ये मशीन जो चारा काटने के साथ अट्टा चक्की का काम भी करती है

ये है आधुनिक और छोटी मशीन चारा काटने वाली मशीन (Chaff Cutter Cum Pulverizer) ।इसकी खास बात यह है ये मशीन चारा काटने के साथ अट्टा चक्की का भी काम करती है । इस लिए यह मशीन डेरी फार्मिंग ,बकरी पालन ,गौशाला आदि जगह पर उपयोग हो सकती है ।

यह मशीन किसी बड़ी चारा काटने वाली मशीन जितना चारा काट सकती है इसकी क्षमता एक घंटे में 500 से 1000 किल्लो तक की है ।

इसकी बॉडी 6MM लोहे से बनी है । इसका वजन सिर्फ 100 किल्लो है । इतने हलके वजन होने के कारण आप इसको कहीं भी रख जा लेजा सकते है ।

इसमें 3 High Carbonized ब्लेड लगे होते है जिनकी धार कभी कम नहीं होती । इस मशीन को 2 H .P की मोटर के साथ चलाया जाता है । बिना मोटर के इस मशीन की कीमत 23100 रुपए है ।

अगर आप इस मशीन को खरीदना चाहते है जा किसी तरह की और जानकारी लेना चाहते है तो इस 09033329666 पर कॉल जा Whats App कर सकते है

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

 

किसानो की जरूरत के हिसाब से बनया है यह लीफान कार्गो

कहते है की आवशकता ही अविष्कार की जननी है । ऐसे ही किसानो की जरूरत के हिसाब से त्यार क्या गया है यह लीफान तिपहिया कार्गो (lifan cargo tricycle) । इसमें लीफान के इंजन के साथ एक ट्राली जुडी हुई होती है ।

यह 800 किल्लो तक का वजन उठा कर 80 किल्लो मीटर की स्पीड से भाग सकता है । इसकी चैसी फ्रेम और कार्गो बॉक्स मजबूत होता है। इसका इंजन एक सिलेंडर होता है ।यह पेट्रोल से चलता है गियर शिफ़्ट में इसके 5 आगे + 1 रिवर्स होता है ।

यह तीन मॉडल (175cc , 200cc , 150cc ,250cc ) में आता है । 150cc वाले लीफान इंजन कार्गो 3 व्हीलर मोटरसाइकिल थोक कीमत 36000 रुपये है । जो की मॉडल के हिसाब से बढ़ती रहती है ।

अभी यह सिर्फ चीन में ही मिलते है । बहुत जल्द यह कंपनी भारत में इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने वाली है । लेकिन अगर इसे अभी ऑनलाइन अलीबाबा वेबसाइट से भारत मंगवा सकते है ।

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Product Specification: item number: HY250ZH-Aengine type:LIFAN 150ccengine :single cylinder,4-stroke, water-cooledway valveunderneath type camshaft:lubricating systempressure splash:fuel consumption≤354exhaust pollution:CO≤3.8%,HC≤800ppmstarting ability:≤15sclutch type:Wet Multi-Platederailleur type:Regular meshing gear typetransmission ratio,junior:4.055Output sprocket teeth:15The capacity of lubricating oil:1.1Lcarburetor:PZ30lubricating oil pump:Internal and external rotorMagnetor type:Permanent magnet ACtransmission Type:ShaftTricycle specificationsDimension: 3500*1300*1150mmmmCargo box size:1.4m*2.2m (all flowered pattern)Rear axle:Full floating 5 holes booster king real axle 1140Front shocker:mountain type strong absorberRear shocker:5+4 lever steel plate with spring Wheels : 5.00-12 wheels(three wheels can be exchanged) 50*100mm keel frame28A battery3rd generation Wuyang round type headlightBigger fuel tankSmall footplate Max.Load capacity:1500 KG-2500KGMax.Speed:75km/htransmission Type:Shaft

