ये किसान यू-ट्यूब से नई-नई ट्रिक ले करता है खेती, फिर ऐसे बेचता है फसल

कहा जाता है आज के दौर में इंटरनेट युवाओं को गलत कामों में फंसा रहा है, लेकिन दूसरी ओर एक किसान ऐसा भी है, जो इंटरनेट का सही मायनों में इस्तेमाल कर रहा है। फतेहाबाद के जिले के गांव चूहड़पुर के रहने वाले युवा किसान हरविन्द्र सिंह लाली ने सोशल मीडिया में व्हाट्सऐप्प, फेसबुक, ट्विटर व यू-टयूब से जुड़कर हर्बल खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया और आज उसके दिखाए रास्ते पर गांव के अन्य किसान भी चल रहे हैं। यू-ट्यूब से लेता है नई-नई ट्रिक, एफबी और व्हाट्सऐप्प पर बेचता है फसल

किसान हरविन्द्र सिंह का कहना है कि ऐसी खेती की प्रेरणा उन्हें अपने चाचा से मिली। हर्बल खेती में काफी अनुभव हासिल किया। यू-टयूब के माध्यम से खेती की आधुनिक मशीनों व तकनीक का ज्ञान प्राप्त किया।हरविंद्र कीटनाशक का प्रयोग नहीं करता, क्योंकि उसका मानना है कि हर्बल खेती में कीट प्रवेश नहीं करते।

हरविन्द्र ने बताया कि, उसे फेसबुक पर खरीददार हर्बल खेती को उपज को मुंह मांगी कीमत देने को तैयार है। जहां अन्य किसान पराली जलाने पर जोर दे रहे हैं वहीं किसान हरविन्द्र ने पिछले लगभग 15 साल से अपने खेतों में पराली नहीं जलाई।पराली न जलाने से खेती की उर्वरक क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। जब तक दूसरे किसान गेहूं बोने की तैयारी कर रहे होते हैं, तब तक उसके खेत में गेहूं अंकुरित हो जाता है।

लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं है पसंद

हरविंद्र का कहना है कि इस खेती में लागत कम लगती है बस उत्पादन दूसरे से कम होता है, पर उसका वाजिब दाम मिलने से हरविन्द्र सिंह को इसका कोई मलाल नहीं है, उसका मानना है कि अपने मुनाफे के लिए दूसरे की सेहत से खिलवाड़ बिल्कुल भी सही नहीं है।

गौरतलब है कि, इस आधुनिक व पुरातन खेती के समावेश के सफल प्रयोग पर हरविन्द्र को सम्मानित करने के लिए न तो कभी कोई मंत्री आया न ही कोई अधिकारी और उसे इस बात का मलाल भी नहीं है। फिलहाल वो मित्रों की प्रंशसा से खुश रहता है।

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