पूसा में कृषि उन्नति मेला शुरू : जाने क्या है आपके लिए ख़ास

अगर आप आधुनिक खेती का बारीकियां सीखना चाहते हैं । नए तरीके के कृषि यंत्रों को चलाना सीखने के उत्सुक हैं, तो भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा में आज से शुरू हुए कृषि उन्नति मेले में ज़रूर जाएं।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा में कृषि उन्नति मेले की शुरूआत हो चुकी है। तीन दिवसीय इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रति जागरुक करना और आधुनिक खेती में किसानों की भागीदारी बढ़ाना है। यह मेला 16 से 18 मार्च तक चलेगा।

आधुनिक कृषि तकनीकों में किसानों को जागरुक करने के लिए लगाए गए 600 से अधिक स्टॉल।
कृषि उन्नति मेले में देश के कई राज्यों से आ रहे किसानों के लिए 600 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। किसानों को खेती संबंधी सभी जानकारियों के लिए हर एक स्टॉल पर खास तौर पर एक कृषि विशेषज्ञ मौजूद है। इसके अलावा आधुनिक खेती पर जानकारी करने वाले किसानों के खेती पर आधारित तरह – तरह के लिटरेचर उपलब्ध हैं।

इन स्टॉलों में खेती से जुड़ी आधुनिक प्रौद्योगिकियों समेत सूक्ष्म- सिंचाई, अपशिष्ट जल का इस्तेमाल और पशुपालन एवं मत्स्यपालन की प्रदर्शनी दिखाई गई है। मेले में किसानों की आय दोगुनी करने, सहकारी संगठनों आदि पर आधारित थीम पैवेलियन भी ।

कृषि उन्नति मेले में जाएं , तो इन चीज़ों पर ज़रूर डालें नज़र

  • फसल की उत्पादन तकनीकों का लाइव प्रदर्शन ज़रूर देखें।
  • इस्तेमाल न किए जाने वाले पानी का खेती में सफल प्रयोग करना ज़रूर सीखें।
  • माइक्रो एरिगेशन, वेस्ट वाटर यूटिलाइजेशन,पशुपालन(पशुधन, मछलियां आदि) का प्रदर्शन पर डालें नज़र।
  • मृदा और जल परिक्षण स्टॉल पर मुफ्त में ले मदद।
  • जैविक उर्वरक और कृषि रसायनों के बिक्री बिक्री केंद्रों को देखें।

  • सब्जियों और फूलों की फसलों को सुरक्षित रखने की तकनीकें ज़रूर सीखें।
  • आईसीएआर की तरफ से लगाए गए स्टॉल में आधुनिक कृषि यंत्रों को खुद से चलाकर देखिए।
  • खेती में सिंचाई की नई तकनीकों को ज़रूर समझें।
  • कृषि गोष्ठी में भाग अवश्य लें।
  • विभिन्न कृषि विषयों पर प्रदर्शित होने वाली फिल्मों को देखें।

भारत सरकार द्वारा आयोजित कृषि उन्नति मेला पूसा नई दिल्ली दिनांक 17 मार्च को 2:30 बजे से हॉल-1 में ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार,मसौदा एपीएलएम अधिनियम, हॉल-2 में किसान उत्पादक संगठनका संविधान –भूमिका हॉल-3 में आय संवर्धन के लिए पशुधन और मात्स्यिकी प्रबंधन पर चर्चा होगी।

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