Posted by Zou Jingli on Monday, June 26, 2017

यह है भारत के टॉप 10 ट्रैक्टर

देश के कृषि को बल देने वाला एक अहम वाहन है ट्रैक्टर। आइए जानते हैं कि देश की तरक्की में अहम योगदान देने वाले कौन से हैं टॉप 10 ट्रैक्टर।

10. स्टैंडर्ड ट्रैक्टर्स

इस लिस्ट में 10वें नंबर पर है स्टैंडर्ड ट्रैक्टर्स। यह कंपनी 1975 में स्थापित हुई थी। यह कंपनी हार्वेस्टर्स और ट्रैक्टर्स बनाती है और कस्टमर्स को कई तरह की वैरायट के प्रॉडक्ट बेचती है। यह कंपनी दिल्ली आधारित है और इसके ट्रैक्टर पंजाब में बनते हैं।

 

9. प्रीत ट्रैक्टर्स

9वें स्थान पर काबिज प्रीत ट्रैक्टर्स 1980 में स्थापित हुई थी। यह कंपनी खेती से जुड़े विभिन्न प्रॉडक्ट बनाती है। इसके ट्रैक्टर 30 से 90 हॉर्सपॉवर तक की क्षमता के हैं। इस कंपनी को कई किसान पसंद करते हैं।

8. बलवान ट्रैक्टर्स

फोर्स मोटर्स के अंडर में आने वाली यह कंपनी 8वें स्थान पर है। पुणे आधारित यह कंपनी 1957 से ट्रैक्टर बना रही है। फोर्स मोटर्स न सिर्फ ट्रैक्टर बनताी है बल्कि कॅ​मर्शियल और पैसेंजर व्हीकल भी बनाती है।

7. एचएमटी लिमिटेड

एचएमटी का नमा जेहन में आते ही कई लोग घड़ीके बारे में सोचने लगते हैं। अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो हां यह सच है कि एचएमटी ही घड़ी भी बनाती थी और ट्रैक्टर भी बनाती है। यह कंपनी 1971 में बेंगलुरू से शुरू हुई थी।

6. न्यू हॉलैंड

बेहतरीन कस्टमर सपोर्ट के लिए मशहूर यह ट्रैक्टर कंपनी मूल रूप से इटली की है। न्यू हॉलैंड कई प्रॉडक्ट बनाती है। यह कंपनी भारत में 1996 में शुरू हुई और अबतक 2.5 लाख ट्रैक्टर से ज्यादा बेच चुकी है।

5. जॉन डियरे

इस लिस्ट में 5वें स्थान पर काबिज है जॉन डियरे। अमरीका की यह कंपनी भारत में अच्दा परफॉर्म कर रही है। यह कंपनी 1837 में स्थापित हुई थी और ग्लोबल फॉच्र्यून की लिस्ट में 300वें स्थान के आसापास है।

4. सोनालीका

इंटरनेशनल पंजाब आधारित यह कंपनी चौथे स्थान पर है। भारत की सबसे पुरानी ट्रैक्टर कंपनियों में से एक सोनालीका ने 2004 में पैसेंजर कार बनाने की ओर भी रुख किया था।

3. एस्कॉर्ट एग्री मशीनरी

कृषि के क्षेत्र में एस्कॉर्ट का नाम काफी मशहूर है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेश में भी चर्चित है। 1960 में इस कंपनी की स्थापना हुई। यह कंपनी भारत के अलावा 40 अन्य देशों में भी ट्रैक्टर एक्सपोर्ट करती है।

 

2. टैफे

ट्रैक्टर एंड फार्म इक्विपमेंट्स लिमिटेड नामक यह कंपनी 1960 में ​स्थापित हुई थी। चेन्नई स्थित यह कंपनी टॉप 10 ट्रैक्टर्स की लिस्ट में दूसरे स्थान पर काबिज है।

