किसानों को मालामाल करेगी काले गेंहू की खेती, साधारण गेहूं से डेढ़ गुना महंगी बिकती है फसल

किसान भाइयों को पारम्परिक फसलों में हर साल कम होते जा रहे मुनाफे के कारण कुछ अलग करने की जरूरत है। ऐसे में काले गेहूं की खेती किसानों के लिए एक बहुत बढ़िया विकल्प साबित हो सकता है। आजतक आपने पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में काले गेहूं की खेती के बारे में सुना होगा। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताने वाले हैं जिसने राजस्थान के बूंदी जिले में पहली बार काले गेहूं की जैविक खेती की और सफल भी हुआ।

इस किसान ने एक प्रयोग के तौर पर काले गेहूं की जैविक खेती करने का सोचा और उन्हें इसमें सफलता हासिल हुई। भले ही जैविक तरीके से इसका उत्पादन थोड़ा कम मिलता है लेकिन इसके भाव किसानों को आम गेहूं की तुलना में करीब डेढ़ गुना ज्यादा मिलते हैं। काला गेहूं स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक है। महावीर नाम के इस किसान ने अपनी एक बीघा ज़मीन में काले गेहू की बुवाई की है।

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इस गेहूं में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा के कारण ये काफी महंगा बिकता है। जहां साधारण गेहूं करीब 1800 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल बिकता है, वहीँ काले गेहूं के दाम करीब 3500 से लेकर 4000 रुपए प्रति क्विंटल तक होते हैं। ऐसे में साफ़ है कि किसान काले गेहूं की खेती से दोगुना मुनाफा ले सकते हैं।

साधारण गेहूं के बजाए किसान काले गेहूं की खेती में ज्यादा कमाई कर सकते हैं। काला गेहूं बहुत से रोगों में काफी कारगर साबित होता है। खास बात ये है कि इसके बीजों को हाथ से बोया जाता है जिसके चलते किसानों का खर्च भी बहुत कम होता है। इसमें बालियों की संख्या काफी ज्यादा होती है और नुकसान की संभावना नामात्र होती है। काले गेहूं के बारे में पूरी जानकारी के लिए निचे दी गयी वीडियो देखें…

लहलहाने लगी काले गेंहू की फसल

लहलहाने लगी काले गेंहू की फसल

Rajasthan Patrika ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಗುರುವಾರ, ಫೆಬ್ರವರಿ 13, 2020

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