सब्जी की खेती ने बदली किस्मत, सालाना 3 फसलें और 3 गुना आमदनी

गांव अभोली के किसान गुरदीप सिंह ने अपने खेतों में उत्तम क्वालिटी का आलू उत्पादन कर न केवल खेती में बड़ा मुकाम हासिल किया है, बल्कि वह पारंपरिक खेती से तीन गुणा आमदनी सब्जियों से लेता है।

उसके खेत में उत्पादित आलू चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में उत्तम क्वालिटी सब्जी कंपीटीशन में तीन बार प्रथम स्थान रहा है। इसी उपलब्धि पर किसान को बड़े किसान मेले में पांच बार मुख्यातिथि से सम्मान भी मिला है। वहीं गुरदीप सिंह अब दूसरे किसानों को सब्जी की खेती के लिए प्रेरित भी करता है।

किसान गुरदीप सिंह का सब्जी उत्पादन में कोई सानी नहीं है, क्याेंकि उसके खेत में उत्पादित सब्जियां उत्तम क्वालिटी की होती हैं। कृषि विभाग के अधिकारी भी इसकी पुष्टि करते हैं। किसान गुरदीप सिंह ने बताया कि उसके पास 14 एकड़ जमीन है। घाटे का सौदा बनी पारपंरिक खेती से उसके परिवार का गुजारा मुश्किल था, लेकिन 20 साल पहले वह कृषि विशेषज्ञों के संपर्क में आया, तो उसको सब्जियाें की खेती की सलाह मिली।

उसके बाद उसने सब्जियों की खेती करना शुरू कर दिया। सब्जियों के उत्पादन से पारंपरिक खेती के मुकाबले तीन गुणा प्रति एकड़ आमदन होती है, क्योंकि साल में वह तीन सब्जियों की फसलें लेता है। वहीं उसके खेतों में उत्पादित आलू चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में उत्तम क्वालिटी में प्रथम रहता है। उसको हर साल किसान मेले में मुख्यातिथि की ओर से आलू की उत्तम क्वालिटी पर सम्मान मिलता है।

गांव अभोली के किसान गुरदीप सिंह के खेत में उत्पादित आलू अच्छी क्वालिटी में पांच बार हरियाणा में प्रथम रहा

भिंडी की फसल से खरपतवार की निराई करवाता किसान गुरदीप सिंह।

सब्जियों की खेती से दर्जनों को मिलता है रोजगार:गुरदीप सिंह ने बताया कि सब्जियों के उत्पादन से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकता है। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिलता है, क्योंकि वह अपने खेतों में 20 सालों से सब्जी उगाता है।

जहां रोजाना करीब 25 लोगों को रोजगार मिलता है। इसके अलावा उसके खेतों में प्रतिदिन दर्जनों किसान विजिट करने पहुंचते हैं। किसान उनको सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित करता है।

सब्जियों की खेती से किसान ले सकते हैं अच्छी आमदनी

कृषि विज्ञान केंद्र में मृदा विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र जांखड़ ने बताया कि सब्जियों के उत्पादन से जहां किसान अच्छी आमदन ले सकते हैं। वहीं भूमि की उपजाऊ शक्ति में भी इजाफा होता है। इसका उदाहरण गांव अभोली में किसान गुरदीप सिंह सब्जियों के उत्पादन से पारंपरिक खेती के मुकाबले तीन गुणा आमदन खेती से लेता है। यह किसान के खेत में उत्पादिक आलू उत्तम क्वालिटी का भी होता है, क्योंकि यह किसान की मेहनत व लग्न का नतीजा है।

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