बहुत तेज़ी से खरपतवार निकालने के लिए करें इस यंत्र का इस्तेमाल, सिर्फ 600 है कीमत

फसलों मे नदीनो को निकालना बहुत महत्वपूर्ण होता है, खरपतवारों के कारण फसलों का 50% नुक़्सान हो जाता है। खेत में नदीनो को हटाने के लिए ट्रैक्टर का प्रयोग किया जाता है।

ट्रैक्टर के द्वारा नदीनो  को निकालना महंगा पड़ता है। हम हर जगह ट्रैक्टर का उपयोग नहीं कर सकते हैं, इस वजह से फसलों को बहुत नुकसान होता है।

किसान भाई ने एक उपकरण विकसित किया है। इस दुवारा आसानी से सब्जियों, गन्ना, कपास, और खेतों की मेड़ो पर नदीनो को निकाला जा सकता है।

नदीनो को फावड़े से निकालने के दौरान कई बार फसल का नुकसान हो जाता है लेकिन इस यंत्र से फसल नुकसान के बिना नदीनो को निकाला जा सकता है। फावड़े के साथ जो काम पूरे दिन मे होता है, इस यंत्र के साथ 2 घंटे में हो जाता है। इस यंत्र की कीमत 600 रुपए है।

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कृषि कार्य
ढिल्लों रोड साहनेवाल जिला लुधियाना
सम्पर्क – 9855491616, 9988061616

बाइक में लगाई सीड ड्रिल मशीन : एक घंटे में कर रहे आधा एकड़ में बोवनी, खर्च सिर्फ 100 रुपए

नगर के एक किसान ने बाइक में शीड्रिल मशीन लगाई। इससे एक घंटे में आधा एकड़ में बोवनी हो रही है। ट्रैक्टर की अपेक्षा बोवनी में खर्च भी काफी कम है। किसान मोहन पाटीदार ने बताया बाइक में सीड ड्रिल मशीन लगाकर यह जुगाड़ तैयार की है।

इससे अब तक 10 एकड़ भूमि में बोवनी कर चुके हैं। एक घंटे में आधा एकड़ भूमि की बोवनी आसानी हो जाती है। जबकि एक घंटे में इस बाइक जुगाड़ में मात्र 100 रुपए का पेट्रोल खर्च होता है। वहीं आधा एकड़ भूमि की ट्रैक्टर से बोवनी करने में करीब 800 रुपए का खर्च आता है। इससे प्रति एकड़ बोवनी करने पर ट्रैक्टर की अपेक्षा 1400 रुपए कम खर्च आता है।

उन्होंने बताया इस बाइक मशीन को तैयार करने में 30 हजार रुपए का खर्च आया है। इससे मक्का, सोयाबीन, चना व गेहूं आदि की बोवनी आसानी से की जा सकती है। अब तक 10 एकड़ भूमि में मक्का की बोवनी कर चुके हैं।

हाइड्रोलिक सिस्टम है

इस जुगाड़ में हाइड्रोलिक सिस्टम भी है। इससे खेत से घर व घर से खेत ले जाते समय हाइड्रोलिक सिस्टम से सीड ड्रिल को जमीन से उठा सकते हैं, ताकि सड़क व खेत के अलावा अन्य स्थान पर बाइक चलाने में सीड ड्रिल जमीन से न टकराए। इसे 15 दिन में तैयार किया है।

रिवर्स गियर की है सुविधा

आम तौर पर बाइक में रिवर्स गियर की सुविधा नहीं होती है लेकिन इस जुगाड़ में रिवर्स गेर की भी सुविधा है। इससे बोवनी करने के दौरान खेत में इसे आसानी से रिवर्स किया जा सकता है। साथ ही बाइक मेंटेनेंस के बराबर ही इसके मेंटेनेंस का खर्च है। सीमित भूमि वाले किसान के लिए यह काफी उपयोगी है।

सालों पुराने पेड़ों को उखाड़कर दूसरे जगह रोपता है ये मशीन, इन खास तकनीक से है लैस

अब भारत के बड़े बड़े शहरों में कम से कम उन पेड़ों को काटने की जरूरत नहीं रह गई, जो 20 साल तक पुराने हैं, या जिनकी जड़े 6-7 फुट गहराई तक ही गई हैं। अलग-अलग प्रोजेक्ट में रुकावट बन रहे पेड़ों को काटना नहीं पड़ेगा।

