सिर्फ 2200 रू की लगत मैं साइकिल को ही बना डाला स्प्रे मशीन, 45 मिनट में ही 1 एकड़ में स्प्रे

जरूरत अविष्कार की जननी है, ये बात सभी मानते हैं। गुजरात में भी एक किसान की जरूरत ने एक नई सस्ती, टिकाऊ और तेजी से काम करने वाली मशीन को जन्म दिया है, जिसका फायदा अब किसानों को खूब हो रहा है।

40 साल के मनसुखभाई जगानी छोटे किसान हैं और गुजरात के अमरेली जिले के रहने वाले हैं। मनसुखभाई प्राथमिक स्तर से आगे नहीं पढ़े हैं। जबरदस्त आर्थिक तंगी के दिनों में मनसुखभाई ने मजदूर के तौर पर भी काम किया है।

22 साल पहले उन्होंने गांव वापस लौटकर मरम्मत और निर्माण का छोटा सा काम शुरु किया और खेती के काम आने वाले औजार बनाने लगे।इस काम में हुनर हासिल करने के बाद अब मनसुखभाई ने फसलों पर स्प्रे करने वाली एक आसान और बेहद सस्ती मशीन बना डाली।इससे ना केवल काम बहुत तेजी से होता है बल्कि लागत भी कई गुना बच जाती है।

मनसुखभाई ने साईकिल में भई स्प्रे मशीन को कुछ इस तरह जोड़ दिया जिससे स्प्रे करने वाले व्यक्ति के शरीर कोई थकावट नहीं होती। साथ ही स्प्रे के दौरान निकलने वाले रासायनिक पदार्थ से शरीर को भी नुकसान का खतरा काफी कम हो जाता है।

मनसुखभाई ने साइकिल के सेंट्रल स्प्रोकेट को पिछले पहिये और पिछले पहिये को सेंट्रल स्प्रोकेट से बदल दिया।उन्होंने पैडल्स को सेंट्रल स्प्रोकेट से हटा दिया। पैडल्स की जगह उन्होंने दोनों तरफ से पिस्टन रॉड लगा दिए। दोनों तरफ से ये पिस्टन रॉड पीतल के कीलेंडर से जुड़े हुए हैं।

30 लीटर का PVC स्टोरेज का एक टैंक उन्होंने साइकिल के कैरियर पर रख दिया, जो कि कीलेंडर पंप से जुड़ा हुआ था। बैलेंस बनाने के लिए उन्होंने साइकिल के कैरियर के दोनों तरफ 4 फुट लंबा छिड़काव करने वाला एक नोज़ल भी लगा दिया।

8 दिनों की मेहनत के बाद मनसुखभाई जबरदस्त ढंग से काम करने वाली स्प्रे मशीन बनाने में सफल हो गए। साईकिल स्प्रे मशीन से 1 एकड़ खेत में छिड़काव करने में 45 मिनट का वक्त लगता है। इसकी लागत 2200 रूपए हैं। इसमें साईकिल की कीमत नहीं जोड़ी गई है।

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महिन्द्रा लांच करेगा ट्रैक्टर का तीसरा ब्रांड ‘ट्रेकस्टार’

19 बिलियन अमरीकी डॉलर के महिन्द्रा समूह की कम्पनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा (एमएंडएम) ने आज अपनी सहायक कम्पनी महिन्द्रा गुजरात ट्रैक्टर लिमिटेड (एमजीटीएल) का नया नाम अब ग्रोमेक्स एग्री इक्विपटमेंट लिमिटेड होगा।

ग्रोमेक्टस किसानों को विशेष, बेहतर और किफायती कृषि उपकरण उपलब्ध करवाएगा। ग्रोमेक्स ने ट्रैक्टर के अपने नए ब्रांड ट्रेकस्टार को लांच किए जाने की घोषणा भी की।

यह ब्रांड उन किसानों के लिए होगा, जिन्हें बेहतर क्वालिटी चाहिए और यह उनकी समृद्धि बढ़ाने में उनका सहयोग करेगा। ट्रेकस्टार 30-50 एचपी श्रेणी में पांच एचपी पॉइन्ट्स में उपलब्ध होगा।

इस मौके पर महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट सैक्टर के प्रेसीडैंट राजेश जेजुरीकर ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण में गुणवत्ता बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करने की हमारी यात्रा में ग्रोमेक्स एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