1. महिंद्रा

महिंद्रा केवल भारत की ही नंबर एक ट्रैक्टर निर्माता कंपनी नहीं है, बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर ​बेचने वाली कंपनी है महिंद्रा। 1964 में स्थापित हुई यह कंपनी ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों में सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही यह कंपनी पैसेंजर और कॅमर्शियल सेगमेंट के वाहनों में भी काफी मशहूर है।

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8 मीटर की ऊंचाई और 10 मीटर की दुरी तक स्प्रे कर सकता है यह कमाल का मिस्ट स्प्रे पंप

सभी फसलों पर कीट तथा बीमारियों का प्रकोप होता है। कभी-कभी इन बीमारियों के प्रकोप से पूरी फसल नष्ट भी हो जाती है। इसके अतिरिक्त पौधे की वृद्धि को खरपतवार से भी नुकसान होता है। कीट, बीमारियों एवं खरपतवार की रोकथाम के लिए विभिन्न प्रकार की दवाईयों का प्रयोग किया जाता है। ये दवाईयाँ पौध संरक्षण यंत्र जिन्हें स्प्रेयर तथा डस्टर के नाम से जानते हैं, के द्वारा फसलों पर छिड़काव के लिए किया जाता हैं।

पौधे में कीड़े-मकोड़े एवं बीमारी नियंत्रित करने के लिए स्प्रेयर से सूक्ष्म ड्राप स्प्रे की आवश्यकता पड़ती है, तथा खरपतवार नियंत्रित करने के लिए बड़े ड्राप स्प्रे की आवश्यकता पड़ती है। विभिन्न प्रकार के स्प्रेयर भिन्न-भिन्न कार्य करने के लिए उपलब्ध हैं। इनकी उपयोगिता अनेक कारकों पर निर्भर है। जैसे- स्प्रे करने का प्रकार, खेत का आकार, फसल का प्रकार, इत्यादि। यहाँ पर कुछ प्रमुख स्प्रेयरों का वर्णन किया जा रहा हैं, जो सभी राज्यों के लिए उपयोगी हैं।

आज हम जिस स्प्रेयर की बात कर रहे है उसे मिस्ट स्प्रेयर बोला जाता है यह बहुत प्रेशर के साथ स्प्रे करता है बहुत प्रेशर के साथ छोटी छोटी बूंदें बन जाती है जिस से ऐसा लगता है जैसे धुंध हो इस लिए इसे मिस्ट जा फोग स्प्रेयर बोला जाता । इसका इस्तमाल से हम 8 मीटर की ऊंचाई तक स्प्रे कर सकते है जो किसी भी बाग़ में स्प्रे करने के लिए उपुक्त है साथ में इस से हम कम से कम 10 मीटर की दुरी तक स्प्रे कर सकते है । जिस से किसी भी फसल के ऊपर स्प्रे करना बहुत ही आसान हो जाता है ।

यह पेट्रोल के इंजन पर चलता है और एक घंटे में सिर्फ आधा लीटर पेट्रोल का इस्तमाल करता है ।इसका वजन 10 किल्लो के करीब होता है और इसमें आप एक वक़्त पर 11 लीटर तक कीटनाशक भर सकते है वैसे तो मार्किट में बहुत से मिस्ट स्प्रेयर मिल जयँगे लेकिन हम जिसकी बात कर रहे है उसका नाम है किसानक्राफ्ट मिस्ट ब्लोअर इसकी कीमत 5,780 रु है।

किसानक्राफ्ट मिस्ट ब्लोअर खरीदना चाहते है तो इस नंबर पर 91-80-22178200 संपर्क कर सकते है और ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो देखें

अब पथरीली ज़मीन पर स्प्रींग कल्टीवेटर से करें खेत की जुताई

स्प्रींग टाइन कल्टीवेटर में फ्रेम, टाइन, रिवर्सिबल शावेल, खिंचने वाली प्रणाली, भारी कार्य करने वाला स्प्रिींग इत्यादि भाग होते हैं। स्प्रींग का कार्य टाइन को चलते समय कठोर-वस्तु एवं पत्थर से बचाना है। शावेल हीट ट्रिटेड स्टील का बना होता है।