बल्कि जर्मनी की एक मशीन के जरिए इन्हें उखाड़कर दूसरी जगह लगा दिया सकते है। दिलचस्प बात ये है कि जिन पेड़ों का पता बदला है, उसमें से 99 फीसदी लहलहा रहे हैं। लगाए जाने के बाद हल्की बारिश ने इन पेड़ों में फिर से जान फूंक दी है।

जर्मनी तकनीक से है लैस

जर्मनी से आयातित इस मशीन को ट्री ट्रांसप्लांटर मशीन कहते है । भारत में यह मशीन जर्मनी से मंगवाई है। खास किस्म के बुलडोजर जैसी दिखने वाली एक मशीन 1.75 करोड़ रुपए की है। दरअसल पूरा सिस्टम एक भारी वाहन के रूप में असेंबल्ड है। एक्सपर्ट ने बताया कि सिर्फ 10 लीटर डीजल में यह मशीन एक घंटे में एक पेड़ उखाड़कर इसे दूसरी जगह लगा देती है।

 फीट मोटे पेड़ पर सफल

ट्री ट्रांसप्लांटर मशीन से 36 इंच (तीन फीट चौड़ाई ) वाले पेड़ को आसानी से उखाड़ा जा सकता है। मशीन को आपरेट करने वाले इश्तियाक अहमद ने बताया कि इससे 15-20 साल पुराने पेड़ को आसानी से उखाड़कर शिफ्ट किया जा सकता है। ऐसा हर पेड़ इस मशीन की जद में है, जिसकी जड़ें 6-7 फीट गहराई तक हों।

यह है चौरस गड्डा खोदने वाली मशीन ,ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो पर क्लिक करें

गड्ढा खुदाई यंत्र (post hole digger) :- यह एक औगर (auger) युकत यंत्र है, जिसका प्रयोग पौधा लगाने हेतु गड्ढा खोदने में किया जाता है | यह ट्रैक्टर के पी.टी.ओ. द्वारा संचालित एवं उसके थ्री प्वाईंट लिंकेज द्वारा जुड़ा एक अटैचमेन्ट है |

औगर एसेम्बली को बदलकर गड्ढे के ब्यास एवं उसकी गहराई को परिवर्तित किया जा सकता है | मशीन का वजन 150 – 240 कि.ग्रा. होता है एवं इसे 35 एच.पी. ट्रैक्टर से चलाया जा सकता है | मशीन के गड्ढा बनाने की क्षमता 90 गडढे प्रति घंटा होती है |

ज्यादातर होल डिगर गोल गड्डा खोदते है लेकिन अब एक ऐसा होल डिगर (गड्डा खोदने वाला) आ गया है जिस से आप चौरस आकार का गड्डा खोद सकते है |

इसका फ़ायदा ये होता है जब हम कोई दीवार के लिए पिलर त्यार करना होता है जा फिर ऐसे ही पिलर बनाना होता है तो उसका आकार चौरस ही होता है ऐसे में इस मशीन की सहयता से हम बड़ी आसानी से गड्डा खोद सकते है

वीडियो देखे :

आ गई ऐसी मशीन जो फसल काटने के साथ फसल का बंडल भी बना देगी

अब किसानों को मजदूर ढूंढ़ने में दिक्कत नहीं होगी। क्योंकि अब फसल के बण्डल बनाने के लिए लेबर की जरूरत नहीं रहेगी । फसल काटने के लिए पहले ही मशीन उपलब्ध थी लेकिन अब ऐसी भी मशीन आ गई है जो गेहूं के फसल का बंडल भी बना देगी।

BCS कंपनी की मशीन आ गई है जो गेहूं की फसल काटने के बाद उसका बंडल बांधने का काम भी करती है। इस मशीन के आ जाने से किसानो काफी परेशानियों का समाधान हो जायगा । क्योंकि पहले कंबाइन के काटने से जब वह गेहूं को बिलकुल जड़ के पास से काटती तो थी लेकिन उससे भूसा नहीं मिलता था और किसानो के सामने पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो जा रही थी।

अब इस मशीन के आ जाने से कटे हुए गेहूं से पर्याप्त मात्रा में भूसा भी बना सकते है । साथ ही मजदूर खोजने की परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी। सिर्फ गेहूं ही नहीं यह मशीन गेहूँ , धान ,सोयाबीन ,धनिया, मूंग ,तिल्ली ,चना, मसूर, अलसी, सरसो और हर प्रकार के चारे की फसल काट सकते है ।

