अंग्रेजों को सब्जी की खेती सिखा रहा कुरुक्षेत्र का किसान

शाहबाद के गांव डाडलू निवासी हरबीर सिंह ने रोजगार पाने की खातिर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की। इस नौजवान का कृषि से कोई लम्बा चौड़ा नाता भी नहीं था।

महज 2 कनाल की भूमि वाले इस नौजवान के सिर पर एकाएक सब्जी की खेती करने का एक ऐसा जुनून सवार हुआ कि आज हरबीर सिंह अपने आपको एक प्रगतिशील किसान के रूप में स्थापित कर चुका है। किसान हरबीर सिंह अब अंग्रेजों को सब्जी की खेती करने के गुर सिखा रहा है।

नर्सरी फार्म हाउस पर कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि संस्थानों से विद्यार्थी ट्रेनिंग लेने के लिए पहुंचते हैं। इतना ही नहीं हरबीर सिंह कृषि विश्वविद्यालयों व संस्थानों में बतौर प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गांव डाडलू में हरबीर सिंह ने वर्ष 2005 में 2 कनाल क्षेत्र में सब्जियों की नर्सरी लगाने का प्रयास शुरू किया।

उसने धीरे-धीरे 2 कनाल से आज 14 एकड़ भूमि पर सब्जियों की नर्सरी को स्थापित किया। उनकी नर्सरी की पौध इतनी उत्तम है कि लगभग 8 हजार से ज्यादा किसान सब्जी फार्म हाउस से जुड़े हैं और सब्जियों की पौध भी खरीदते हैं। इतना ही नहीं हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार से किसान उनकी पौध खरीदने के लिए पहुंचते हैं। पिछले 2 वर्षों से किसान हरबीर सिंह की पौध की मांग इटली जैसे देशों में भी की जा रही है।

150 तरह के बीजों का प्रतिवर्ष ट्रायल

प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह ने बताया कि इस नर्सरी में टपका व फव्वारा सिंचाई तकनीकी को अपनाकर हरी मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, गोभी, प्याज, बैंगन जैसी सब्जियों के साथ-साथ पपीते के फल की पौध भी तैयार की जा रही है।

इस नर्सरी में करीब 200 लोगों को रोजगार के अवसर भी मुहैया करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 2 एकड़ जमीन पर 150 से ज्यादा किस्मों के विभिन्न मल्टीनेशनल कम्पनियों के बीज ट्रायल के तौर पर प्रतिवर्ष लगा रहे हैं।

विदेशी सीख रहे हैं खेती के गुर

हरबीर सिंह के नर्सरी फार्म हाउस पर इंगलैंड, हालैंड, अफगानिस्तान, इस्राइल, बांग्लादेश, नेपाल आदि देशों के डेलिगेट‍्स पहुंचते हैं। इन सभी देशों के प्रतिनिधि सब्जी की खेती करने के गुर सीखते है। हरबीर सिंह के फार्म हाउस पर किसानों को अप टू डेट करने के लिए प्रतिवर्ष 4 से 5 राज्य व जिलास्तरीय सेमिनारों का आयोजन बागवानी विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।

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