यह है टॉप 5 मिनी ट्रेक्टर जाने कीमत और दूसरी जानकारी

भारत में करीब 85 प्रतिशत परिवार कुल खेती योग्य जमीन के करीब 36 प्रतिशत भाग में खेती करते हैं। छोटे किसानों की औसत जोत एक हेक्टेयर से अधिक की नहीं होती है।

इसलिए औसत किसान के लिए 35 एचपी या इससे अधिक के मानक ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हुए मशीनीकृत खेती करना काफी मुश्किल होता है जिसके कारण खेती में उत्पादकता और खेत की प्रति इकाई उपज प्रभावित होती है।

इस लिए किसानो के लिए 10 से 12 एचपी की क्षमता के ट्रैक्टर ऐसे छोटे और टुकड़ों में बंटे खेतों के लिए उपयुक्त होते हैं । आज हम आपको टॉप ट्रेक्टर कम्पनिओं द्वारा निर्मित कुश मिनी ट्रैक्टरों के बारे में बताएँगे जिसको छोटा किसान आसानी से खरीद सकता है ।

1. स्वराज 717

  • पावर – 17 HP
  • सिलिंडर – 1
  • गेअर – 6 आगे 3 रिवर्स
  • कीमत – 2.50 लाख

2. कप्तान 200DI

  • पावर – 20 HP
  • सिलिंडर – 1
  • गेअर – 8 आगे 2 रिवर्स
  • कीमत – 4 लाख

3. सोनालिका गरडेंटरक 20

 

  • पावर – 20 HP
  • सिलिंडर – 3
  • गेअर – 6 आगे 2 रिवर्स
  • कीमत – 3 लाख

4. महिंद्रा युवराज 215

  • पावर – 15 HP
  • सिलिंडर – 1
  • गेअर – 6 आगे 3 रिवर्स
  • कीमत – 2 लाख

5. EICHER 241 मिनी ट्रेक्टर  

 

  • पावर – 25 HP
  • सिलिंडर – 1
  • गेअर – 5 आगे 1 रिवर्स
  • कीमत – 4.41 लाख

नोट: इन सभी ट्रेक्टर की कीमत की जानकारी इंटरनेट से ली गई है जो आपके इलाके के हिसाब से कम जा ज्यादा हो सकती है

यह मशीन मात्र दो घंटे में करती है 1 एकड़ भूमि में गन्ने की रोपनी

अब गन्ने की खेती और भी आसान हो गई है। पहले गन्ने की खेती करने में जहां गन्ने को खेतों में गिराने, उर्वरक देने, कीटनाशी देने, कुदाल चलाने में अलग-अलग मजदूरों का सहयोग लेना पड़ता था। अब एक एकड़ में मात्र दो मजदूर से ही गन्ने की रोपनी की जा सकती है।

कटर एंड प्लांटर मशीन से यह संभव हो सका है। क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र माधोपुर में इस मशीन से इस वर्ष गन्ने की खेती फार्म में की गई है। खासकर बड़े किसानों व मध्यमवर्गीय किसानों के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है।

इस मशीन से एक ही बार में गन्ने को बीज के लिए कटिंग संभव है। खेतों में नाली बनाने, बीज का शोधन करने, कीटनाशी व खरपतवारनाशी दवाओं का छिड़काव, जमीन की जुताई से लेकर मिट्टी को बराबर करने का काम भी एक ही साथ में संभव है।

इससे किसानों को समय की भी बचत हो रही है। एक एकड़ भूमि में गन्ने की रोपनी करने में मात्र दो घंटे का ही समय ही लग रहा है। जबकि मात्र दो मजदूर इसके लिए काफी है। जहां साधारण तरीके से गन्ने की खेती करने में प्रति एकड़ 16 क्वटल गन्ने का बीज लगा करते है वही इस मशीन से चार क्वटल गन्ने की बचत किसानों को हो रही है। जिसका सीधा लाभ किसान उठा रहे है।

बहुत सारी कंपनी यह मशीन त्यार करती है लेकिन हम आप को मोगा इंजीनियरिंग वर्क्स कंपनी की इस मशीन के बारे में बातयेंगे । यह मशीन एक साथ 3 कतरों में एक साथ गन्ना बीज सकते है। इस मशीन की और जानकारी के लिए आप इस नंबर 8285325047 पर संपर्क कर सकते है । यह कंपनी मीरुत, उत्तर प्रदेश की है ।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

आ गया मेगा टी अब ट्रेक्टर से पांच गुना कम कीमत पर करें ट्रैक्टर के सारे काम

बहुत से किसान हर साल इस लिए खेती करना छोड़ देते है क्यूंकि उनके पास खेती करने के लिए जरूरी साधन नहीं होते । एक किसान के लिए सबसे जरूरी चीज ट्रेक्टर होता है लेकिन ट्रेक्टर महंगा होने के कारण हर किसान इसे खरीद नहीं पता ।

ऐसे किसानो के लिए किर्लोस्कर कंपनी ने मेगा टी पेश क्या है । जिसकी कीमत तो ट्रेक्टर के मुकाबले कम है लेकिन यह ट्रेक्टर वाले सारे काम कर देता है । इस मशीन से आप जुताई ,बिजाई ,निराई गुड़ाई ,भार ढोना,कीटनाशक सप्रे आदि काम कर सकते है ।जो किसानों का काम आसान बना देती है।इसकी कीमत तकरीबन 1 लाख 40 हजार है।

मशीन की जानकारी

  • मॉडल – मेगा-टी (15 HP) हैंडल स्टार्ट
  • लंबाई – 2950 mm. चौड़ाई – 950 mm. ऊंचाई – 1300 mm.
  • इंजन का वजन – 138 किलोग्राम
  • इंजन की ऑयल कैपेसटी – 3.5 लीटर
  • प्रकार- वाटर कूल्ड डीजल इंजन
  • Rated RPM – 2000
  • ब्लेडों की संख्या – 20
  • गिअर – 6 आगे, 2 रिवर्स

यह मशीन कैसे काम करता है इसके लिए वीडियो भी देखें

यह एक पावर टिलर करता है खेती के 10 तरह के काम

पावर टिलर खेतीबारी की एक ऐसी मशीन है, जिस का इस्तेमाल खेत की जुताई से ले कर फसल की कटाई तक किया जाता है। इस के इस्तेमाल से खेतीबारी के अनेक काम आसानी से किए जा सकते हैं।

तकनीक

इस मशीन से खरपतवार का निबटान, सिंचाई, फसल की कटाई, मड़ाई और ढुलाई का काम भी लिया जाता है। इस के अलावा इस मशीन का बोआई और उस के बाद के कामों में भी खासा इस्तेमाल होता है।

 

इस तरह के कामों के लिए पहले कई मजदूर खेत में लगाने पड़ते थे, लेकिन पावर टिलर के प्रयोग से कम लागत और कम समय में सभी काम आसानी से खत्म हो जाते हैं।

खासतौर से पहाड़ी इलाकों में खेती के काम के लिए यह मशीन काफी कारगर है।आज अनेक कंपनियां पावर टिलर बना रही?हैं। उन्हीं में से एक वीएसटी शक्ति 130 डि पावर टिलर के बारे में जानकारी दी जा रही है :

वीएसटी शक्ति 130 डि – पावर टिलर

यह वीएसटी शक्ति द्वारा बनाया गया पावर टिलर है। इस से खेतों, बागानों व लाइनों में होने वाली फसलों की गुड़ाई आदि की जाती?है। यह पहाड़ी इलाकों में खेतों की जुताई करने वाला खास यंत्र है।

खासीयत : यह काफी हलका और चेन रहित होता है। यह चलने में बेहद आसान है।इसका आकार 2720 ​​x 865 x 1210 मिमी होता है और वजन (इंजन और ट्रांसमिशन रोटरी के साथ) 405 किलोग्राम होता है। इसका 4 स्ट्रोक सिंगल सिलेंडर इंजन 13HP की पावर पैदा करता है।इसमें आगे के लिए 6 गेअर और रिवर्स के लिए 2 गेअर होते है ।

इस मॉडल की कीमत 165000 के करीब है इसके बाकि मॉडल की कीमत मॉडल के हिसाब से कम जा ज्यादा हो सकती है ।