इसका इस्तेमाल विशेष तोर पर उस भूमि में किया जाता है जहाँ पर बड़े पथर ज्यादा होते है ।
यहाँ पर आम कल्टीवेटर के इस्तमाल से कल्टीवेटर को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है और उसके मुड़ने और टूटने का डर रहता है । वहीँ स्प्रिंग कल्टीवेटर में स्प्रिंग लगे होने के कारण ये टूटता नहीं है।

यह कल्टीवेटर माउन्टेड टाइप होता हैं जो ट्रैक्टर के हाइड्रोलिक प्रणाली द्वारा नियंत्रित होता है। यह यंत्र पशु चालित कल्टीवेटर (डोरा) की तुलना में 50 प्रतिशत मजदूरी की बचत तथा 30-35 प्रतिशत संचालन खर्च में बचत करती है।

उपयोग: इसका मुख्य कार्य सूखा या गीला नर्सरी बेड तैयार करने एवं चौड़ी कतार में निकाई-गुड़ाई करने तथा कादो करने में भी इसका प्रयोग करते हैं।

  • उत्पाद विवरण:
  • फ़्रेम: 75 x 40 मिमी
  • ट्यून्स संख्या : 11
  • ट्यून्स: 50 x 19 मिमी (जाली)
  • एंगल पिन: 50 x 6 मिमी
  • स्प्रिंग: 10 mm
  • लंबाई: 2458 मिमी:
  • पावर की आवश्यकता (एचपी): 50 – 55 एचपी
  • वजन : 260 किलोग्राम

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे

भारत इंजीनियरिंग कंपनी, शाम नगर, जी .टी. रोड, करनाल , हरियाणा,

MOBILE -+91-0184-2274720 +91 9996915558

यह  कैसे काम करते  है उसके लिए वीडियो भी देखें

आ गया हाथ ,सोलर और बॅटरी तीनो से चलाया जाने वाला स्प्रे पंप

थ्री इन वन स्प्रे पंप एक आधुनिक स्प्रे पंप है । ज्यादातर किसनो के पास हाथ से चलने वाला पंप होता है । जिस से काम भी कम होता है और साथ में मेहनत भी बहुत करनी पड़ती है ऐसे किसानो के लिए हीरा एग्रो ले कर आया है 3 इन 1 स्प्रेअर।

 

कम मेहनत के साथ इसके और भी बहुत से फायदे है जो निचे लिखे हुए है ।

1) 3 इन 1 स्प्रेअर हाथ से,सोलर पर और बॅटरी से तीनो से चलाया जाता है ।
2) 16 लिटर की क्षमता ।
3) एक बार बॅटरी चार्ज करने के बाद 25 बार स्प्रे कर सकते है ।
4) स्प्रेअर नोझर अत्यंत उत्तम तकनीकी से बना होने के कारण स्प्रे एक जैसा आता है ।
5) इंजिनियरिंग प्लास्टिक से बने होने के कारण आयु मर्यादा बढ जाती है ।
6) 3 इन 1 स्प्रेअर को उत्तम बेल्ट होने के कारण पीठ दर्द नही होता ।

कहाँ से खरीदें

अगर आप इसे खरीदना चाहते है तो इसकी कीमत सिर्फ 3500 रु के करीब ज्यादा जानकारी के लिए आप हिरा अॅग्रो कॅाल सेंटर से 7741903237 / 9370722722 संपर्क कर सकते है । अगर आप व्हाट्सअप का प्रयोग करते है ।

तो आपका नाम,गाव, Whats app के जरिए 9422207468 / 9360622622 इस नंबर पर भेजे । वो बहुत जल्द आप से संपर्क करेंगे

