ऐसे शुरू करें अंजीर की खेती

घर में झाड़ू-पोछा करते-करते रेतली जमीन पर अंजीर उगाकर जिला मानसा की महिला किसान और उसके पति किसानों का प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। मानसा जैसी विपरीत जलवायु में अंजीर की खेती को कामयाब कर और उसमें से अच्छा मु’नाफा कमा’कर कृष्णा ने साबिक कर दिया कि खेती क्षेत्र में भी महिलाएं ठान लें तो कुछ भी कर सकती हैं। अन्य किसानों को इस महिला ने सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि यदि एक महिला के नाते वह रेतीली जमीन से अच्छा खासा मु’नाफा सकती है तो उपजाऊ जमीन की खेती अन्य के लिए घाटे का सौदा बनकर कैसे रह गई है?

कृष्णा ने बताया कि अहमदाबाद की किसी कंपनी ने यहां पर किसानों को अंजीर की खेती के लिए जागरूर किया था। उस समय उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को अपनी जमीन दिखाई तो उन्होंने इसे अंजीर की खेती के लिए सही बताया। इसके बाद कंपनी ने ही पौधे दिए और लगवाए। एक एकड़ में 400 पाैधे लगाने का खर्च 1 लाख 20 हजार रुपए आया था जो कंपनी ने ही किया था। इसके बाद फल बेचने के लिए उनका टाइअप जयपुर की किसी कंपनी के साथ करवाया गया है जो साल में 5 किलो अंजीर 300 रुपए किलो के हिसाब से खरीदती है। अगर इससे ज्यादा बेचने हों तो 200 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकतेे हैं। उन्होंने बताया कि मानसा के साथ लगते हरियाणा क्षेत्र में भी कई किसानों ने अंजीर की खेती कर रखी है।

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इस किसान दंपति के लिए एसडीएम सरदूलगढ़ तलीफ अहमद प्रेरणासोत्र हैं। एसडीएम ने बताया कि दंपति ऐसी जमीन पर खेती कर रहा है जो रेतीली व घास से भरी हुई है। किसानों को इन दोनों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इनकी मेहनत की फसल इनके खेतों में चमकती है। दूसरे किसानों को भी ऐसी फसलों को अपनाना चाहिए जो अच्छा मुनाफा देती हैं।

जिले के सब डिवीजन सरदूलगढ़ के हरियाणा सीमा के साथ सटे गांव खैरा कलां निवासी और अंजीर की राजकुमारी कहलाई जाने वालीं कृष्णा देवी अंजीर की खेती कर रही हैं। कृष्णा देवी खुद काम करती हैं। वह ट्रैक्टर चलाने में निपुण हैं तथा इसमें उनका पति सुलतान साथ दे रहा है। दंपति 48 एकड़ ठेके पर ली जमीन में खेती कर रही हैं। इसमें से 29 एकड़ में कपास,3 एकड़ में ग्वार और 3 एकड़ जमीन में धान की काश्त है। उन्होंने दूसरे किसानों को भी एक तरह की खेती पर निर्भर नहीं रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान खेती से साथ कोई न कोई सहायक धंधा जरूर करें।

पांच बच्चों की माता कृष्णा देवी ने मार्च 2016 में एक एकड़ जमीन पर अंजीर की खेती शुरु की थी। इसकी कटाई उसने अक्टूबर 2018 में की। उसने बताया कि अंजीर विटामिन का अच्छा सोत्र है। सूखे रूप में यह दवा’इयों के काम आता है। इस फस में भरपूर ऊर्जा होती है। अंजीर 300 रुपए प्रति किलो बिकता है। इस खेती में एक ही दिक्कत है कि खेतों में घास पैदा नहीं होना चाहिए। यह इसको बड़ा नुकसान पहुंचाता है। मजूदरों से काम करवाने के वजाय वह पूरी खेती को खुद संभालती हैं। उन्होंने बताया कि अंजीर का हर पौधा 20 साल तक 5 से 6 किलो फल हर झाड़ में देता है। उसने एक एकड़ में 400 पौधे लगाए हैं। हर दो महीने बाद इनका फल तोड़ना पड़ता है।