यह ब्रांड मूल्य बचत को इच्छुक किसानों पर केंद्रित होगा। उसने कहा कि ग्रोमैक्स कृषक समुदाय को किफायती प्रणाली और समाधान मुहैया कराएगी। इस संयुक्त उपक्रम में कंपनी की 60 फीसदी तथा गुजरात सरकार की 40 फीसदी हिस्सेदारी है।

अब हर तरह की फसल के अवशेषों को मिट्टी में मिलाने के लिए करें शक्तिमान मल्चर का प्रयोग

शक्तिमान रोटरी मल्चर, बागों और बगीचों, धान, पलवार घास और झाड़ियों को काटने के लिए एक सरल और विश्वसनीय उपकरण है। यह उपकरण मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद करता है।

शक्तिमान रोटरी मल्चर एक तरह का कतरनी यंत्र है, यह न्यूनतम 50 हार्स पावर के डबल क्लचर वाले ट्रैक्टर के पीछे लगा कर चलाया जाता है । यह फसल के अवशेषों को बारीकी से काटता है ।

शक्तिमान रोटरी मल्चर को पुआल व डंठलों के बारीक टुकड़े काटने, हरा चारा काटने, केले की फसल को काटने, सब्जियों की फसल के अवशषों को छोटे टुकड़ों में काटने के अलावा ऊंची घास व छोटी झाडि़यों को काटने में भी इस्तेमाल किया जाता है ।

शक्तिमान रोटरी मल्चर में काफी मात्रा में अवशेषों की बारीक कटाई के लिए बड़ा कार्यशील चैंबर होता है । यह मशीन कतरने के लिए बेहद प्रभावशाली व गुणवत्ता वाली मानी जाती है ।

किसान गन्ने के खेत में कटाई के बाद बचे हुए कुड़े धान के बचे हुए अवशेष को खेत में ही जला देते है। जिससे पर्यावरण दूषित होता है मित्र कीट मर जाते है। इसलिए शक्तिमान रोटरी मल्चर के प्रयोग से गन्ने का बचा हुआ कुड़ा सूखी पत्ती धान के बचे हुए अवशेषों को भरभूरा कर जमीन पर सतह बना देता है।

कीमत और दूसरी जानकारी के लिए आप इन नंबर Phone: +91 (2827) 661637, +91 (2827) 270 537 पर सम्पर्क कर सकते है ।

मल्चर कैसे काम करता है इसके लिए वीडियो भी देखें

साइथ यंत्र से एक मजदूर काट सकता है तीन मजदूरों जितनी फसल

 

फसल की कटाई के दौरान मजदूरों की भारी कमी और हंसिया की मजबूरी से मुक्ति का औजार ‘साइथ-आमतौर पर खेती के लिए मजदूरों की मांग बुआई के समय और फसल की कटाई के दिनों में ज्यादा होती है।

सीमांत किसानों या छोटे रकबे या जोत वाले किसानों को फसलों की कटाई के दौरान ज्यादा समस्या आती है। एक तो मजदूरों की कमी की समस्या और दूसरी आज भी वो फसलों की कटाई के लिए परंपरागत तरीके ही इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।

परंपरागत रूप से फसल की कटाई करने में एक तो वक्त बहुत लगता है दूसरा बेहद मेहनत करनी होती है। आस पड़ोस के मजदूरों के नखरे सो अलग। ऐसे में यूरोपीय देशों में परंपरागत तौर पर फसल की कटाई के लिए उपयोग किए जाने वाले आला जिसे अंग्रेजी में साइथ कहते हैं, भारतीय कृषकों के लिए भी बेहद उपयोगी हो सकता है। भारत में हाल के दिनों में साइथ के प्रचलन को हाथों हाथ लिया भी जा रहा है।

अंग्रेजी के एल अक्षर के आकार का ये साइथ न केवल कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्य में खेतिहर को मजदूरों की कमी का एक बेहतरीन विकल्प उपलब्ध कराता है बल्कि परंपरागत कटाई उपकरणों की तुलना में बेहद कम समय में खेत के खेत में लगी फसल को काट कर जमीन पर करीने से बिछा भी देता है। इसमें सिर्फ एक मजदूर तीन मजदूरों जितनी फसल काट सकता है ।

