सिर्फ 60 हज़ार की है यह जाली वाली बाड़ बनाने वाली मशीन

चेन लिंक बाड़ जा जाली वाली बाड़(Chain Link Fence) का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है चाहे वो खेत हो ,बाग़ हो जा फिर फार्म हाउस हो जाली वाली बाड़ के इस्तेमाल से जानवर अंदर नहीं आ सकते । आवारा पशुओं की बढ़ रही गिनती के कारण इस तरह की जाली वाली बाड़ की मांग तेज़ी से बढ़ रही । इस लिए आप चेन लिंक बाड़ बना कर अच्छा खासा मुनफा कमा सकते है ।

कच्चे माल के लिए आप को सिर्फ वायर चाहिए होती है ।इस मशीन से आप 2-4 mm की वायर का इस्तेमाल कर सकते है और आप को सिर्फ 4 बन्दों की लेबर की जरूरत पड़ती है । एक छोटे से शेड में आप यह काम शुरू कर सकते है ।

इसको बनाने के लिए सिर्फ एक मशीन की जरूरत पड़ेगी जिसकी कीमत सिर्फ 60 हज़ार है ।यह मशीन वायर मोड़ने का काम करती है बाकि सारा काम हाथ से करना पड़ता है । अगर आपको आटोमेटिक मशीन चाहिए तो उसकी कीमत 11 लाख के करीब होती है ।जो सारा काम अपने आप करती है ।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

लेकिन आप छोटे स्तर पर इस 60 हज़ार वाली मशीन से शुरुआत कर सकते है और मांग बढ़ने पर आटोमेटिक मशीन खरीद सकते है ।इस छोटी मशीन की उत्पादन क्षमता 8.0 से 8.5 मी / मिनट है ।
इसको चलने के लिए 3 HP बिजली की मोटर की जरूरत पड़ती है ।

अगर आप इस मशीन को खरीदना चाहते है तो निचे दिए हुए पते पर संपर्क कर खरीद सकते है। इसके इलावा भी बहुत सारी कंपनी है जो यह मशीन बनाती है और ज्यादा जानकारी के लिए Google पर “Chain Link Fence Machine” लिख कर सर्च कर सकते है ।

Address:Power Machine Tools
Batala – 143505, Punjab, India
Call :08079446214

यह मशीन सिर्फ चारा ही नहीं काटती,आटा और दलिया भी त्यार करती है

हर किसान घर पर एक दो पशु जरूर पालता है और उसके लिए उसे एक अच्छी चारा मशीन की जरूरत होती है । और हर किसान के घर में एक चारा मशीन जरूर होती है ।

लेकिन क्या हो अगर चारा काटने वाली मशीन चारा काटने के साथ साथ आटा पीसने ,दलिया बनाने और फसलों के अवशेषों का चुरा बनाने का भी काम करे । ऐसी ही एक मशीन विधाता कंपनी द्वारा त्यार की गई है जो ये तीनो काम करने में सक्षम है ।

इस मशीन की दूसरी खास बात यह है की इस मशीन का आकार बहुत छोटा है जिस की सहयता से हम 20 गाय और 150 बकरी का चारा काट सकते है । इस मशीन के साथ मक्का ,जवार बाज़रा अदि का चारा त्यार कर सकते है ।

इसमें अलग अलग आकार की छाननी लगी होती है । जिस से हम दाने का आकार बड़ा जा छोटा कर सकते है । इसमें 2 से लेकर 10 की मोटर का इस्तमाल होता है ।और इसको डीज़ल इंजन से भी चला सकते है । इस मशीन की पूरी जानकारी के लिए निचे दिए हुए नंबर पर सम्पर्क कर सकते है । WhatsApp no + 91 562 2240765

यह चारा मशीन कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें

ये है ट्रेक्टर चलित राइस मिल जो 1 घंटे में निकालती है 1200 किलो चावल

किसान धान उगता है और बाजार में बहुत कम भाव में बेच देता है । व्यापारी द्वारा उसका आर्थिक शोषण होता है । जहाँ तक की अगर उसे खुद खाने के लिए चावल की जरूरत होती है तो उसे अपने खाने के लिए चावल बाजार से खरीदना पड़ता है क्योंकि उसके द्वारा पैदा की हुई धान पर छिलका लगा होता जिसको खाने से पहले उतरना पड़ता है । इन दोनों बातों का हल अब निकल आया है ।

अब बाजार में ऐसी ट्रेक्टर से चलने वाली राइस मिल आ गई है जिस से आप चावल का छिलका आसानी से उतार सकते है । जिस से किसान चावल को सीधे बाजार में बेच सकता है । और अपने खाने के लिए भी रख सकता है । सीधे बाजार में बेचने से किसानो को दोगुना लाभ हो सकता है । इस मशीन को चलने के लिए ट्रेक्टर की पावर 34 से 50 H.P. तक होनी चाहिए । यह मिल एक घंटे में 1000-1200 किलो चावल साफ़ कर देती है ।

