इजरायल की तकनीक से खेती करेंगे यूपी के किसान

प्रदेश में उम्दा किस्म की फल और सब्जियां उगाने के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इसी साल जुलाई से शुरू हो जाएंगे। इजरायल के तकनीकी सहयोग से फलों का सेंटर बस्ती में और सब्जियों का कन्नौज में शुरू होने जा रहा है। यहां किसानों को उन्नत किस्म की पौध तैयार करके दी जाएंगी। साथ ही किसानों को सब्जियों और फलों के रख-रखाव की सलाह और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

भारत में फलों और सब्जियों का उत्पादन तो खूब होता है,लेकिन क्वॉलिटी को लेकर किसान ज्यादा जागरूक नहीं हैं। वे खुद बीज बोते हैं, पौध बनाते हैं। पौध कितनी दूरी पर लगाई जाए, कौन से कीटनाशक डाले जाएं और कैसे तोड़ाई की जाए, इस बारे में भी सभी किसानों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीज से पौध बनाने के स्तर पर ही इतनी चूक हो जाती है कि अच्छी क्वॉलिटी के पौधे ही तैयार नहीं हो पाते। इन बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इजरायल सरकार के सहयोग से देशभर में फल और सब्जियों के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने का प्रॉजेक्ट शुरू किया था। इसमें यूपी को दो सेंटर ऑफ एक्सिलेंस मिले।

केंद्र और प्रदेश सरकार दे रही आर्थिक सहयोग

उद्यान विभाग के निदेशक आरपी सिंह बताते हैं कि यूपी में दो सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनकर तैयार हो चुके हैं। बस्ती में फलों का सेंटर करीब 7.4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। कन्नौज में सब्जियों का सेंटर 7.6 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है।

ये दोनों इस साल जुलाई से शुरू हो जाएंगे। इजरायल की तकनीक आधारित खेती का लाभ लेने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकारें आर्थिक मदद कर रही हैं।

किसान बीज लाएंगे, सेंटर पौध तैयार करके देगा

आरपी सिंह ने बताया कि यहां पर किसानों को सर्विस और प्रशिक्षण दोनों मिलेगा। किसान अपना बीज लेकर यहां संपर्क करेंगे। उससे सेंटर पर पौध तैयार कर किसानों को दी जाएंगी। यह सुविधा नि:शुल्क होगी। इसके अलावा फल और सब्जियों को रोग से बचाव, कीटनाशकों के छिड़काव और अन्य जरूरी सलाह भी किसानों को यहां मिलेगी।

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