सोलर स्प्रेअर कैसे काम करता है इसके लिए वीडियो भी देखें

छोटे किसानो का नया बैल मेगा टी, ट्रेक्टर से पांच गुना कम कीमत पर करें ट्रैक्टर के सारे काम

बहुत से किसान हर साल इस लिए खेती करना छोड़ देते है क्यूंकि उनके पास खेती करने के लिए जरूरी साधन नहीं होते । एक किसान के लिए सबसे जरूरी चीज ट्रेक्टर होता है लेकिन ट्रेक्टर महंगा होने के कारण हर किसान इसे खरीद नहीं पता ।

ऐसे किसानो के लिए किर्लोस्कर कंपनी ने मेगा टी पेश क्या है । जिसकी कीमत तो ट्रेक्टर के मुकाबले कम है लेकिन यह ट्रेक्टर वाले सारे काम कर देता है । इस मशीन से आप जुताई ,बिजाई ,निराई गुड़ाई ,भार ढोना,कीटनाशक सप्रे आदि काम कर सकते है ।जो किसानों का काम आसान बना देती है।इसकी कीमत तकरीबन 1 लाख 40 हजार है।

मशीन की जानकारी

      • मॉडल – मेगा-टी (15 HP) हैंडल स्टार्ट
      • लंबाई – 2950 mm. चौड़ाई – 950 mm. ऊंचाई – 1300 mm.
      • इंजन का वजन – 138 किलोग्राम
      • इंजन की ऑयल कैपेसटी – 3.5 लीटर
      • प्रकार- वाटर कूल्ड डीजल इंजन
      • Rated RPM – 2000
      • ब्लेडों की संख्या – 20
      • गिअर – 6 आगे, 2 रिवर्स

     

  • यह मशीन कैसे काम करता है इसके लिए वीडियो भी देखें

    https://youtu.be/IjA8bA7TqaQ

आ गया बर्षा पंप, अब सिंचाई के लिए न बिजली की जरूरत और न ही ईंधन की

खेती के लिए सबसे ज्यादा जरूरी क्या है ? आप कुछ देर के लिए सोचेंगे और कहेंगे सिंचाई की सुविधा, क्योंकि इसके बिना सारी तैयारियां अधूरी रह जाती है। और अगर हम आपको कहें कि सिंचाई के लिए हमारे पास एक ऐसा वाटर पंप है जो बिना बिजली और किसी ईंधन के ही चलती है तो क्या कहेंगे?

आज हम इसी खास तकनीक के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसका विकास नीदरलैंड में हुआ है और जो हमारे पड़ोसी देश नेपाल में सफलतापूर्वक काम कर रहा है। इस तरह की तकनीक भारत के लिए भी वरदान साबित हो सकती है जहां आज भी चौबीस घंटे बिजली की बात तो छोड़ दीजिए कई जगहों पर तो बिजली पहुंचती भी नहीं है।

ऐसे इलाकों के लिए यह तकनीक कृषि के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। यह वाटर पंप जिस तकनीक पर काम करता है उसके लिए भारत की परिस्थिति बिल्कुल सही जगह है। तो चलिए अब विस्तार से इस खास तकनीक से लैस पंप के लिए बात करते हैं।

बर्षा पंप से किसानों के खेतों में होगी वर्षा

हाल में नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने खेतों में सिंचाई को बेहद आसान बनाने के लिए एक नया सिंचाई पंप विकसित किया है। यह एक ऐसा बर्षा पंप है, जिसके लिए किसानों को बिजली या ईंधन का खर्च भी नहीं उठाना पड़ेगा।

बस किसानों को इस पंप को नहर या नदी में रखना होगा और इसके सहारे किसान आसानी से अपने आस-पास के खेतों में सिंचाई कर सकेंगे। किसानों के लिए यह एक तरह का बिल्कुल नया उपकरण है, जिसके इस्तेमाल से किसानों को सिंचाई संबंधी एक बड़ी समस्या दूर हो सकेगी।