इस मिल की मुख्य विशेषता यह है, कि इसमें एक ही बार में धान की डिहस्किंग एवं पॉलिशिंग होती है तथा चावल भी कम टूटता है एवं ऊर्जा की खपत भी कम होती है। इस मिल को आसानी से ट्रेक्टर से एक गांव से दूसरे गांव ले जाया जा सकता है। इसके परिणाम अत्यंत उत्साह जनक पाए गए हैं, जिसके कारण कृषकों में इसकी मांग बढ़ रही है।

ये मिल कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

इस मिल की पूरी जानकारी के लिए आप निचे दिए हुए नंबर पर संपर्क कर सकते है ।

पूर्वांचल कृषि यन्त्र उद्योग
Village– Mubarakpur, Tanda, Distt:-Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh,
Phone : +917210113837

 

किसान के बेटे ने पिता के लिए बनाया Remote से चलने वाला ट्रैक्टर

भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, ये बात अक्सर लोग कहते हैं, साथ ही ये भी कहा जाता है कि भारत में प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है। उसके बाद भी अक्सर आप देखते होंगे कि प्रतिभा अपने आप चमक बिखेर देती है। कुछ बड़ा या फिर नया करने के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी बड़े संस्थान में पढ़ाई करें, जो काम आईआईटी के छात्र नहीं कर सकते हैं वो काम एक किसान के बेटे ने कर दिखाया है। उसकी प्रतिभा का डंका आज पूरे देश में बज रहा है।

राजस्थान के बारां जिले के बमोरीकलां गांव में एक किसान के बेटे ने जो कारनामा किया है उस से उसके पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। 19 साल का ये युवक लगातार नए आविष्कार करने में लगा रहता है। उस ने अब जो चीज तैयार की है उस से खेती काफी आसान हो सकती है। छोटी सी उम्र में इस युवक ने अपनी बुद्धि के बल पर 27 से अधिक आविष्कार किए हैं। इस लड़के का नाम योगेश कुमार है। इसके आविष्कार देख कर आईआईटी में पढ़ने वाले लोग भी हैरान हैं। योगेश नागर फिलहाल मैथ्स से बीएससी कर रहा है। वो फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है।

योगेश के पिता राम बाबू नागर 15 बीघा जमीम पर खेती करते हैं. इसी से परिवार का खर्चा चलता है। अपने पिता की मुश्किलों को देख कर योगेश ने कुछ ऐसा करने की ठानी जिस से उनका काम आसान हो जाए, इसके लिए वो लगातार काम कर रहा था। उसके पिता को ट्रैक्टर चलाते समय पीठ में दर्द की शिकायत होती थी। पिता की तकलीफ को दूर करने के लिए योगेश ने रिमोट ऑपरेटिव सिस्टम डेवलप किया है। इससे खेत में एक जगह बैठकर रिमोट से ट्रैक्टर चलाकर जुताई की जा सकती है। बिना ड्राइवर के ट्रैक्टर को चलता देखकर गांव वाले भी हैरान रह जाते हैं।

अब योगेश के पिता का काम काफी आसान हो गया है। वो एक जगह खड़े हो कर ट्रैक्टर चलाते हैं। इस से उनका समय भी बचता है और पीठ दर्द की शिकायत से भी मुक्ति मिल गई है। योगेश के इस आविष्कार से गांव के लोग भी हैरान हैं, उनका कहना है कि योगेश में बहुत प्रतिभा है, उसे सही मार्गदर्शन मिले तो वो भारत का नाम रोशन कर सकता है। अब योगेश की चर्चा पूरे देश में हो रही है। रिमोट से ट्रैक्टर चला कर योगेश ने वो कारनामा किया जिस से भारत के किसानों की काफी मदद हो सकती है।अब योगेश को उम्मीद है कि उनके पिता को खेती के दौरान आने वाली समस्याओं का सामना नहीं करकना पड़ेगा।

वीडियो भी देखें

बेलों को बांधने के लिए बहुत ही उपयोगी है यह यंत्र ,यहाँ से खरीदें

फल जैसे अंगूर और ज्यादतर सब्जियां बेल पर ही उगती है । लेकिन पहले की तरह अब खेती करने का तरीका बदल गया है । पहले सब्जी की बेलों को जमीन पर ही बढ़ने दिया जाता था जिस से पैदावार कम होती थी और साथ में जो फल पैदा होता था वो जल्दी ख़राब हो जाता था ।

लेकिन अब इन बेलों को एक डंडे के साथ बांध दिया जाता है जिस से वो बहुत तेज़ी से बढ़ती है और साथ में उनका फल भी ख़राब नहीं होता । इस तकनीक से फल और सब्जी का आकार भी बड़ा होता है और उसे तोड़ने में भी कोई समस्या नहीं आती ।

