मोदी सरकार ने किसानों को दी सबसे बड़ी खुशखबरी, इतने रुपये बड़े खरीफ फसलों के दाम

बुधवार को सरकार ने किसानों के हक में फैसला लिया है। धान, दाल, मक्का जैसी खरीफ की फसलों पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) बढ़ाने पर कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। सरकार का उद्देश्‍य है कि किसानों को अनाज के उत्पादन लागत पर ज्यादा मुनाफा मिल सके।

सबसे ज्यादा एमएसपी 52.5 फीसदी रागी पर बढ़ाया गया है। वहीं, धान की एमएसपी 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ी है। बता दें कि सरकार ने पिछले बजट में किसानों से एमएसपी बढ़ाने का वादा किया था। माना जा रहा है कि इससे केंद्र पर 33500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।

52.57 फीसदी तक बढ़ी MSP

रागी पर सबसे ज्यादा 52.57 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है। इसके अलावा ज्वार पर 42 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है। बाजरे पर 36.8 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है। तुअर की एमएसपी 4.1 फीसदी, उड़द की एमएसपी 3.7 फीसदी और मूंग की एमएसपी 2.5 फीसदी बढ़ाई गई है।

फसल नई MSP (rs प्रति क्विंटल) पुरानी MSP (rs प्रति क्विंटल) कितना बढ़ा (%)

दूसरे अनाज उत्पादकों को भी फायदा

हाल ही में जारी कैबिनेट नोट के मुताबिक, एमएसपी का अतिरिक्त खर्च जीडीपी का 0.2 फीसदी है। अतिरिक्त खर्च में धान की हिस्सेदारी 12300 करोड़ रुपए होगी।

एफसीआई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से वितरण के लिए केवल गेहूं और चावल खरीदता है, इसलिए सरकार एक नई व्यवस्था स्थापित करना चाहती है ताकि यह तय किया जा सके कि अन्य फसलों के एमएसपी में बढ़ोत्तरी का लाभ भी किसानों तक पहुंचे।

नई खरीद नीति क्यों थी जरूरी

दाल, तिलहन और कॉटन की खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत होती है, लेकिन इसमें कई खामियां बताई गईं। मौजूदा समय में किसानों को मूंगफली, सोयाबीन, रागी, मक्का, बाजरा और ज्वार सहित 23 अधूसूचित फसलों पर दाम एमएसपी से कम मिल रहा है। इन उत्पादों की खरीद पर सरकार संबंधित एजेंसियों को हो रहे नुकसान की भी भरपाई करेगी।

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