नौकरी के साथ बतख पालन से भी कमा रहा है लाखों,

ज्यादातर लोग नौकरी करके ही अपना घर चलाते हैं। बढ़ती महंगाई, महंगी होती शिक्षा को देखते हुए अब कमाई बढ़ाने के लिए लोग नौकरी के साथ-साथ पार्ट टाइम बिजनेस पर जोर दे रहे हैं। हरियाणा के निवासी विकास कुमार ऐसे ही एक उदाहरण हैं जिन्होंने नौकरी के साथ बतख पालन शुरू किया और अब वह इससे मंथली लाखों में कमाई कर रहे हैं। आइए जानते हैं विकास के सफर के बारे में…

करनाल के रहने वाले विकास कुमार ने मनीभास्कर डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि वो एक प्राइवेट बैंक में लोन डिपार्टमेंट में नौकरी करते हैं। नौकरी के साथ उन्होंने बतख पालन का काम शुरू किया, जिससे उनकों लाखों में इनकम हो रही है। उन्होंने बतख पालन शौकिए के तौर पर शुरू किया था। लेकिन सरकार की मदद से यह अब बड़े बिजनेस में तब्दील हो गया है।

कैसे की शुरुआत

सरकार का मिला साथ पढ़ाई पूरी करने के बाद विकास खेती-बाड़ी में जुट गए। खेती-बाड़ी में काम करते हुए वो बिजनेस अपॉर्चुनिटी की तलाश में थे। इस दौरान उन्हें सरकार का एक विज्ञापन दिखा और उसके बाद उनकी लाइफ निकल पड़ी।

एग्री क्लिनिक एंड एग्री बिजनेस स्कीम को कैंडिडेट्स की जरूरत थी। उन्होंने इसके लिए अप्लाई किया और फिर इंटरव्यू और स्क्रीनिंग के बाद ट्रेडिंग प्रोग्राम के लिए उनका सेलेक्शन हुआ। यहां उन्हें बतख पालन के बारे में जानकारी मिली। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने विकास डक फार्म की नींव रखी।

पार्ट टाइम है बतख पालन का काम विकास ने कहा कि वो एक प्राइवेट बैंक के लोन डिपार्टमेंट में नौकरी करते हैं। जहां उनकी मंथली सैलरी 17 हजार रुपए है। नौकरी के साथ वो बतख पालन का भी काम करते हैं। करीब 4 हजार रुपए में उन्होंने 50-60 बतख से इसकी शुरुआत की थी। अब उनके फार्म में बतख की संख्या बढ़कर 4 हजार तक हो गई है। इसके अलावा वो खेती भी करते हैं।

ऐसे होती है कमाई

विकास ने बताया कि बतख पालन से वो सालाना 10 लाख रुपए तक आमदनी कर लेते हैं। वो कहते हैं कि सर्दियों में बतख के अंडे की डिमांड ज्यादा होती है। एक अंडे की कीमत 10 से 11 रुपए होती है। इसके अलावा बतख के बच्चे निकालते हैं।

जिसको वो बाजार में बेचते हैं। बतख की मांस बाजार में 350 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती है। वो गोरखपुर औऱ हिमाचल प्रदेश में बतख की सप्लाई करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बतख पालन पर तीन दिवसीय ट्रेनिंग मॉड्यूल पैकेज बनाया है और वो गांव के 6 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।

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