बनावट : तकरीबन 170 सेंटीमीटर लंबे लकड़ी के एक डंडे (हाल फिलहाल लकड़ी की जगह धातु या प्लास्टिक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है) को साइथ कहते हैं जिसकी आकृति या तो सीधी हो सकती है या अंग्रेजी के एस आकार की होती है जिसके ठीक नीचे एल आकार में एक दरांती लगी होती है जिससे फसल या घास की कटाई को अंजाम दिया जाता है।

साइथ में पकड़ने के लिए एक या दो हैंडल लगे होते हैं। पहला हैंडल सबसे उपर और दूसरा डंडे के बीच में होता है। डंडे के सबसे नीचले हिस्से पर लंबबत रुप में तकरीबन साठ से नब्बे सेंटीमिटर लंबी सी ब्लेड या दरांती लगी होती है जो फसल के काटने के काम आती है।

साइथ में ये ब्लेड काम करने के दौरान हमेशा बायीं तरफ होती है। फसल या घास की कटाई के लिए इसके इस्तेमाल के पहले इससे कटाई करने का प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है। अनाड़ी व्यक्ति इसकी मदद से कटाई नहीं कर सकता।

खास बात ये है कि थोड़े से ध्यान से देखने पर एक आम व्यक्ति भी साइथ को अपने घर में ही बना सकता है और थोड़े से प्रैक्टीस के बाद बड़ी आसानी से खेत के खेत कटाई भी कर सकता है। साइथ की मदद से कैसे फसल की कटाई की जा सकती है

साइथ से प्रभावित होकर भारत में भी हैदराबाद स्थित सीईसी में विभिन्न प्रकार के साइथ का निर्माण किया जा रहा है जिसकी कीमत तकरीबन 1200 रुपये है।

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अब जानवर नहीं पहुंचा सकेंगे नुकसान क्योंकि अब पल्स मशीन करेगी फसल की रखवाली

अब किसानों को फसल की रखवाली के लिए रातभर जागने की मजबूरी नहीं रहेगी। न ही फसल को जंगली जानवर नुकसान पहुंचा सकेंगे। फसल रक्षक पल्स मशीन फसलों की सुरक्षा करेगी। यह मशीन पंत विवि के किसान मेले में किसानों के लिए उपलब्ध हो सकेगी।

12 वोल्ट की बैटरी से संचालित इस मशीन के झटकों से हाथी, नील गाय, जंगली सुअर, हिरन, गीदड़, सेही, बंदर, सांड आदि जानवर फसल के करीब नहीं फटक सकेंगे।

खास बात यह है कि इस मशीन के करंट से जानवर या अंजाने में इंसान के छू लेने पर मौत होने जैसी कोई नौबत नहीं आएगी। एक बार फिर बता दे इस से किसी को कोई जानलेवा नुकसान नहीं होता ।

क्योंकि बैटरी का करंट होने के चलते इसमें अर्थिग होने की नौबत नहीं आती है। इस मशीन को घरों या फार्म हाउस के आसपास भी लगाया जा सकता है। जिससे कि बंदर नुकसान न पहुंचा सकें।

ऐसे करती है मशीन काम

छोटी सी इस मशीन को 12 वोल्ट की मशीन से करंट दिया जाता है। इसके बाद इस मशीन को खेतों के चारों ओर लगाए गए क्लच वायर से जोड़ दिया जाता है। तार की कीमत 160 रुपये प्रति किलो है, जबकि एक किलो में 75 मीटर लंबी तार आ जाती है। मशीन की कीमत नौ हजार रुपये है।

ये है मशीन की क्षमता

  • बैटरी एक बार चार्ज करने पर 24 घंटे चलती है
  • यह मशीन एक मिनट में 75 बार झटके देकर फसल की रखवाली करती है।
  • इसके करंट से कोई भी जानवर या आदमी नहीं मरेगा।

और जानकारी के लिए निचे दिए हुए नंबर और पते पर संपर्क करें

Ring Road Chamunda Dham colony,BIJNOR (UTTAR PRADESH)PIN-246701
EMAIL : nidhipulsmachine@gmail.com
Mobile No:9012384699, 8859595976

यह मशीन जो जमीन समतल करने के साथ फालतू मिट्टी भरे सीधा ट्रॉली में

अच्छी खेती के लिए जरूरत होती है उबड़-खाबड़ रहित यानी समतल जमीन की। कुदरती तौर पर समतल जमीन का मिलना लगभग असंभव है, ऐसे में इस तरह की जमीन हासिल करना कृषकों के लिए बेहद कड़ी चुनौती होती है।