किसानों के लिए सिंचाई बड़ी समस्या

अपने खेतों में सिंचाई के लिए किसानों को बड़ी मुश्किल उठानी पड़ती है। एक तरफ जहां कुछ किसान आस-पास की नदियों, नालों या नहर में सिंचाई पाइप लगाकर डीजल पंप के जरिये अपने खेतों की सिंचाई करते देखे जा सकते हैं, वहीं दूसरी ओर किसान अन्य जटिल तरीकों से खेतों से सिंचाई की व्यवस्था करते हैं, ताकि अपने खेतों में सही स्थिति और समय पर रोपाई कर सकें।

असल में बर्षा पंप का निर्माण नीदरलैंड की कंपनी क्यूस्टा ने किया है। इस बर्षा पंप के लिए यूरोपीय संस्था क्लाईमेट केवाईसी की ओर से यूरोप की इस साल की सबसे बड़ी तकनीकि खोज का अवॉर्ड दिया गया है।

शोधकर्ताओं की मानें तो यह एक तरह का बिल्कुल नया उपकरण है और विकासशील देशों में यह तकनीक बहुत कारगार साबित होगी। चूंकि पहला बर्षा पंप इस साल नेपाल में लगाया गया है और नेपाल में बारिश को बर्षा कहा जाता है। इसलिए इस पंप का नाम बर्षा रखा गया है।

ऐसे चलता है बर्षा पंप

असल में यह पंप पानी की लहरों से चलता है। लहरों से टकराकर बर्षा पंप का एक बड़ा सा पहिया घूमता है और इससे वायु का दबाव बनता है। इस वायु के दबाव की वजह से ही पानी को एक नली के जरिये किसानों के खेतों तक पहुंचा देता है।

ऐसे में नदी, नहर या नालों में पानी की लहर की गति ही इस पंप के लिए कारगार होती है और जितनी तेज पानी की रफ्तार होगी, उतनी दूर तक किसानों के खेत तक पानी पहुंच सकेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदूषण न फैलाने की वजह से यह बर्षा पंप पर्यावरण के भी अनुकूल है। अब एशिया में ही नहीं, बल्कि लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में इस बर्षा पंप के निर्माण की तैयारी शुरू की जा रही है।

शोधकर्ताओं की मानें तो इस बर्षा पंप के जरिए फसल का उत्पादन 5 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। यह पंप एक लीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पानी छोड़ता है। पानी की रफ्तार अच्छी होने पर इस पंप के जरिये 82 फीट की ऊंचाई तक भी पानी को पहुंचाया जा सकेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि एक साल में ही इस पंप की पूरी लागत वसूल हो जाएगी।

बर्षा पंप कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो भी देखें

चारा काटने और कुतरा करने वाली मशीन,1 घंटे में काटती है 3 टन हरा चारा

हरा चारा काटने वाली मशीने तो आप ने बहुत देखी होंगी लेकिन काटने के बाद चारे का कुतरा(छोटा छोटा काटना ) भी करना पड़ता है ।  जिस से पशु अच्छी तरह से चारे चारे को खा सकते है । इस लिए आप को पहले चारा काटना पड़ता है फिर कुतरना पड़ता है ।

लेकिन आज हम जिस मशीन की बात कर रहे है उसकी बात ही अलग है यह मशीन काटने के साथ साथ चारे के कुतरने का भी काम करती है और साथ में इतनी तेज़ी काम करती है के सिर्फ एक घंटे में 3 टन हरा चारा और 1 टन सूखा चारा काट कर कुतर भी देती है । इस मशीन से आप हर तरह का चारा आसानी से काट सकते है चाहे वो किसी भी फसल का क्यों ना हो ।

इस मशीन का नाम है मल्टी क्रॉप चॉपर – 2227 ( MULTI CROP CHOPPER- 2227 ) ।  यह मशीन संतोष एग्री मशीनरी द्वारा त्यार की गई है । इस मशीन को किसी भी ट्रेक्टर से जोड़ा जा सकता है जिसकी क्षमता 80HP जा उस से ज्यादा हो । यह मशीन चारे का साइलेज बनाने के लिए और डेरी फार्म के लिए बहुत ही उपयोगी है क्योंकि उनको बड़ी मात्रा में चारा चाहिए होता है और वह भी बहुत ही कम समय में ।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

अगर आप इस मशीन की कीमत जानना चाहते है तो निचे दिए हुए पते पर संपर्क कर सकते है

  • Company Name : SANTHOSH AGRI MACHINERY
  • Address : No.282, Kartar Complex, Salem to cuddalur Main Road, Coimbatore – 636108, Tamil Nadu , India
  • Contact Person : Mr. Prem Kumar (Manager)
  • Mobile : +917373032415, +917373032411

पीवेट सिस्टम का बटन दबाते ही होने लगती है 320 बीघा खेत में बरसात

जैतसर (श्रीगंगानगर) : वह जमाना लद गया, जब फसलों के लिए बारिश का इंतजार होता था। बारिश नहीं आने पर यज्ञ प्रार्थनाएं होती थी। श्रीगंगानगर के जैतसर केंद्रीय कृषि राज्य फार्म में 1.37 करोड़ रुपए की लागत से दो पी-वेट सिस्टम लगे हैं, जिसका बटन दबाते ही पूरे खेत में कृत्रिम बारिश शुरू हो जाती है। दोनों सिस्टम एक साथ शुरू करने पर 350 से ज्यादा फव्वारे एक साथ शुरू हो जाते हैं।

जैतसर में दो पीवेट सिस्टम, पहला 52 लाख का, दूसरा 85 लाख का

पहले पीवेट सिस्टम की सफलता के बाद अब फार्म में दूसरा सिस्टम स्थापित किया गया है। डायरेक्टर कस्वां ने बताया कि 2011 में खरीदे गए 438 मीटर लंबे पीवेट की लागत 52 लाख रुपए थी। दूसरा पीवेट सिस्टम 498 मीटर लंबा लगाया गया है, जिसकी लागत 85 लाख रुपए आई है।

पीवेट सिस्टम ऐसे करता है काम

जैतसर केंद्रीय राज्य यांत्रिकी कृषि फार्म के डायरेक्टर रामकुमार कस्वां ने बताया कि जैतसर फार्म में मानव श्रम का न्यूनतम इस्तेमाल करने को देखते हुए 2011-12 में पहली बार पी-वेट उपकरण लाए गए। इसके ऊपर 10 इंच की पाइप पानी की मैन सप्लाई के लिए लगी होती है, इस पाइप के नीचे 4-4 इंच की चार पाइपें लगी होती हैं, जिनमें मैन पाइप से पानी आता रहता है।

इसके बाद नीचे आधा इंच की पाइव लगी होती है, जिसमें स्प्रिंकलर सिस्टल लगा है। एक साथ 7 पी-वेट जोड़े गए हैं। इस प्रकार एक पी-वेट 71 मीटर लंबा है जिसमें 36 फव्वारे लगे होते हैं। पूरा पीवेट सिस्टम बिजली पर चलता है। एक कमरे में छोटा सा डिस्प्ले बोर्ड लगा है।

इसमें पानी की सघनता, पानी छोड़ने की स्पीड अादि की जानकारी रहती है। यहीं कंट्रोल रूप से पूरा सिस्टम संचालित होता है और पीवेट को आगे पीछे किया जा सकता है। पूरे सिस्टम को आगे-पीछे भी किया जा सकता है। टायरों के पास 3-3 हॉर्स पॉवर की मोटरें लगी हैं, जो पूरे सिस्टम का संचालन करती हैं।

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