जानें बिना यूरिया और DAP के गेहूं की 32 क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार लेने का तरीका

किसान भाइयों आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताने वाले हैं जो यूरिया और डी ए पी का इस्तेमाल किये बगैर ही गेहूं की 32 क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार ले रहा है। अब आप ये सोच रहे होंगे कि बिना यूरिया, DAP या फिर किसी कैमिक्ल का इस्तेमाल किये ये किसान इतनी पैदावार कैसे ले रहा है।

आपको बता दें कि इस किसान का नाम रनजीत सिंह है और ये हरियाणा के पानीपत जिले का रहने वाला है। ये किसान उन किसानों के लिए एक उदाहरण है जो आज के समय में गेहूं की फसल में रसायनिक खादों का अंधाधुन्द इस्तेमाल कर रहे हैं। रणजीत सिंह करीब पिछले 15 साल से प्राकृतिक खेती कर रहा है।

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खेतों में किसी भी पेस्टिसाइड और रसायनिक खाद का इस्तेमाल किये बिना भी ये किसान दूसरे किसानों से ज्यादा पैदावार ले रहा है। रणजीत सिंह ने बताया कि वो करीब पिछले 15-20 साल से जैविक खेती कर रहे हैं और इस समय के दौरान उनके खेत की उर्वरा शक्ति काफी बढ़ी है। इस किसान का कहना है कि गेहूं के पौधे को बढ़ने-फूलने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है।

अगर उन पोषक तत्वों की पूर्ति जैविक तरीके से ही कर दी जाए तो उसमें किसी भी तरह के कैमिक्ल का इस्तेमाल करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यानि कि वो फसल में हमेशा जैविक खादों का इस्तेमाल करते हैं जिससे फसल को किसी तरह के कैमिक्ल की जरूरत ही नहीं पड़ती। रणजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने खेत में ही बायोगैस प्लांट लगा रखा है

और उससे तैयार होने वाली सैलरी को लिक्विड फॉर्म में और इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट और जीवामृत का इस्तेमाल अपनी फसल पर करते हैं। इस बार इस किसान ने गेहूं की देसी किस्म DG9 की फसल लगाई है और जैविक खादों के इस्तेमाल से इस किसान ने पिछली बार 70 मण पैदावार ली थी और इस बार कम से कम 80 मण पैदावार मिलने की उम्मीद है। ज्यादा जानकारी के लिए निचे दी गयी वीडियो देखें….

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