किसान ने त्यार की धान की नई किसम

अच्छी पैदावार और स्वाद वह दो सबसे महत्वपूर्ण खूबियां हैं जिनकी किसान बुवाई के लिए बीज का चयन करते समय तलाश करता है। अगर बीज रासायनिक आदानों की आवश्यकता के बिना अच्छी तरह विकास कर सकता है, तो यह किसान और उपभोक्ता दोनों के लिए बोनस है।

मैसूर के एम.के. शंकर गुरू, जिन्‍हें धान उगाने का 50 साल से भी अधिक का अनुभव है, ने धान की ऐसी किस्म विकसित की है जिसमें उपरोक्त सभी गुण हैं। उन्होंने इस बीज को एनएमएस-2 नाम दिया है।

गुरु 1992 से ही विभिन्न किस्मों के बीज एकत्र और संरक्षित करने में लगे हुए हैं। बीजों के प्रति उनके आकर्षण ने एनएमएस-2 नामक इस नई किस्म का विकास करने में उनकी मदद की। उन्हें राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन-भारत, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।

एनएमएस-2 के बारे में अधिक जानें

एनएमएस-2, 130-135 दिन की फसल है। एक एकड़ के लिए, 10-15 किलो बीज की आवश्यकता होती है। पैदावार 28-30 क्विंटल होती है। जैविक खेती की पद्धतियों का उपयोग कर इसे उगाया जाता है।

यह रोग प्रतिरोधी किस्म है जो सफेद रंग का चावल देती है। बीज का आकार मध्यम होता है। कटाई के बाद चावल में संसाधित करने पर, धान की अन्‍य किस्‍मों की तुलना में हानि का प्रतिशत तुलनात्मक रूप से कम होता है।

अगर आप इसका बीज खरीदना चाहते है तो 3000-3500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ख़रीदने के लिए एमके शंकर गुरू मोबाइल- 09900658921 पर संपर्क करें । इसकी फसल 2000 प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकती है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *