अब इस मशीन से दो मिंट में जाने अपने खेत की फसल का हाल

इंसान के पास अपने शरीर का बुखार चैक करने के लिए थर्मामीटर और डायबीटिज चैक करने वाली मशीन भी है। शरीर में कैल्सियम की कमी है ये पता करने वाली मशीनें भी है। लेकिन खेत में खड़ी फसल को किस चीज की जरूरत है, क्या उसे खांसी हुई है या बुखार यानी उसे पानी की जरूरत है अभी या फिर किसी दवा की, इसे जांचने वाली मशीन की तलाश किसानों को लंबे समय से थी।

ऐसी ही एक छोटी सी मशीन को इस्तेमाल कर हरियाणा के किसान लवप्रीत सिंह फसल को होने वाले नुकसान से आसानी से बच जाते हैं और ज्यादा पैदावार कर ज्यादा कमाई कर रहे हैं।

बुआई और रोपाई के समय ही खेतों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन तब बरसात नहीं होती। फिर जब फसल की कटाई का वक्त आता है, तो अनचाही बरसात सब बर्बाद कर देती है। सालों से किसान को इसी समस्या का सामना करना पड़ता आ रहा है।

लेकिन हरियाणा के किसान लवप्रीत सिंह को परेशानी से बच जाते हैं। दरअसल, ग्रीन सीकर जैसे छोटे गैजेट्स फसलों के लिए सेंसर की तरह काम करते हैं। लवप्रीत इसी मशीन का इस्तेमाल करते हैं। वो जैसे ही इस मशीन को खेत में खड़ी फसल के किसी भी हिस्से पर ले जाते हैं, तो मशीन से लाल रंग की तरंगे यानी रोशनी निकलती है।

फसल का स्वास्थ्य जांचने वाली मशीन

ये तरंगे पौधों से टकराकर खत्म हो जाती हैं, लेकिन खत्म होने से पहले वो मशीन को बता देती हैं कि फसल को किस चीज की अभी कमी है। इसी मदद से लवप्रीत खेत की मिट्टी में नाइट्रोजन की स्थिति का भी पता तुरंत लगा लेते हैं।

किसान लवप्रीत अपने 50 एकड़ के खेत की फसलों के लिए ऐसी कई नई तकनीक वाली मशीनें इस्तेमाल करते हैं। यह उनमें से एक है।

लवप्रीत के मुताबिक तकनीक की वजह से वो मौसम की बेहतर भविष्यवाणी जान लेते हैं। जिसकी वजह से वो बीजारोपण करने के सही समय और कीटनाशकों के छिकड़ने के समय की सही योजना आसानी से पहले ही बना लेते हैं।

लेकिन पहले ऐसा नहीं हो पाता था। इस वजह से उनको पहले मजदूरों पर अधिक खर्च करना पड़ता था। फिर गलत समय पर बरसात, फसल को बर्बाद कर दिया करती थी।

बाकी किसान छोटी जोत वाले हैं इसलिए वो 40 हजार रूपए की कीमत वाली ग्रीनसीकर मशीन को नहीं खरीद पाते। ऐसे में लोकर कृषि समितियों ने इनको खरीद लिया है और वो अब बाकी छोटे किसानों को इसे फ्री में इस्तेमाल करने देती है ताकि किसान को फायदा हो सके। ऐसे करता है काम

इसके सेंसर में लाल इंफ्रारेड लाइट लगी होती है जो पौधे के ऊपर पढ़ने वाले हर प्रकार के प्रकाश का का विश्लेषण कर पौधे के बारे में जानकारी हांसिल करती है ।सेंसर अपनी रिपोर्ट इस यंत्र की ऐल.सी.डी स्क्रीन पर देता है । जो NDVI (रीडिंग 0.00 से 0.99) स्क्रीन पर दिखाई देती है ।

रीडिंग के हिसाब से हम पौधे की सेहत के बारे में जान सकते है । इसको Connected Farm™ scout ऐप के साथ कनेक्ट किआ जा सकता है जिस से अगर कोई घर से दूर भी हो तो भी अपने खेत के बारे में जानकारी हांसिल कर सकता है ।

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