जानें पशु को बिनौला की खली डालने के नुकसान

किसान भाइयों को पशुपालन में ये दिक्कत आती है कि उनका पशु सरसों की खल नहीं खाता। इसी कारण किसान पशुओं को बिनौला की खल खिलने लगते हैं। लेकिन आज हम आपको बतांएगे कि आपके पशु को बिनौला की खल खिलने के क्या नुकसान हो सकते हैं और आप कैसे अपने पशु को सरसों की खल खिला सकते हैं। हम आपको तीन ऐसे तरीके बताने वाले हैं जिनकी मदद से आप काफी आसानी से पशु को सरसों की खल खिला सकते हैं।

तो किसान भाइयों सबसे पहले आपको बता दें कि बिनौला की खल पशुओं के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक है। बिनौला की खल इतनी खतरनाक है कि इसके कारण पशु का गाभिन ना होना, या बार बार रिपीटर होना और कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। माहिरों के अनुसार बिनौला की खल में सबसे कम प्रोटीन होता है।

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दूसरा कारण ये है कि सबसे ज्यादा पेस्टिसाइड्स का उपयोग कपास को पैदा करने में होता है इसीलिए बिनौला की खल कभी भी पशुओं को ना दें। अब बात करते हैं कि पशु अगर सरसों कि खल ना खाएं तो उसे कैसे खिलाया जाए। किसान भाइयों सबसे पहले ये ध्यान रखें कि जब हम किसी भी पशु का पशुआहार बदलते हैं तो उसे एकदम नहीं बदलना चाहिए। ये बदलाव धीरे धीरे होना चाहिए।

सरसों की खल खिलने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप अपने पशु को पहले सरसों खिलाना शुरू करें। एक दिन में आपको आधा किलो सरसों पीस के पशु को खिला देनी है यानि 250 ग्राम सुबह और 250 ग्राम शाम को। आप जो भी फीड पशु को दे रहे हैं उसमें सरसों डालना शुरू कर दें।

इसके बाद धीरे धीरे इसी तरह फीड में सरसों की खल (250 ग्राम सुबह शाम) को भिगो कर डालना शुरू कर दें। इसके साथ उसमें 100-150 ग्राम चने की चुरी डाल कर खिलाएं। ऐसा करने से पशु काफी आसानी से सरसों की खल खाने लगेगा। इसी तरह आप बिनौला की नुकसानदायक खल छोड़ अपने पशु को सरसों की खल खिलाना शुरू कर सकते हैं।

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