इस से आप क्या-क्या मशीने चला सकते है वो निचे देखें

आज किसान पावर टिलर के साथ अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के कई काम आसानी से कर रहे?हैं। यह एक ऐसी खास मशीन है, जिस से अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के तमाम काम लिए जा सकते हैं।

1.पानी का पंप

Water Pump

 

2.थ्रेशर

अक्षीय फ्लो थ्रेशर

3.रीपर

काटनेवाला

4.बैल प्रकार इंटर कल्टीवेटर

Bullock Type Inter Cultivator

4.बीज ड्रिल

ये सभी मशीने इस टिलर के साथ जुड़ सकती है किसान अपनी जरूरत के हिसाब से इन में से कोई भी मशीन खरीद सकता है लेकिन हर मशीन की अलग किमत होती है

अधिक जानकारी के लिए Toll Free फोन नंबर : 18004190136 और मोबाइल नंबरों 080 – 28510805 / 06/ 07 व 080 – 67141111 पर बात कर सकते हैं।

यह पावर टिलर कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो भी देखें

इस ट्रेक्टर की खूबियां जान कर रह जाएंगे हैरान

लोगों के शौक भी अजीबोगरीब होते हैं। कोई बीएमडब्ल्यू और मर्सीडिज में लग्जरी ड्राइविंग खोजता है तो कोई टैक्टर में। 1 करोड़ 69 लाख रुपए का यह टैक्टर इसी सपने से जन्मा है। यह साइंस और इनोवेशन के साथ लग्जरी और शौक का अनोखा मिश्रण है। किसी टॉप एसयूवी और इस टैक्टर में कई सारी समानताएं हैं। 24,200 पाउंड वजन के इस टैक्टर की टॉप स्पीड लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो लग्जरी के मामले में कारों को भी मात देती है।

 

एसयूवी से कई समानताएं

महंगी लग्जरी एसयूवी और इस टैक्टर में कई सारी समानताएं हैं। इसमें 6.7 लीटर टर्बो-डीजल इंजन, डूअल-क्लच गीयर-सेट और ऑटोमैटेड लॉकिंग डिफरेंशियल्स लगे हुए हैं। वास्तव में इस ट्रैक्टर को कार जैसा बनाने की कोशिश की गई है। वैसे भी यूरोप के रईस किसान हाई-होर्सपावर की मशीन के साथ टाइटर टर्निंग रेडियस और प्रीमियम डिजाइन के शौकीन हैं। उनका मानना है कि किसानी बेहद कठिन और 24 घंटे तथा सातों दिन होने वाला काम है। ऐसे में टै्रक्टर को थोड़ा लग्जरी होना चाहिए।

धुंआ नहीं निकलता

केस आईएच का नया ऑप्टिम 4 इनटू 4 ट्रैक्टर एक यूरोपीय लग्जरी सामान की तरह है, जो अमीरों के लिए प्राइज्ड पजेशन जैसा है। इसमें यूरोपीय यूनियन के प्रदूषण, कोलाहल और उत्सर्जन संबंधी सभी मानकों और प्रतिबंधों का पूरी तरह से पालन किया गया है। ऑटोमैटेड सिस्टम्स के कारण इससे धुआं न्यूनतम निकलता है। इससे जुड़े बेलर, सीडर, डिस्क कल्टीवेटर, बकेट्स जैसी चीजों का संचालन बेहद स्मूथ है। इसमें कई सारे पावर हाइड्रॉलिक्स लगे हुए हैं।

ये बातें भी हैं खास

  • 24,200 पाउंड वजन का यह खूबसूरत ट्रैक्टर चमचमाती लग्जरी कार को भी देता है मात
  • 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से भागती है यह शानदार मशीन
  • 2017 केस आईएच ऑप्टिम को मिला ट्रैक्टर ऑफ द ईयर का खिताब

