आ गया ब्राजील का कैक्टस अब बंजर भूमि में भी मवेशियों को मिलेगा चारा

कैक्टस एक ऐसा पौधा है जो हर तरह की बंजर और ज़मीन में उग सकता है ।और सोचो अगर इसके इस्तेमाल से पशुआ का चारा बन जाये तो कभी भी कहीं ही चारे की कमी नहीं आयगी। आने वाले दिनों में सूखे क्षेत्र और बंजर जमीन का उपयोग कैक्टस के उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। मवेशियों को चारे के लिए कैक्टस की 24 प्रजातियों का उपयोग किसान कर सकेंगे। कैक्टस ब्राजील में पाया जाता है जहां से अब इसे इकार्डा सेंटर लाया गया है।

इस पर शोध किए जा रहे हैं। इकार्डा सेंटर इंटरनेशनल सेंटर फार एग्रीकल्चर रिसर्च इन द ड्राय एरिया के वैज्ञानिक शोघ कार्य में जुटे हुए हैं। यहां पर 24 सितंबर 2014 को ब्राजील से कैक्टस मंगाया गया था। यहां पर 24 पैड मंगाए गए थे जिनमें से ओरेला डे एलीफेंटा मेक्सीकाना प्रुमख हैं। अब यह 3 एकड़ के रकबे में लगा है।

अन्य कामों में भी होता है उपयोग

इकार्डा सेंटर के फार्म मैनेजर विवेक सिंह तोमर ने बताया 24 किस्मों पर शोध चल रहा है। चारे की ये उत्तम किस्में हैं। दो साल पहले ब्राजील से इसे लाया गया था। इस साल इसके पौधों की ऊंचाई दो फीट और चौड़ाई डेढ़ फीट तक हो गई है। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी होगा।

इससे ये होते हैं फायदे

कैक्टस बंजर भूमि पर भी हो सकता है। इसके लिए पानी होना लाजमी नहीं है। यह बिना पानी के ही बेहतर उत्पादन देता है। ये चारे के काम आता है। पशु पालकों को इसकी 24 किस्में मिल पाएंगी। इसका उपयोग औषधियों के निर्माण में भी होता है। खासकर सौंदर्य प्रसाधन के लिए इसका उपयोग होता है। इसका गूदा चाॅकलेट बनाने के काम भी आता है। इसका उपयोग पेय प्रदार्थों के लिए भी होता है। मवेशियों के दूध के उत्पादन की क्षमता भी बढ़ जाती है।