पंजाब में भी किसानो ने शुरू की काले चावल की खेती

भारत में धान की खेती बहुत बड़े क्षेत्र में होती है पर कभी आप ने काले चावल (काले धान) की खेती की है । आपके लिए बेशक यह हैरानी की बात होगी लेकिन आसाम के जिला गोलपुर में यह एक आम बात है यहाँ पर 200 से ज्यादा किसान काले धान की खेती कर लाखों रुपए की कमाई कर रहे है ऐसा इस लिए है जहाँ पर आम चावल की कीमत 15 से 80 रु किल्लो तक होती है वहीँ काले चावल की कीमत 200 से 500 रु किल्लो तक होती है ।

भारत में सब से पहले काले चावल की खेती आसाम के नौजवान किसान उपेन्दर राबा ने 2011 में शुरू की जो की गांव आमगुरीपारा,जिला गोलपुरा ,आसाम का रहने वाला है इस किसान को कृषि विज्ञानं केंदर ने काले चावल की खेती करने के लिए प्रेरित क्या था ।

पर आस पास के किसानो को शुरू में उपेन्दर पर यकीन नहीं था ।लेकिन जब उपेन्दर का प्रयोग पहले ही साल कामयाब रहा तो बाक़ी किसानो ने भी काले चावल की खेती करना शुरू कर दिया क्योंकि इसमें मुनाफा कई गुना ज्यादा था ।

आसाम की सरकार भी किसानो को काले चावल की जैविक खेती करने के लिए उत्शहित कर रही है क्योंकि जहाँ आम साधारण काले चावल की कीमत 200 से 250 रु किल्लो है वहीँ ऑर्गनिक काले चावल की कीमत 500 रु किल्लो है ।

काले चावल की खेती की भारत में अभी तक शुरुआत है उम्मीद है धीरे धीरे यह खेती पुरे भारत में होने लगेगी और बाक़ी किसानो को भी इसका लाभ मिल सकेगा ।अगर आप इसकी खेती करना चाहते है तो इसका बीज ऑनलाइन मिल जाता है । और इसे आप ऑनलाइन ही बेच भी सकते है ।बहुत से व्यापारी इसकी कॉन्ट्रैक्ट खेती भी करवाते है

पंजाब में भी किसानो ने शुरू की काले चावल की खेती

पंजाब के जिला फ़िरोज़पुर के गांव माना सिंह वाला में इस साल पहली बार पंजाब के कुश किसानो ने काले चावल की खेती की ।अभी उनको मार्किट में 500 रुपये किल्लो तक की पेशकश मिल रही है । पंजाब में इस चावल की प्रति एकड़ 15 से 20 कुंतल निकलने की सम्भावना है। पंजाब के तीन किसानो ने मिल कर 35 एकड़ में काले धान की पहली बार खेती की और उन्हें काफी अच्छे नतीजे मिल रहे है ।

किसान जसविंदर सिंह बताते है की वो इसका बीज मिजोरम से लाए है इस बार इस धान की ऊंचाई 7 फ़ीट तक हो गई है और इसके लिए किसी भी तरह की खाद डालने की जरूरत नहीं है ।अभी चावल त्यार भी नहीं हुआ और बहुत से दुकानदार इसका बीज बनाने के लिए किसनो को मुंह मांगी कीमत देने के लिए त्यार है ।

काले चावल का इतिहास

विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर, काले चावल का इतिहास काफी संपन्न और रोमांचक है.एशिया महाद्वीप में चावल प्रमुख रूप से खाया जाता है. पुराने समय में चीन के एक बेहद छोटे हिस्से में काले चावलों की खेती की जाती थी और ये चावल सिर्फ और सिर्फ राजा के लिए हुआ करते थे.

हालांकि आज इस पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन फिर भी सफेद और ब्राउन रास की तुलना में इसकी खेती बहुत कम ही होती है. अौर कम ही लोग इसके बारे में जानते हैं. जबकि यह अन्य चावलों की तुलना में ज्यादा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होते हैं.

काले चावल खाने के फायदे:

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं काले चावल को उसके पोषक गुणों के कारण जाना जाता है. काले चावल एंटी-ऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर होते हैं. बता दें कि एंटी-ऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होते हैं. हालां‍कि कॉफी और चाय में भी एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं लेकिन काले चावल में इसकी मात्रा सर्वाधिक होती है. इससे ये बॉडी को डि‍टॉक्स करते हैं जिससे कई तरह की बीमारियां और सेहत संबंधी परेशानि‍यां दूर रहती हैं. इस लिए इसे कैंसर के इलाज के लिए सब से ज्यादा उपयोगी बना जाता है