सिर्फ 20 रुपये के कैप्सूल से पाए पराली से छुटकारा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी

आजकल ज्यादातर किसान अपने खेतों में धान और गेहूं की कटाई हार्वेस्टर से कराने लगे हैं | हार्वेस्टर से कटाई के कारण धान तथा गेहूं की बाली काटने के बाद शेष पौधा बच जाता है, जिसे बाद में आग लगा दी जाती है | आग लगाने से खेत की मिट्टी को नुकसान तो होता ही है साथ ही साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी होता है |

इसे जलाने से प्रदूषण फैलता है इसीलिए कुछ राज्यों में नरवाई जलने पर क़ानूनी रोक लगा दी गई है और सजा का प्रावधान है | आज हम आपको इस ऐसी जानकारी देंगे जिसकी मदद से आप अपनी नरवाई यानि पराली को सिर्फ 5 रूपये में खाद में बदल सकते हैं आपको इसके लिए मात्र 5 रूपये के 4 कैप्सूल की जरूरत पड़ेगी|

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इसको पूसा द्वारा तैयार किया गया है इसलिए इस कैप्सूल का नाम पूसा अपघटन टीका रखा गया है | आपको बता दें कि ये अपघटन टीका एक तरह का डीकम्पोजर है , जिससे धान तथा गेंहू के पौधों के अवशेष का अपघटन कर खाद में तबदील किया जाता है | इस कैप्सूल से तयार होने वाली खाद पौधों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, जिसके कारण आपको बहुत कम या बिलकुल भी यूरिया की जरूरत नहीं रहेगी|

ये बिलकुल उसी तरह काम करता है जैसे वेस्टडीकम्पोजर, लेकिन यह कैप्सूल के रूप में है जिसे आसानी से एक जगह से दुसरे जगह लेकर जाया जा सकता है | इसका मूल्य मात्र 5 रुपये है | इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले 50 ग्राम गुड़ लें और उसे 5 लीटर पानी में मिलायें | अब इस मिश्रण को अच्छी तरह उबालें और उसके बाद इसके ऊपर से सारी गंदगी उतार कर फेंक दें |

फिर इस मिश्रण को एक चौकोर बर्तन जैसे ट्रे या टब में रख के ठंडा होने दें | मिश्रण के हल्का गुनगुना होने के बाद उसमें 50 ग्राम बेसन मिला दें | इसके बाद मिश्रण में 4 कैप्सूल को तोड़ कर लकड़ी से अच्छी तरह से मिला दें | अब ट्रे या टब को एक सामान्य तापमान पर रख दें और इसके ऊपर एक हल्का कपड़ा डाल दें| मिश्रण को ज्यादा हिलाएं नही और छायादार जगह पर रख दें |

आप देखेंगे कि 2 दिन के अन्दर इस्पे एक मलाई जमने लगेगी और उसके ऊपर अलग–अलग रंग के जाले दिखाई देंगे| 10 दिन बाद आपका कल्चर तैयार हो जायेगा, अब इस तैयार मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाकर एक टन कृषि अवशेष में प्रयोग करें | यदि आप गुड में कल्चर को अपस्केल यानी और ज्यादा करना चाहते हैं,

तो पुनःविकास के बाद आप 5 लीटर गुड को उबाल कर फिर से डाल सकते हैं और अच्छी तरह से मिलाकर और 7 दिनों तक विकास के लिए रख सकते हैं | अब कम्पोस्ट तैयार होने के बाद 100 किलोग्राम खाद में से 20 किलोग्राम कम्पोस्ट को ले और अगले 100 किलोग्राम कृषि अवशेष में मिलाएं और खाद तैयार करें | ऐसा तब तक करें जब तक आप पहली अवधि में कम्पोस्ट प्राप्त न करें |

अगर 90 दिन में आपका पहला क्म्पोष्ट तैयार होता है, तो कम्पोस्ट स्टार्टर को तब तक प्रयोग करें जब तक आप 90 दिनों में खाद तैयार करते रहते हैं , लेकिन अगर एक बार समय 100 – 120 दिनों में बदल जाता है तो कृपया ताजा कम्पोस्ट इनोकुलम बना कर डालें | ध्यान रखें कि 5 लीटर पानी में सिर्फ 4 कैप्सूल तोड़ें, इससे ज्यादा पर इसी अनुपात में कैप्सूल का प्रयोग करें |

1 टन कृषि अपशिष्ट के क्म्पोष्ट बनाने के लिए 5 लीटर
एक एकड़ धान क्षेत्र के लिए —– 10 लीटर
1 एकड़ गेंहू , मुंग आदि के लिए – 5 लीटर
एक बोतल से 30 दिन में 1 लाख मैट्रिक टन जैव अपशिष्ट को अपघटित करके खाद तैयार किया जा सकता है |