टैक्टर ऑफ द ईयर

देखने में विशालकाय और डीजल से चलने वाला यह टैक्टर बाहर से बुलडोजर की तरह दिखता है। हालांकि इसका इंटीरियर इतना खूबसूरत और आरामदायक है कि इससे सवारी करना लड़कियों को भी पसंद है। क्योंकि एक तरफ जहां इसकी चारों ओर धूल होती है, वहीं इसके अंदर बैठा आदमी किसी लग्जरी कार में बैठे होने के अहसास में खोया रहता है। इस टैक्टर का नाम है- 2017 केस आईएच ऑप्टिम 270 सीवीएक्स। अपनी खासियतों के कारण ही ट्रैक्शन और आइरिश फार्मर्स जैसी मासिक मैग्जीन के पत्रकारों के एक समूह ने इसे टैक्टर ऑफ द ईयर का खिताब दिया।

मजदूरी पर होने वाले खर्च को आधा कर देगी यह पावर टिलर मशीन

पावर टिलर खेतीबारी की एक ऐसी मशीन है, जिस का इस्तेमाल खेत की जुताई से ले कर फसल की कटाई तक किया जाता है। इस के इस्तेमाल से खेतीबारी के अनेक काम आसानी से किए जा सकते हैं।

तकनीक

इस मशीन से खरपतवार का निबटान, सिंचाई, फसल की कटाई, मड़ाई और ढुलाई का काम भी लिया जाता है। इस के अलावा इस मशीन का बोआई और उस के बाद के कामों में भी खासा इस्तेमाल होता है।

इस तरह के कामों के लिए पहले कई मजदूर खेत में लगाने पड़ते थे, लेकिन पावर टिलर के प्रयोग से कम लागत और कम समय में सभी काम आसानी से खत्म हो जाते हैं।

आज किसान पावर टिलर के साथ अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के कई काम आसानी से कर रहे?हैं। यह एक ऐसी खास मशीन है, जिस से अन्य यंत्रों को जोड़ कर खेती के तमाम काम लिए जा सकते हैं।

खासतौर से पहाड़ी इलाकों में खेती के काम के लिए यह मशीन काफी कारगर है।आज अनेक कंपनियां पावर टिलर बना रही?हैं। उन्हीं में से एक इटैलियन पावर टिलर के बारे में जानकारी दी जा रही है :

इटैलियन पावर टिलर

यह बीसीएस इंडिया प्रा। लि। द्वारा बनाया गया पावर टिलर है। इस से खेतों, बागानों व लाइनों में होने वाली फसलों की गुड़ाई आदि की जाती?है। यह पहाड़ी इलाकों में खेतों की जुताई करने वाला खास यंत्र है।

खासीयत : यह काफी हलका और चेनरहित होता है। यह चलने में बेहद आसान है। यह 4 मौडलों (एमसी 720, एमसी 730, एमसी 740, एमसी 750) में उपलब्ध है। इस के 2 मौडल पेट्रोल और डीजल दोनों से चलते हैं।

730 मॉडल की कीमत 165000 के करीब है इसके बाकि मॉडल की कीमत मॉडल के हिसाब से कम जा ज्यादा हो सकती है । इसके इलावा अगर आप किसी इंडियन कंपनी का बना हुआ मॉडल लेंगे तो उसकी कीमत और भी कम होगी ।

बीसीएस पावर टिलर की  अधिक जानकारी के लिए फोन नंबर : 0161-2848597 और मोबाइल नंबरों 08427755743 व 08427800753 पर बात कर सकते हैं।

यह पावर टिलर कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो भी देखें

महिन्द्रा लांच करेगा ट्रैक्टर का तीसरा ब्रांड ‘ट्रेकस्टार’

19 बिलियन अमरीकी डॉलर के महिन्द्रा समूह की कम्पनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा (एमएंडएम) ने आज अपनी सहायक कम्पनी महिन्द्रा गुजरात ट्रैक्टर लिमिटेड (एमजीटीएल) का नया नाम अब ग्रोमेक्स एग्री इक्विपटमेंट लिमिटेड होगा।

ग्रोमेक्टस किसानों को विशेष, बेहतर और किफायती कृषि उपकरण उपलब्ध करवाएगा। ग्रोमेक्स ने ट्रैक्टर के अपने नए ब्रांड ट्रेकस्टार को लांच किए जाने की घोषणा भी की।

यह ब्रांड उन किसानों के लिए होगा, जिन्हें बेहतर क्वालिटी चाहिए और यह उनकी समृद्धि बढ़ाने में उनका सहयोग करेगा। ट्रेकस्टार 30-50 एचपी श्रेणी में पांच एचपी पॉइन्ट्स में उपलब्ध होगा।