इस मशीन की कीमत बाजार में करीब ढाई लाख रुपये है। इसे ट्रैक्टर के बिना चलाया जा सकता है। मशीन में 10.2 हार्सपावर का इंजन बंधा हुआ है। मशीन एक घंटे में करीब एक एकड़ फसल काटकर उसके गट्ठर बांध देती है। जिसके लिए यह सिर्फ 1 लीटर डीज़ल का प्रयोग करती है । इसके 5 गेअर होते है जिसमे 4 आगे के और एक पीछे का होता है ।

अगर आप इसको खरीदना चाहते है तो BCS कंपनी के डीलर से संपर्क कर सकते है ।इसके डीलर भारत के सभी छोटे बड़े शहरों में है और ज्यादा जानकारी के लिए आप इनके हेड ऑफिस जो लुधिआना (पंजाब) में है संपर्क कर सकते है जिनके नंबर नीचे दिए है

Mr. S. K. Bansal + 91 98728 – 74743
Mr. Malkeet Singh Babrah (Head Production & Purchase)
+ 91 98728 – 74745

यह कैसे काम करते है देखने के लिए यह वीडियो देखें

बहुत कमाल की है यह गन्ना काटने वाली मशीन,जाने पूरी जानकारी

भारत में गन्ने की फसल मुख्या फसलों में से एक है इस लिए देश के बहुत सारे किसान गन्ने की खेती पर निर्भर है । लेकिन सब से मुश्किल काम गन्ने की कटाई का होता है। अगर इसको हाथ से करें तो बहुत वक़्त और मेहनत लगती है इस लिए अब एक ऐसी मशीन आ गई है जिस से गन्ने को काटने का काम बहुत आसानी से किया जा सकता है ।

यह मशीन एक घंटे में 900 से 1000 क्विंटल की कटाई कर देती है । यहाँ लेबर का खर्चा प्रति क्विंटल आता है वहीँ इस मशीन से इसका खर्चा सिर्फ 6 रुपये आता है । इस मशीन के साथ सिर्फ ट्रिंच विधि से ही गन्ने की कटाई की जा सकती है । आम तरिके से लगाए गए खेतों में इस मशीन को नहीं चलाया जा सकता ।

शक्तिमान कंपनी द्वारा गन्ना काटने वाली मशीन त्यार की गई है जो गन्ना काटने का काम बहुत तेज़ी से कर सकती है । इस मशीन का इंजन बहुत ही ताकतवर है इसमें 6 सिलिंडर वाला 173 हॉर्स पॉवर का इंजन लगा है ।यह मशीन पूरी तरह से आटोमेटिक है इसके केबिन में डिस्प्ले लगा हुआ है जिस पर हम मशीन की सारी गतिविधि देख सकते है ।

इस मशीन को चलना बहुत ही आसान है । केबिन में AC भी लगा होता है पूरी मशीन को सिर्फ एक लिवर (जॉय स्टिक) से चल्या जाता है ।अगर आप इस मशीन की कीमत जा फिर कोई और जानकारी चाहते है तो निचे दिए नंबर और पते पर संपर्क कर सकते है ।

  • TIRTH AGRO TECHNOLOGY PVT. LTD.
    Dist.: Rajkot.State: Gujarat- INDIA
    Pincode-360311.
  • +91 (2827) 661637 (30 Lines) / +91 (2827) 270 537
  • SMS +91 9925250169 /
  • mail– info@shaktimanagro.com

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

बहुत ही कम ख़र्चे में फसल काटती है यह मिनी कंबाइन,वीडियो देखें

चावल जा दूसरी फसलें काटने का काम हाथ से ही होता है क्योंकि भारत में किसानो के पास जमीन बहुत ही कम है और वो बड़ी कंबाइन से फसल कटवाने का खर्च नहीं उठा सकते इस लिए अब एक ऐसी कंबाइन आ गई है जो बहुत कम खर्च में फसल काटती है ।

साथ ही अब बारिश से ख़राब हुई फसल वाले किसानो को घबरने की जरूरत नहीं क्योंकि अब आ गई है मिनी कंबाइन Multi Crop हार्वेस्टर यह कंबाइन छोटे किसानो के लिए बहुत फयदेमंद है इस मशीन से कटाई करने से बहुत कम खर्च आता है और फसल के नुकसान भी नहीं होता।

बड़ी कंबाइन से फसल का बहुत ही नुकसान होता है । लेकिन इस मशीन के इस्तेमाल करने के बहुत से फायदे है जैसे यह बहुत कम जगह लेता है ।साथ में इस कंबाइन से आप गिरी हुई फसल भी फसल को नुकसान पहुंचाए बिना अच्छे तरीके से काट सकते है ।

