मोदी सरकार किसानो को देगी एक और झटका , इतने महंगे हो जाएंगे ट्रैक्‍टर

मोदी सरकार ने ट्रैक्‍टर को नॉन ट्रांसपोर्ट व्‍हीकल की कैटेगिरी से बाहर करने का निर्णय लिया है। मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने इस संबंध में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इससे जहां ट्रेक्‍टर की कीमत बढ़ जाएगी, वहीं ट्रैक्‍टर मालिकों पर टैक्‍स का बोझ भी बढ़ जाएगा।

मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सेंट्रल मोटर व्‍हीकल रूल्‍स 1989 में संशोधन किया जा रहा है और नया रूल सेंट्रल मोटर व्‍हीकल (अमेंडमेंट) रूल्‍स 2017 के नाम से जाना जाएगा।

रूल्‍स्‍ा 1989 के मुताबिक एग्रीकल्‍चर ट्रैक्‍टर को एक नॉन ट्रांसपोर्ट व्‍हीकल माना जाता है। लेकिन नए रूल्‍स में संशोधन करते हुए कहा गया है कि इस लाइन को हटा दिया जाए। यानी कि एग्रीकल्‍चर ट्रैक्‍टर को नॉन ट्रांसपोर्ट व्‍हीकल की कैटेगिरी से हटा दिया जाए। मिनिस्‍ट्री ने इस अमेंडमेंट को लेकर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं, जो 27 अक्‍टूबर से पहले मिनिस्‍ट्री को भेजनी होगी।

इतने महंगे हो जाएंगे ट्रैक्‍टर

सिंह ने बताया कि अब तक ट्रैक्‍टर को फार्मिंग इक्विपमेंट माना जाता है और खरीदते वक्‍त ट्रैक्‍टर पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है, लेकिन अब इन्‍हें टेम्‍पो, ट्रक की कैटेगिरी में डाला जाता है तो उस पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। इससे ट्रैक्‍टर 16 फीसदी महंगे हो सकते हैं।

जिस से एक लाख के पीछे 16 हज़ार रुपये और देने पड़ेंगे । सिंह के मुताबिक, अब तक ट्रैक्‍टर पर रोड टैक्‍स में भी छूट है, लेकिन ट्रांसपोर्ट व्‍हीकल की कैटेगिरी में आने के बाद ट्रैक्‍टर मालिकों से भी रोड टैक्‍स वसूला जाएगा। इससे उन पर टैक्‍स का बोझ बढ़ जाएगा।

सरकार टेक्स बढ़ने की बड़ी वजह हर राज्‍य में ट्रैक्‍टर का कॉमर्शियल इस्‍तेमाल हो रहा है। कंस्‍ट्रक्‍शन सेक्‍टर में सामान की ढुलाई में ट्रैक्‍टर ट्रॉली का लगातार इस्‍तेमाल होता रहा है।

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