इस मौके पर महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट सैक्टर के प्रेसीडैंट राजेश जेजुरीकर ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण में गुणवत्ता बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करने की हमारी यात्रा में ग्रोमेक्स एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

यह ब्रांड मूल्य बचत को इच्छुक किसानों पर केंद्रित होगा। उसने कहा कि ग्रोमैक्स कृषक समुदाय को किफायती प्रणाली और समाधान मुहैया कराएगी। इस संयुक्त उपक्रम में कंपनी की 60 फीसदी तथा गुजरात सरकार की 40 फीसदी हिस्सेदारी है।

ये है सब्जियों और फलों के ऊपर स्प्रे करने का सबसे बढ़िया यंत्र

जैसे नाम से ही पता चलता है कि मैन्गो मास्टर एक ब्लास्ट स्प्रेयर है जो सब्जियों और फलों के ऊपर स्प्रे करने के लिए इस्तेमाल होता है । इस स्प्रेयर से आप आम, संतरा ,किन्नू और दूसरे जो ऊंचे फलों वाले पेड हैं उनके ऊपर स्प्रे कर सकते हैं ।

मैन्गो मास्टर की खासियत ये है कि ये एक साथ सभी जगह पर एक जैसी स्प्रे करता है । मैन्गो मास्टर को चलने के लिए आप 35 HP से लेकर 55 HP ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं । इसकी टंकी की क्षमता 1500 लीटर होती है और यह 60 से 70 फ़ीट ऊँचे पेड़ पर भी स्प्रे कर सकता है ।

मैन्गो मास्टर बड़े बगीचे के लिए ज्यादा कामयाब है , यदि बाग़ बहुत छोटा हो, , तो यह वहां पर इतना कामयाब नहीं है । यह मशीन सभी तरह की बग समस्या निवारण में सक्षम है । इसके प्रयोग से Mites, Wasps जैसे सभी तरह की बग समस्या से निजात पाया जा सकता है ।

इसके Foging से,पौधे के आस पास कोहरे का कवर तैयार हो जाता है. जिससे कीड़ा का खात्मा हो जाता है । इसे सब्जी के बगीचा में पौधे को पोषक तत्व के छिड़काव एवं लॉन में उर्वरक की फाेगींग के लिए कर सकते हैं ।

और जानकारी के लिए वीडियो भी देखें

अगर आप इसे खरीदना चाहते है जा और जानकारी के लिए निचे दिए हुए पते पर संपर्क करें

CALL AT +91 22 6700 0557
EMAIL AT INFO@MITRAWEB.IN

Nashik Address

11, Bhandari Plaza,Mumbai-Agra Highway
Pimpalgaon Baswant ,Tal. Niphad, Dist. Nashik
Maharashtra – 422209

Baramati Address

Indapur Baramati road,Near Mahalaxmi macchi khanawal,
Motibag- Baramati.Tal – Baramati, Dist- Pune
Maharashtra – 413102

ये है खेतीबाड़ी कचरे और गोबर से खाद बनाने वाली मशीन

रैपिड कॉम्पोस्ट एरिएटर (खाद बनाने वाली मशीन) ट्रैक्टर में लगाई जा सकने वाली वो मशीन है, जो कचरे को खाद बनाने का काम करती है। गुरमेल सिंह धोंसी ने 2008 में किसानो की मज़बूरी देख कर यह मशीन त्यार की ,इस से पहले जब कोई किसान कम्पोस्ट खाद बनाता था तो उसे ज्यादा लेबर की जरूरत होती थी

इस लिए किसान को एक किल्लो के मगर 5-6 रुपये तक का खर्चा आता था ।जिस कारण कम्पोस्ट खाद बनाना काफी महंगा और मेहनत भरा काम था । इस मशीन को बनाने से पहले सिर्फ गोबर के इस्तमाल से ही कम्पोस्ट खाद त्यार करते थे । लेकिन अब खेतीबाड़ी कचरे से भी खाद त्यार की जा सकती है ।

इस से पहले जिस बायोमास को कुदरती तरीके से खाद बनने में 90 से 120 दिन लगते हैं, वो काम ये मशीन 25 से 35 दिनों में कर देती है। इस मशीन से एक घंटे में 400 टन तक खाद बनाई जा सकती है। यही वजह है कि गुरमेल सिंह धोंसी को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है।

गुरमेल सिंह धोंसी ने ऑर्गेनिक खाद बनाने वाली इस भारी-भरकम मशीन का ईजाद किया तो उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद थी कि धीरे-धीरे ही सही, लोगों को इस मशीन की अहमियत समझ में आने लगेगी। और क्यों न हो? एक ऐसी मशीन जो खेत के कचरे को बेहद कम लागत में खाद में तब्दील कर दे, वो किस किसान के काम नहीं आएगी?

उन्हें 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सम्मानित किया। किसान गुरमेल सिंह धोंसी खेती में अपने नए आइडियाज से मिसाल कायम की। छोटे-से गांव से आए धोंसी ने अब तक 24 ऐसे उपकरण बना दिए जो किसानों के रोजमर्रा काम में आते हैं। जिनकी डिमांड अब पाकिस्तान से भी आती है।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

मशीन को खरीदने जा और कोई जानकारी के लिए इस पते पर संपर्क करें

Address (Factory) : H-56, Industrial Area, Padampur,
Dist- Shriganganagar (Raj.)
Tel. No : 01505-223570 , 222570

यह है दुन्या के 5 सबसे बड़े ट्रेक्टर

 

आप ने बहुत से ट्रेक्टर देखें होंगे लेकिन यह ट्रेक्टर इतने ताकतवर है की आप कल्पना भी नहीं कर सकते । यहाँ भारत में अभी भी सब से बड़े ट्रेक्टर जो अभी सोनालिका ने लॉन्च क्या है 120 HP के बराबर है । लेकिन इन बड़े ट्रैक्टरों की पावर तो 680 HP से भी ज्यादा है । आओ जानते है इन राक्षस जैसे दिखने वाले ट्रैक्टरों की खासियत

बिग बड (Big Bud 16V-747)

यह ट्रैक्टर 28 फीट लंबा 20 फीट चौड़ा है । इस ट्रैक्टर की ऊंचाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस ट्रैक्टर की एक टायर की ऊंचाई 8 फीट तक होती है । इस ट्रैक्टर को पहली बार 1977 में बनाया गया था । इस ट्रैक्टर का 16 सिलेंडर डीजल इंजन बहुत ताकत देता है ।

बिग रॉय (Big Roy: Versatile 8-WD Model 1080 )

यह ट्रैक्टर भी 1977 में कनाडा में तैयार किया गया था । यह ट्रैक्टर 30 फीट लंबा ,20 फीट चौड़ा ,11 फीट ऊंचा है । इसके इंजन में 600 HP की ताकत है । अगर आप इसको देखना चाहते हैं तो मैनिटोबा एग्रीकल्चर म्यूजियम कनाडा में देख सकते हैं ।

आगको चैलेंजर (AGCO Challenger MT975B)

यह यह संसार का सबसे भारा और छोड़ा ट्रैक्टर है । यह ट्रैक्टर 24 फीट लंबा , 16 फीट चौड़ा ,12 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर का इंजन 570 HP का है । इस ट्रैक्टर के कैबिन में चढ़ने के लिए छह पौड़ी चढ़ना पड़ता है ।

केस स्टिगेर (Case IH Steiger Quadtrac 620)

यह ट्रेक्टर पहली बार 2013 में लांच किया गया यह ट्रैक्टर संसार का पहला बड़ा कम तेल खाने वाला ट्रेक्टर है । यह ट्रैक्टर 25 फीट लंबा, 14 फीट चौड़ा ,13 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर का इंजन 682 HP की पावर जनरेट करता है ।

उपटन (Upton HT14/350 2WD)

इस ट्रैक्टर का निर्माण 1978 में आस्ट्रेलिया में किया गया । इस ट्रैक्टर की ताकत 350 HP है । यह ट्रैक्टर 21 फीट लंबा ,11 फीट चौड़ा, 10 फीट ऊंचा है । यह ट्रैक्टर बाकी ट्रैक्टरों की तरह ताकतवर नहीं था ।