इसी चुनौती को आसान बनाने में अहम योगदान दिया है किसान रेशम सिंह और कुलदीप सिंह ने जिन्होंने लैंड लेवलर कम लोडर मशीन यानी जमीन को समतल करने सह लोड करनेवाली मशीन बनाई जो ट्रैक्टर संचालित मशीन है।

लैंड लेवलर कम लोडर मशीन

  • स्क्रैपर ब्लेड की मदद से मिट्टी की कटाई, कनवेयर की मदद से मिट्टी या बालू को जमा कर ट्रैक्टर में रखना
  • कनवेयर की मदद से मिट्टी या बालू को जमा कर ट्रैक्टर में जमा करना
  • यह एक वक्त में 3 ईंच तक गहरी खुदाई कर सकता है
  • यह एक मिनट में 11गुना 6 गुना 2.25 फीट आकार के ट्रेलर को भर सकता है(मिट्टी कम कड़ा होने पर एक मिनट से कम वक्त लगता है)-(मिट्टी कम कड़ा होने पर एक मिनट से कम वक्त लगता है)
  • 50 एचपी या अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर में काम कर सकता ह – इसे भी किसी ट्रैक्टर से जोड़ा जा सकता है
  • एक घंटा में पांच से सात लीटर डीजल की खपत
  • मशीन से 4 फीट की चौड़ाई में खुदाई, साढ़े आठ फीट की ऊंचाई से मिट्टी गिराना
  • नोट- यह दावा किया जाता है कि दोनों मशीन से औसतन एक दिन में एक बीघा (5 एकड़) जमीन को समतल किया जा सकता है।

मशीन की तकनीक-

  • संवाहक पट्टिका (कनवेयर) में एक जोड़ा चेन होता है, यह एक वक्त में चार ईंच गहरी कटाई कर सकता है और 11 गुना, 6 गुना और 2.25 फीट के आकार के ट्रेलर को महज दो मिनट में भर सकता है।
  • इस मशीन का इस्तेमाल करने के दौरान ट्रैक्टर प्रति घंटा पांच से छह लीटर डीजल की खपत करता है।
  • मशीन में 4 ईंच तक की गहराई तक काटने की क्षमता और साढ़े आठ फीट की ऊंचाई से बालू गिराने की क्षमता है।

मशीन से जुड़ी मुख्य बातें-

  • कुछ क्षेत्रों में इस मशीन से बड़ी संभावनाएं हैं जैसे कि कनाल के पानी के लिए मिट्टी की कटाई, साथ ही सड़क और आवास निर्माण।
  • एक अनुमान के मुताबिक यह मशीन एक दिन में एक बीघा (5 से 8 एकड़) जमीन से 150 ट्रेलर बालू हटा कर समतल कर सकता है।
  • इसे किराये पर भी लगाया जा सकता है, इसके लिए दो वर्ग फीट गहरी खुदाई प्रति दो रुपये के हिसाब से दर तय की जा सकती है। जो बालू काट कर निकाला गया है उसे प्रति ट्रेलर 250 से 300 रुपये की दर से बेचा जा सकता है।
  • मशीन की कीमत- 1,50,000 रुपये (एक्स-फैक्ट्री, पैकेजिंग)। कीमत में परिवहन खर्च और कर इत्यादि शामिल नहीं।

यह मशीन कैसे काम करती है इसकी वीडियो देखें

और जानकारी के लिए इन से संपर्क करें

Resham Singh Virdi
Address -Jaideep Agriculture Works, Sangriya Road,
Bus Stand, Satipura, Hanumangarh,Rajsthan
Mobile: 09414535570

Kuldeep Singh
S/o Navrang Singh,Kanluall Chehllan,
Tehsil:Budhlada,Dis:Mansa,Punjab
Mobile: 9417629090, 9501286161

यह है दुन्या के 5 सबसे बड़े ट्रेक्टर

 

आप ने बहुत से ट्रेक्टर देखें होंगे लेकिन यह ट्रेक्टर इतने ताकतवर है की आप कल्पना भी नहीं कर सकते । यहाँ भारत में अभी भी सब से बड़े ट्रेक्टर जो अभी सोनालिका ने लॉन्च क्या है 120 HP के बराबर है । लेकिन इन बड़े ट्रैक्टरों की पावर तो 680 HP से भी ज्यादा है । आओ जानते है इन राक्षस जैसे दिखने वाले ट्रैक्टरों की खासियत

बिग बड (Big Bud 16V-747)

यह ट्रैक्टर 28 फीट लंबा 20 फीट चौड़ा है । इस ट्रैक्टर की ऊंचाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस ट्रैक्टर की एक टायर की ऊंचाई 8 फीट तक होती है । इस ट्रैक्टर को पहली बार 1977 में बनाया गया था । इस ट्रैक्टर का 16 सिलेंडर डीजल इंजन बहुत ताकत देता है ।

बिग रॉय (Big Roy: Versatile 8-WD Model 1080 )

यह ट्रैक्टर भी 1977 में कनाडा में तैयार किया गया था । यह ट्रैक्टर 30 फीट लंबा ,20 फीट चौड़ा ,11 फीट ऊंचा है । इसके इंजन में 600 HP की ताकत है । अगर आप इसको देखना चाहते हैं तो मैनिटोबा एग्रीकल्चर म्यूजियम कनाडा में देख सकते हैं ।

आगको चैलेंजर (AGCO Challenger MT975B)

यह यह संसार का सबसे भारा और छोड़ा ट्रैक्टर है । यह ट्रैक्टर 24 फीट लंबा , 16 फीट चौड़ा ,12 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर का इंजन 570 HP का है । इस ट्रैक्टर के कैबिन में चढ़ने के लिए छह पौड़ी चढ़ना पड़ता है ।

केस स्टिगेर (Case IH Steiger Quadtrac 620)

यह ट्रेक्टर पहली बार 2013 में लांच किया गया यह ट्रैक्टर संसार का पहला बड़ा कम तेल खाने वाला ट्रेक्टर है । यह ट्रैक्टर 25 फीट लंबा, 14 फीट चौड़ा ,13 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर का इंजन 682 HP की पावर जनरेट करता है ।

उपटन (Upton HT14/350 2WD)

इस ट्रैक्टर का निर्माण 1978 में आस्ट्रेलिया में किया गया । इस ट्रैक्टर की ताकत 350 HP है । यह ट्रैक्टर 21 फीट लंबा ,11 फीट चौड़ा, 10 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर बाकी ट्रैक्टरों की तरह ताकतवर नहीं था ।

 

सिर्फ ढेड़ लीटर डीज़ल में एक एकड़ धान काटने वाली मिनी कम्बाइन

 

वैसे तो धान की फसल तैयार करना काफी मुश्किल भरा होता है, किसान जी-जान लगा देता है फसल को तैयार करने में, लेकिन इसके बाद भी धान की मड़ाई करना भी काफी मुश्किल भरा काम होता है।

हलांकि जो किसान धान की खेती ज्यादा क्षेत्र में करते हैं वो तो कम्बाइन से अपनी फसल कटवा लेते हैं, लेकिन जो किसान कम क्षेत्र में धान की खेती करते हैं उन किसानों को फसल की मड़ाई करने में काफी मेहनत करनी पड़ीती है, उन्हीं किसानों के लिए ग्रीव्स कंपनी मिनी कम्बाइन ले कर आए है जो छोटे किसानो के बेहद फायदेमंद साबित होगी।

कम क्षेत्र में धान की खेती करने वाले किसानो के लिए यह कम्बाइन बहुत ही उपयोगी है । इस मशीन के इस्तेमाल करने के बहुत से फायदे है जैसे यह बहुत कम जगह लेता है ।

छोटा होने के कारण हर जगह पर पहुँच जाता है । और इस मिनी कम्बाइन से एक एकड़ काटने में बहुत ही कम खर्च आता है यह एक एकड़ काटने में सिर्फ 1.5 से 2 लीटर के लगभग डीज़ल का प्रयोग करती है ।

इसमें 17.2 Hp डीजल इंजन लगा हुआ है इस मॉडल का नाम Model – GS4L-0.5 है । इस मॉडल की कीमत 3 लाख के करीब । यह कम्बाइन दो से ढाई घंटे में एक एकड़ फसल काट देती है।

इस कम्बाइन का एक फ़ायदा यह भी है के यह फसल को सीधे ही बोरे में डाल देती है । सिर्फ धान ही नहीं इस से आप बाकी की अनाज फसलें जैसे गेहूं ,सरसों अदि भी काट सकते है

