अब इस राज्य किसानों को मिलेगा बिना किसी गारंटी के तीन लाख तक कृषि ऋण

बिहार के किसानों को अब बिना किसी गारंटी के तीन लाख रुपए तक कृषि ऋण मिल सकता है। अभी इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपए है। राज्य मे 1.61 करोड़ किसान हैं, जिनमें 60 लाख के पास ही केसीसी है। केसीसी को बढाने के लिए प्रखंडों में शिविर लगाए जाएंगे। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार से बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद जानकारी दी। 23 जनवरी को हुई इस बैठक में फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर तिथि तय कर कैंप लगा कर किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएंगे। कैं में सभी संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। किसान चैपाल में बैंक खाते की जानकारी ली जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से आसानी से मिल सके।

किसानों के ज्वाइंट लाइबिलिटी ग्रुप (जेएलजी) के माध्यम से पिछले वर्षों में बैंकों द्वापरा ऋण देने में कमी आई है। जेएलजी के माध्यम से अधिकतर बटाईदारों, भूमिहीन किसानों को ऋण की सुविधा मिलती है। पर जब से खाता-खेसरा की मांग होने लगी है, बटाईदार व भूमिहीन किसानों को ऋण मिलने में परेशानी हो रही है।

कृषि मंत्री ने बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 200 प्रोजेक्ट में मात्र 15 प्रोजेक्ट स्वीकृत होना दुखद है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत लेकर काम कर रही है। 21 जिलों में बाढ़ से हुए फसल नुकसान के लिए 894 करोड़ रुपये में से 80 प्रतिशत राशि किसानों के खाते में चली गई है।

 

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