इस तकनीक से अपनी घर की छत पर उगाएं सब्जियां, जाने पूरी जानकारी

आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है लेकिन बाजार में हर चीज में मिलावट का बोलबाला है और जो हम खाते है वो बिलकुल भी शुद्ध नहीं होता ।लेकिन अब आप बिना मिट्टी के जहरीले तत्वों रहित सब्जियां घर की छत पर उगा सकते हैं। जिस से आपको आपके घर पर ही ताज़ी सब्जी मिल सकती है और वो भी बहुत कम मेहनत से

ऐसा समझा जाता है कि पेड़-पौधे उगाने के लिये खाद, मिट्टी, पानी और सूरज की रोशनी की जरूरत होती है। लेकिन सच यह है कि पौधे के लिये सिर्फ तीन चीजों – पानी, पोषक तत्व और सूरज की रोशनी की जरूरत होती है। इस तरह यदि हम बिना मिट्टी के ही पेड़-पौधों को किसी और तरीके से पोषक तत्व,पानी और रोशनी उपलब्ध करा दें तो बिना मिट्टी के भी पेड़-पौधे उगा सकते हैं।

क्या होती है हाइड्रोपोनिक खेती (Hydroponic farming )

हाइड्रोपोनिक खेती में मिट्टी के स्थान पर नारियल के अवशेष का प्रयोग होता है । इस तकनीक से लगातार 7 महीनों तक सब्जियों का उत्पादन होता है। बिना मिट्टी के खेती करने का तरीका हाइड्रोपोनिक्स कहलाता है। इसमें फसलें उगाने के लिए द्रव्य पोषण या पौधों को दिए जाने वाले खनिज पहले ही पानी में मिला दिए जाते हैं। इस तकनीक द्वारा टमाटर, खीरा, चेरी टमाटर,तरबूज आदि की खेती की जा सकती है

पेड़-पौधे अपने आवश्यक पोषक तत्व जमीन से लेते हैं, लेकिन इस तकनीक में पौधों के लिये आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिये पौधों में एक विशेष प्रकार का घोल डाला जाता है। इस घोल में पौधों की बढ़वार के लिये आवश्यक खनिज एवं पोषक तत्व मिलाए जाते हैं।

पानी, कंकड़ों या बालू आदि में उगाए जाने वाले पौधों में इस घोल की महीने में दो-एक बार केवल कुछ बूँदें ही डाली जाती हैं। इस घोल में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सल्फर, जिंक और आयरन आदि तत्वों को एक खास अनुपात में मिलाया जाता है, ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहें।

यह तकनीक कैसे काम करती है उसकी पूरी जानकारी के लिए निचे दी हुई वीडियो देखें