लेकिन बांधने का काम बहुत मुश्किल भरा और मेहनत वाला होता है । लेकिन अब एक ऐसा यंत्र (Plant Tying Tapetool Tapener Machine) आ गया है जो बेलों को छड़ी के साथ बांधने का काम मिंटो में कर देता है । सिर्फ इतना ही नहीं अगर आप बाग़ बगीचे का शौंक रखते है तो भी यह यंत्र आपके लिए बहुत काम की चीज़ है । इस से आप फूलों की शाखाओं को बांध सकते है ।

इस यंत्र को आप ऑनलाइन खरीद सकते है । इस यंत्र के लिए जरूरी टेप भी आप ऑनलाइन खरीद सकते है । इस यंत्र को खरीदने के लिए निचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें । इस मशीन की कीमत 2400 रुपये है ।

https://amzn.to/2IRvKGP

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

यह बकरी देती है गाय के बराबर दूध,जाने इस बकरी की पूरी जानकारी

अल्पाइन नस्ल माध्यम से बड़े आकार की बकरी है । अल्पाइन बकरी इसकी बहुत अच्छा दूध देने की क्षमता के लिए जाना जाता है। उनके पास सींग, सीधी प्रोफ़ाइल और कान खड़े हैं।

ਗਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬੱਕਰੀ ਦੀ ਇਹ "ਅਲਪਾਇਨ" ਨਸਲ

Posted by ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਅਤੇ ਸਹਾਇਕ ਧੰਦੇ on Friday, May 25, 2018

यह मुख्या रूप में फ्रांस की नस्ल है । इसका वजन लगभग 61 किलोग्राम (135 एलबीएस) होता है, और कंधे पर लगभग 76 सेमी (30 इंच) लंबा होता है।

अल्पाइन बकरियां सफेद या भूरे से भूरा और काले रंग तक हो सकती हैं। अल्पाइन बकरियां भारी मात्रा में दूध देती हैं। दूध को मक्खन , पनीर , आइसक्रीम या गाय के दूध से बने किसी अन्य डेयरी उत्पाद में बनाया जा सकता है ।

माल्टीज़ एक मूल्यवान दूध देने वाली नस्ल है; दूध में अत्यधिक “बकरी” गंध बिना सुखद स्वाद वाला होता है।यह नसल एक दिन में 5 से 10 लीटर से भी ज्यादा दूध दे सकती है । यह नसल अभी भारत में उपलब्ध नहीं है । लेकिन अगर इस नसल को भारत में लाया जाये तो यह भारत के किसानो के लिए वरदान साबित होगी ।

जापान में ऐसे लगाई जाती है धान आप देख कर रह जाएंगे हैरान

जापान जैसे की आप को पता है एक छोटा सा देश है लेकिन टेक्नोलॉजी के मामले में उसने अपना लोहा सारी दुनिया में मनवाया है ।वैसे तो जापान इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यहाँ की खेती भी बहुत एडवांस है ।

आज हम आपको दिखायेंगे के जापान में धान की खेती कैसे की जाती है ।जापान की तकनीक हमारे भारत के मुकाबले में इतनी एडवांस है के हमें वैसे धान लगाने के लिए कम से कम 50 साल लग जायँगे ।

इसकी वजह यह है के यहाँ पर धान लगाने का सारा काम पौध त्यार करने से लेकर कटाई तक सारे का सारा काम मशीनो से ही किया जाता है जिस से वक़्त और मेहनत की बचत तो होती है । फसल की गुणवत्ता भी कई गुणा बढ़ जाती है।यहाँ पर कीट नाशक सप्रे करने का काम भी हेलीकॉप्टर से किया जाता है जिस से खर्च भी कम होता है और यह काम होता भी बड़ी तेज़ी से है ।

तो हम आपको एक वीडियो के जरिए धान लगाने की सारी तकनीक के बारे में बताते है ।

यह है हाथ से चलने वाला “फिंगर वीडर” मिंटो में करता है नदीनो का खात्मा

खेती में नदीन फसल को बहुत नुक्सान पहुंचते है । अगर यह बेकाबू हो जाए तो फसल का उत्पादन आधे से कम रह जाता है ।इस लिए इन्हे शुरुआत में ही काबू करना जरूरी है । लेकिन नदीनो पर काबू करने के लिए नदीननाशक के इलावा यंत्र का भी उपयोग किया जा सकता है ।

लेकिन किसान के लिए सबसे दुर्भाग्य पूर्ण बात है के नदीननाशक यंत्र बहुत महंगे है जो ज्यादातर ट्रेक्टर जा इंजन से चलते है । जिसे खरीदना हर किसान के बस की बात नहीं खास तौर पर जिन किसानो की ज़मीन का आकार बहुत छोटा होता है वो ऐसे यंत्र खरीद नहीं सकते ।