यह कंबाइन कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें

अगर जमीन गीली भी है तो भी हल्का होने के कारण यह कंबाइन गीली जमीन पर आसानी से चलती है ज़मीन में धस्ती नहीं । छोटा होने के कारण हर जगह पर पहुँच जाता है ।

यह मशीन 1 घंटे मे 1 बीघा फसल की कटाई करती है और इसमें अनाज का नुकसान भी बहुत कम होता है।इस से आप बाकी की अनाज फसलें जैसे गेहूं ,धान,मक्का अदि भी काट सकते है ।

यह एक पावर टिलर करता है खेती के 10 तरह के काम

पावर टिलर खेतीबारी की एक ऐसी मशीन है, जिस का इस्तेमाल खेत की जुताई से ले कर फसल की कटाई तक किया जाता है। इस के इस्तेमाल से खेतीबारी के अनेक काम आसानी से किए जा सकते हैं।

तकनीक

इस मशीन से खरपतवार का निबटान, सिंचाई, फसल की कटाई, मड़ाई और ढुलाई का काम भी लिया जाता है। इस के अलावा इस मशीन का बोआई और उस के बाद के कामों में भी खासा इस्तेमाल होता है।

इस तरह के कामों के लिए पहले कई मजदूर खेत में लगाने पड़ते थे, लेकिन पावर टिलर के प्रयोग से कम लागत और कम समय में सभी काम आसानी से खत्म हो जाते हैं।

खासतौर से पहाड़ी इलाकों में खेती के काम के लिए यह मशीन काफी कारगर है।आज अनेक कंपनियां पावर टिलर बना रही?हैं। उन्हीं में से एक वीएसटी शक्ति 130 डि पावर टिलर के बारे में जानकारी दी जा रही है :

वीएसटी शक्ति 130 डि – पावर टिलर

यह वीएसटी शक्ति द्वारा बनाया गया पावर टिलर है। इस से खेतों, बागानों व लाइनों में होने वाली फसलों की गुड़ाई आदि की जाती?है। यह पहाड़ी इलाकों में खेतों की जुताई करने वाला खास यंत्र है।

खासीयत : यह काफी हलका और चेन रहित होता है। यह चलने में बेहद आसान है।इसका आकार 2720 ​​x 865 x 1210 मिमी होता है और वजन (इंजन और ट्रांसमिशन रोटरी के साथ) 405 किलोग्राम होता है। इसका 4 स्ट्रोक सिंगल सिलेंडर इंजन 13HP की पावर पैदा करता है।इसमें आगे के लिए 6 गेअर और रिवर्स के लिए 2 गेअर होते है ।

इस मॉडल की कीमत 165000 के करीब है इसके बाकि मॉडल की कीमत मॉडल के हिसाब से कम जा ज्यादा हो सकती है ।

इस से आप क्या-क्या मशीने चला सकते है वो निचे देखें

आज किसान पावर टिलर के साथ अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के कई काम आसानी से कर रहे?हैं। यह एक ऐसी खास मशीन है, जिस से अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के तमाम काम लिए जा सकते हैं।

1.पानी का पंप

Water Pump

2.थ्रेशर

अक्षीय फ्लो थ्रेशर

3.रीपर

काटनेवाला

4.बैल प्रकार इंटर कल्टीवेटर

Bullock Type Inter Cultivator

4.बीज ड्रिल

ये सभी मशीने इस टिलर के साथ जुड़ सकती है किसान अपनी जरूरत के हिसाब से इन में से कोई भी मशीन खरीद सकता है लेकिन हर मशीन की अलग किमत होती है

अधिक जानकारी के लिए Toll Free फोन नंबर : 18004190136 और मोबाइल नंबरों 080 – 28510805 / 06/ 07 व 080 – 67141111 पर बात कर सकते हैं।

यह पावर टिलर कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो भी देखें

बहुत ही कमल का है ये आधुनिक थ्रेशर,वीडियो देखें

फसलों की गहाई में मशीन (थ्रेशर) का बड़ा योगदान है। गहाई मशीनों के उपयोग से समय पर गहाई पूरी करके पैदावार की क्षति को जहां काफी हद तक कम किया जा सका है वहीं गहाई का कार्य जो पारम्परिक तरीके से बहुत श्रमसाध्य हुआ करता था, अब बहुत आसान हो गया है।

