ट्रैक्टर के बिना सौलर से चलती है ये बिजाई मशीन, बैटरी से भी करती हैं बिजाई

प्रभातपट्टन निवासी छात्र ने अपने सहपाठियों के साथ मिलकर सोलर ऊर्जा से चलने वाली ऐसी मशीन बनाई है जिसके उपयोग से खेत में बोवनी और फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है। इस मशीन से एक घंटे में एक एकड़ में बोवनी और 45 से 50 मिनट में स्प्रे हो जाएगा।

बारिश में अगर धूप नहीं निकली तो मशीन में बैटरी भी लगी है। बैटरी को चार्ज कर मशीन का उपयोग किया जा सकता है। मशीन बनाने में लगभग 22 हजार रुपए का खर्च आता है। छात्रों ने मशीन को प्राटोटाइप ऑफ ऑटोमेटिक सीड फीडिंग एंड स्प्रे मशीन सोलर एनर्जी नाम दिया है।

श्री बालाजी कॉलेज बैतूल की मैकेनिकल ब्रांच के छात्र अमन आकोटकर, विशाल पंडोले, गोविंद मौखेड़े, नरेश मंडल और अर्पणा पाटनकर ने बताया उन्होंने किसानों की बोवनी और स्प्रे की समस्या को लेकर प्रोफेसर विकास मालवीय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा से स्वचलित बीज बुवाई और कीटनाशक स्प्रे करने वाली मशीन का प्रोजेक्ट तैयार किया। मशीन के सामने वाले हिस्से से फसलों पर दवा का स्प्रे और पीछे वाले हिस्से से बोवनी होती है।

बोवनी के साथ कीटनाशक के स्प्रे में भी कर सकते हैं उपयोग

ऐसे काम करती है मशीन

अमन आकोटकर ने बताया मशीन में सोलर पैनल लगे हैं जो सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा से मशीन को संचालित करेगी। बारिश में सूर्य की ऊर्जा नहीं मिलने पर इसमें बैटरी भी लगाई है। बैटरी को बिजली के माध्यम से भी चार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा बोवनी और स्प्रे के लिए 9 वोल्ट की मोटर लगाई है।

स्प्रे के लिए दवा का घोल संग्रहित करने और बीज को संग्रहित करने के लिए टैंक लगाए हैं। यह मशीन एक दिशा में चलती है। तीन कतारों में बुवाई और स्प्रे हो सकता है। बुवाई के लिए दाना पांच सेमी दूरी पर गिरता है।छात्रों ने बताया जल्द ही इस मशीन को किसानों के लिए उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया की जा रही है।

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