यह कंबाइन कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें

अगर आप इस कंबाइन को खरीदना चाहते है तो नीचे दिए हुए पते और नंबर पर संपर्क करें

Phone: +91-22-33551700
REGISTERED OFFICE:
Greaves Cotton Limited
3rd Floor Motilal Oswal Tower
Junction of Gokhale & Sayani Road
Prabhadevi Mumbai – 400025

ये मशीन जो चारा काटने के साथ अट्टा चक्की का काम भी करती है

ये है आधुनिक और छोटी मशीन चारा काटने वाली मशीन (Chaff Cutter Cum Pulverizer) ।इसकी खास बात यह है ये मशीन चारा काटने के साथ अट्टा चक्की का भी काम करती है । इस लिए यह मशीन डेरी फार्मिंग ,बकरी पालन ,गौशाला आदि जगह पर उपयोग हो सकती है ।

यह मशीन किसी बड़ी चारा काटने वाली मशीन जितना चारा काट सकती है इसकी क्षमता एक घंटे में 500 से 1000 किल्लो तक की है ।

इसकी बॉडी 6MM लोहे से बनी है । इसका वजन सिर्फ 100 किल्लो है । इतने हलके वजन होने के कारण आप इसको कहीं भी रख जा लेजा सकते है ।

इसमें 3 High Carbonized ब्लेड लगे होते है जिनकी धार कभी कम नहीं होती । इस मशीन को 2 H .P की मोटर के साथ चलाया जाता है । बिना मोटर के इस मशीन की कीमत 23100 रुपए है ।

अगर आप इस मशीन को खरीदना चाहते है जा किसी तरह की और जानकारी लेना चाहते है तो इस 09033329666 पर कॉल जा Whats App कर सकते है

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

 

किसानो की जरूरत के हिसाब से बनया है यह लीफान कार्गो

कहते है की आवशकता ही अविष्कार की जननी है । ऐसे ही किसानो की जरूरत के हिसाब से त्यार क्या गया है यह लीफान तिपहिया कार्गो (lifan cargo tricycle) । इसमें लीफान के इंजन के साथ एक ट्राली जुडी हुई होती है ।

यह 800 किल्लो तक का वजन उठा कर 80 किल्लो मीटर की स्पीड से भाग सकता है । इसकी चैसी फ्रेम और कार्गो बॉक्स मजबूत होता है। इसका इंजन एक सिलेंडर होता है ।यह पेट्रोल से चलता है गियर शिफ़्ट में इसके 5 आगे + 1 रिवर्स होता है ।

यह तीन मॉडल (175cc , 200cc , 150cc ,250cc ) में आता है । 150cc वाले लीफान इंजन कार्गो 3 व्हीलर मोटरसाइकिल थोक कीमत 36000 रुपये है । जो की मॉडल के हिसाब से बढ़ती रहती है ।

अभी यह सिर्फ चीन में ही मिलते है । बहुत जल्द यह कंपनी भारत में इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने वाली है । लेकिन अगर इसे अभी ऑनलाइन अलीबाबा वेबसाइट से भारत मंगवा सकते है ।

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Product Specification: item number: HY250ZH-Aengine type:LIFAN 150ccengine :single cylinder,4-stroke, water-cooledway valveunderneath type camshaft:lubricating systempressure splash:fuel consumption≤354exhaust pollution:CO≤3.8%,HC≤800ppmstarting ability:≤15sclutch type:Wet Multi-Platederailleur type:Regular meshing gear typetransmission ratio,junior:4.055Output sprocket teeth:15The capacity of lubricating oil:1.1Lcarburetor:PZ30lubricating oil pump:Internal and external rotorMagnetor type:Permanent magnet ACtransmission Type:ShaftTricycle specificationsDimension: 3500*1300*1150mmmmCargo box size:1.4m*2.2m (all flowered pattern)Rear axle:Full floating 5 holes booster king real axle 1140Front shocker:mountain type strong absorberRear shocker:5+4 lever steel plate with spring Wheels : 5.00-12 wheels(three wheels can be exchanged) 50*100mm keel frame28A battery3rd generation Wuyang round type headlightBigger fuel tankSmall footplate Max.Load capacity:1500 KG-2500KGMax.Speed:75km/htransmission Type:Shaft

Posted by Zou Jingli on Monday, June 26, 2017