इस लिए ऐसे किसानो को हाथ से नदीन नाशक निकालने पड़ते है ।लेकिन यह काम बहुत मेहनत भरा और वक़्त लेने वाला है ऐसे किसानो के लिए एक ऐसा ही यंत्र त्यार किया गया है जो हाथ से चलता है और जिसे फिंगर वीडर(Finger weeder) कहते है । इसका यह नाम इस लिए पड़ा क्योंकि यह बिलकुल हाथों की तरह ही नदीन साफ़ कर देता है वो भी बहुत तेज़ी से ।

लेकिन बड़े खेद के बात है यह आसान सा दिखने वाला यंत्र कोई भी भारत की कंपनी जा सरकार द्वारा त्यार नहीं किया गया । ऐसे छोटे यंत्र किसानो के लिए बहुत ही उपयोगी है। सरकार को किसानो के लिए ऐसे आसान यंत्र जरूर बनाने चाहिए ।

लेकिन इसको बनाना कोई मुश्किल नहीं है किसान भाई अपने स्तर पर इसको त्यार कर सकते है वो भी बहुत ही कम कीमत पर ।यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें ।

ये है हाथ से चलने वाली बिजाई मशीन, यहाँ से खरीदें

आप ने ट्रेक्टर के साथ खेत में बिजाई तो बहुत देखी होगी । लेकिन अभी भी बहुत से लोग है जो बैलों से खेती करते है । ऐसे किसान बीज बोने के लिए हाथ से छींटे दे देते है । जिस से फसल अच्छी नहीं होती । ऐसे किसानो के लिए अब बहुत सी कंपनी बिजाई की मशीन बना रही है जो हाथ से चलती है और जो बहुत अच्छी बिजाई करती है ।

आज  हम आपको जिस कंपनी की मशीन दिखने वाले है उस कंपनी का नाम है “ओम एग्रो वर्ल्ड ” । यह कंपनी ट्रेक्टर के साथ चलने वाली बिजाई मशीन तो बनाती ही है साथ में साथ से चलनी वाली बिजाई मशीन भी बनाती है ।

इस मशीन में एक बार में 4 किल्लो बीज डाला जा सकता है । यह मशीन 1 कतार में बिजाई करती है ।इस मशीन का वजन लगभग 12 किलो होता है । ये मशीन नरम और सख्त दोनों प्रकार की मिट्टी पर आसानी से चलती है इसके हेंडल की उचाई किसान अपने हिसाब से ऊपर निचे कर सकता है । इस मशीन की कीमत 5142 रुपये है ।

यह मशीन कैसे काम करती है इसके लिए यह वीडियो देखें

अगर आप इस मशीन की कीमत और दूसरी कोई जानकारी के बारे में जानना चाहते है तो निचे दिए हुए नंबर पर कांटेक्ट करें फ़ोन – +91 804296 4004 ,+91 98815 10419

ये है हाथ से चलने वाली और नदीन निकालने वाली हैरो डिस्क,वीडियो देखें

खेती में नदीन फसल को बहुत नुक्सान पहुंचते है । अगर यह बेकाबू हो जाए तो फसल का उत्पादन आधे से कम रह जाता है ।इस लिए इन्हे शुरुआत में ही काबू करना जरूरी है । लेकिन नदीनों पर काबू करने के लिए नदीननाशक के इलावा यंत्र का भी उपयोग किया जा सकता है ।

नदीननाशक का उपयोग इस लिए कम करना चाहिए क्योंकि इसका असर मुख्या फसल पर भी होता है और धीरे धीरे नदीनों की सहनशीलता बढ़ने लग जाती है और सारी नदीननाशक दवाएं बेअसर हो जाती है । इस लिए सबसे बेहतर यही होता है नदीनों का ख़ात्मा किसी यंत्र की मदद से किया जाए ।

डिस्क हैरो के बारे में हम सब जानते है । इसका इस्तेमाल ट्रेक्टर के साथ खेत में फसल अवशेषों को मिट्टी के अंदर गलाने के लिए किया जाता है । लेकिन अब एक ऐसे हैरो डिस्क आ गए है जिनका इस्तमाल हाथ से किया जाता है और इसके इस्तमाल से हम बड़ी आसानी से नदीनों को साफ़ कर सकते है ।

लेकिन बड़े खेद के बात है यह मशीन भारत में नहीं बनती यह मशीन अमेरिका में बनती है और इसकी कीमत करीब 4900 रुपये (76 $) है ।

लेकिन इसको बनाना कोई मुश्किल नहीं है किसान भाई अपने स्तर पर इसको त्यार कर सकते है वो भी बहुत ही कम कीमत पर ।यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें ।