जानें कीटनाशक दवाइयों के उपर बने इन निशानों का मतलब, किसान जरूर पढ़ें

किसान भाइयों आप काफी कंपनियों की कीटनाशक दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि इन दवाइयों की पैकिंग के ऊपर बने लाल, पीले, नीले और हरे रंग के निशानों का मतलब क्या होता है? आपको बता दें कि ये निशान तिकोने आकर में होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि इनका क्या मतलब होता है और कौनसे रंग का निशान क्या दर्शाता है।

किसान अक्सर इन निशानों की ओर ध्यान नहीं देते लेकिन ये काफी महत्त्वपूर्ण होते हैं। इसकी जानकारी हर किसान के लिए जरूरी है।जब भी आप कीटनाशक दवाई खरीदेंगे तो देखेंगे कि उसके ऊपर इन चारों में से किसी एक रंग का निशान बना होगा। आपको बता दें कि ये निशान ये बताता है कि ये दवाई आपके यानि इंसानों के लिए और बाकि जानवरों के लिए कितने प्रमाण में खतरनाक हो सकती है। मतलब इस निशान से उस दवाई में ज़हर की मात्रा दरसाई जाती है ।

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सबसे पहले लाल रंग की बात करें तो जिन भी दवाइयों के ऊपर लाल रंग का निशान होता है उन दवाइयों में सबसे ज्यादा ज़हर होता है और वो सबसे ज़्यादा खरतनाक होती हैं। यानि ये इंसानों और जानवरों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसी तरह पीले रंग के निशान वाली दवाइयों में भी ज़हर तो तेज़ ही होता है

लेकिन लाल निशान वाली दवाई की तुलना में इसमें ज़हर की मात्रा थोड़ी कम होती है। अब नीले रंग के निशान वाली दवाइओं की बात करें तो ये कम ज़हरीली होती हैं। यानि कि ये दवाइयां इसकी 500 ml से कम
वैल्यू से इंसान को कोई खतरा नहीं होता ।

बिलकुल इसी तरह हरे निशान वाली दवाई सबसे सुरक्षित होती है इसमें ज़हर की तीव्रता बहुत ही कम होती है। यानि कि ये इंसानों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचा सकती। तो किसान भाइयों अब से इस निशान को देखके अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही आप दवाइयां खरीदें और उनका इस्तेमाल करें। इनके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए निचे दी गयी वीडियो देखें….

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