इन किसानों को सरकार की तरफ से मिलेंगे 50000 रुपये

हमारे देश में किसानो को हालत बहुत नाजुक है , देश के किसान खेती छोड़कर कुछ और करने की सोच रहे है। अब सरकार भी किसानो की हालत सुधारने में लगी हुई है , किसानों की आमदनी डबल करने को लेकर सरकार तेजी कदम उठा रही है, सरकार किसानों की आमदन को बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लेकर आती रहती है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की थी की अब से किसानों को ‘जीरो बजट’ खेती पर ध्यान देना होगा।इसकी पैदावार करने में किसान का खर्च काफी कम हो जाता है।

केंदर सरकार ने परम्परागत कृषि विकास योजना ( PKVY ) को पेश किया था, इस योजना के अनुसार किसानों के खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये दिए जायेंगे।आप को बता दे की पीएम मोदी ने 15 अगस्त को भाषण में कहा था कि किसानों को केमिकल्स और पेस्टिसाइड का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।

जो किसान सरकार की इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें जैविक खेती का प्रमाण पत्र लेना होगा। इसके लिए किसानों को पहले आवेदन करना होगा।सरकार ने इस सार्टिफिकेट को रिसीव करने के लिए 19 एजेंसियों को मान्यता दी है। किसान इस बात का ध्यान रखे की मान्यता प्राप्त एजेसियों से ही सर्टिफिकेट ले।

इस योजना में सरकार किसानों को तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देगी।इस के इलावा किसानों को जैविक कीटनाशक, जैविक खाद जैसी दवाइयां और खेती के लिए उपकरण खरीदने के लिए सरकार 31,000 रुपये की सहायता दी जायगी,

इसके साथ ही प्रमाण पत्र लेने से पहले मिट्टी, खाद, बीज, सिंचाई, कीटनाशक, कटाई, पैकिंग और भंडारण सहित सभी काम के लिए जैविक सामग्री की जरूरत पड़ेगी। आपको अपने भंडारण की गई सामग्री का रिकॉर्ड भी रखना होता है। पहले सरकार इस रिकॉर्ड की जांच कराएगी उसके बाद ही सरकार की तरफ से सर्टिफिकेट दिया जाएगा।