महीनों तक चलने वाला गहाई का कार्य अब कुछ दिनों में ही सम्पन्न हो जाता है। देश में गहाई मशीनों की संख्या लगभग 25 लाख से ज्यादा है।

यह थ्रेशर कैसे काम करता है उसके लये वीडियो देखें

यह थ्रेशर बहुत ही आधुनिक है और बड़ी ही सफाई से काम करता है ।यह थ्रेशर GS AUTO FEED MULTI CROP THRESHER ,नंदयाल,आंध्रा प्रदेश द्वारा त्यार किया गया है ।

इस थ्रेशर की सहयता से विभिन्न फसलों जैसे सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि तथा तिलही व दलहनी फसलों जैसे अलसी, सरसों, मूंग, चना, उड़द आदि की गहाई की जाती है।

अगर आप इस मशीन की कीमत और दूसरी जानकारी चाहिए तो निचे दिए हुए नंबर पर संपर्क करें 9010889900 ,9010801581 ,9849751998

महिंद्रा ने भारत में पेश किया पहला चालक रहित ट्रैक्टर,अब घर बैठकर होगी खेती

ऑटोमोबाइल कंपनी महिन्द्रा ने भारत में पहली बार ड्राइवरलेस (चालक रहित) ट्रैक्टर को लॉन्च किया है। ड्राइवरलेस ट्रैक्टर को लेकर महिन्द्रा एंड महिन्द्र कंपनी ने कहा, यह ड्राइवरलेस ट्रैक्टर दुनिया भर के किसानों को ध्यान में रखते हुए लांच किया गया है।

कंपनी के बयान के मुताबिक इस ट्रैक्टर को चेन्नई में स्थित ग्रुप के इनोवेशन और टेक्नोलॉजी हब महिन्द्रा रिसर्च वैली में विकसित किया गया है। यह ड्राइवरलेस ट्रैक्टर वैश्विक किसानों के लिए मशीनीकरण की प्रक्रिया को फिर से परिभाषित करने के लिये पूरी तरह से तैयार है। कंपनी का दावा है कि यह इस नई तकनीक से कृषि के भविष्य में बड़ा बदलाव आएगा।

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड के अध्यक्ष (फॉर्म इक्विपमेंट सेक्टर) राजेश जेजुरिकर ने कहा, ‘वर्तमान में कृषि संबंधित मशीनों की जरूरत पहले से बहुत ज्यादा है। मजदूरों की कमी और उत्पादकता और कृषि उत्पादित क्षेत्रों को बेहतर बनाने की जरूरत इसका प्रमुख कारण हैं।

हमने पिछले साल अपनी ‘डिजिसेंस’ टेक्नोलॉजी को लॉन्च किया था और अब चालक रहित ट्रैक्टर की पेशकश कर रहे हैं। इनके जरिए भारतीय किसानों को ट्रैक्टर के लिए इंटेलीजेंस के बेमिसाल स्तर को पेश किया जाएगा।’

टैबलेट के जरिए कंट्रोल

ट्रैक्टर में जियोफेंस लॉक लगा हुआ है जो इसे खेत की मेंढ़ के अंदर बने रहने में मदद करता है, ट्रैक्टर को टैबलेट की मदद से दूरदराज के इलाकों में कंट्रोल किया जा सकता है। ट्रैक्टर में जीपीएस आधारित ऑटोस्टीर टेक्नोलॉजी लगी हुई है जो इसे एक सीधी लाइन में चलने में मदद करती है।

इसमें एक ऑटो लिफ्ट भी लगी हुई है जो खेती के समय औजारों को अपने आप खेत जोतने के लिए नीचे कर देगी और काम पूरा होने के बाद औजारों को अपने आप ऊपर उठा लेगी। बिना ड्राइवर के खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर में कई तकनीक को इस्तेमाल किया गया है।

फीचर और इंजन

महिंद्रा के इस ट्रैक्टर में 20 हॉर्सपॉवर से 100 हॉर्सपॉवर ताकत वाले इंजन के साथ लांच कर सकती है। यह ट्रैक्टर ड्राइवरलेस तकनीक को ध्यान में रखकर बनाया गया है। फीचर के चलते ग्राहकों को जीपीएस बैसेड तकनीक पर ऑटोस्टीयर दिया है। जिसके कारण ट्रैक्टर सीधी लाइन में चलता है। इसके अलावा ऑटो हैंडलेड टर्न का भी फीचर दिया है। जो ट्रैक्टर को मोड़ने में मदद करता है।

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