ये है बैलों से चलने वाला ‘पंचाल पंप’, एक घंटे में निकालता है 25 हजार लीटर पानी

बिजली संकट, डीजल के बढ़ते मूल्य, रासायनिक खादों से बंजर होती खेती, जमीन की घटती उर्वरा शक्ति ने खेती पर संकट खड़ा कर दिया है। काफी लंबे समय तक शोध और प्रयोगों के बाद खेती बिना बिजली, डीजल खर्च के कृषि आधारित सभी कामों के लिए एनीमल एनर्जी (पशु शक्ति) से चलने वाले स्क्रू पंप का अविष्कार कर तमाम झंझावातों से जूझ रहे किसान को नया मुकाम मिल गया है।

यह सब साकार किया है कि मलवां ब्लाक के मुरादीपुर गांव के रहने वाले पुरुषोत्तम लाल शर्मा ने। मैकेनिकल ट्रेड से इंजीनियर श्री शर्मा ने बिजली संकट, डीजल के संकट को देखते हुए वर्ष 2003-04 में बगैर पैसे के खेती प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। बकौल श्री शर्मा महाराष्ट्र में खेती और किसानी के लिए काम करने वाले सुभाष पाले से उनको इस क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिली।

एनीमल एनर्जी के उपयोग को लेकर पांचाल पंप सिस्टम तैयार किया। यह एक ऐसा पंप है जिसे बैल, ऊंट, खच्चर चरखी की तरह खीचते हैं। पंप जमीन की सतह पर लगाया जाता है। इसके बाद इसी से चारा कटाई, आटा चक्की, धान थ्रेसरिंग, गेहूं थ्रेसरिंग, ग्राडिंग मशीन आदि चलती है जो एक हार्स पावर क्षमता की हो, बैट्री चार्जिग भी की जा सकती है।

डीजल, बिजली बिल, पेट्रोल का कुछ खर्च नहीं है। पंप से एक घंटे में 25 हजार लीटर पानी निकलता है। माडल के तौर पर यह पंप (पूरा सिस्टम) महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, झारखण्ड, बिहार के अलावा अमेरिका के फ्लोरिडा व अफ्रीका में चल रहे हैं।

आईआईटी कानपुर, लखनऊ, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय रूटक (रूरल टेक्नालॉजी एक्शन ग्रुप) ने अप्रूव्ड कर दिया है। इस अविष्कार के चलते ही आईसीएआर भारत सरकार (इंडियन काउंसिल एग्रीकल्चर रिसर्च) का सदस्य बनाया गया है। गांव में भी बिन पैसे खेती का बड़ा माडल तैयार कर रहे हैं।

यह पंप कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें

यह पंप को खरीदने के लिए आप निचे दिए हुए पते और नंबर पर संपर्क कर सकते है

Address: Panchal Pumps & Systems,
F-77, Udyougkunj, Road No. 7, Site – 5 Panki Industrial Area, Kanpur – 208022, Uttar Pradesh, India
Call Us: 08079452237
Send SMS Mobile:+91-9451447491, +91-7852090091
Telephone:+91-512-2233631, +91-512-2071807
Website: http://www.panchalpumps.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *