आया। उन्होंने बताया कि उनके मन में मिश्रित तरीके से सब्जी लगाने के विचार से लगभग दो एकड़ में घीया, तोरी, करेला, मूली और खीरे लगाए। इस तरीके से उन्होने अलग से दो एकड़ में भिंडी, बैंगन और मिर्च लगाई। फल आने पर परिणाम सकारात्मक सामने आए। लगभग तीन महीने के सीजन में उन्होंने सब्जी का अच्छा कारोबार किया।

देसी खाद से तैयार उनकी सब्जी को लोग उनके फार्म पर ही लेने आ जाते हैं। यासीन ने बताया कि उनकी सब्जी मंडी में ही जाती ही अच्छे दाम में बिक जाती है। उन्होंने बताया कि लता (बेल) वाली सब्जियां उन्होंने अलग लगाई हुई हैं और उसी में उन्होंने मूली भी लगाई हुई है। एक ही थड़े पर तीन-तीन प्रकार की लताएं चढ़ जाती हैं और अच्छा फल आता है। वे केवल सुंडी, कीड़े के लिए ही दवा की स्प्रे करवाते हैं।