अब आधार कार्ड पर मिलेगी यूरिया, किसान के खाते में आएगी सब्सिडी

यूरियाखाद के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना आधार कार्ड के किसान को एक बैग भी यूरिया नहीं मिलेगा। सरकार ने मौजूदा सीजन से यह व्यवस्था कर दी है। कृषि विभाग ने इसे लागू कर दिया है। सरकार की तरफ से यह कदम यूरिया के अवैध इस्तेमाल और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है। योजना के अनुसार आधार कार्ड से यूरिया देने के बाद सब्सिडी सीधे किसान के बैंक खाते में चली जाएगी।

कृषि विभाग के सूत्रों ने बताया कि यूरिया खाद के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने डीलर से किसान का आधार कार्ड लिंक करने की योजना तैयार की है। हांसी उपमंडल इलाके में 30 से 35 तक खाद के डीलर हैं। सरकार की योजना के मुताबिक अब जो किसान डीलर के पास खाद लेने आएगा, उसे आधार कार्ड लेकर आना होगा। आधार कार्ड लिंक होने के बाद किसान का अंगूठा लगाया जाएगा। इसके बाद किसान को यूरिया खाद उपलब्ध करवाया जाएगा। योजना के अनुसार जून तक सभी किसानों के आधार लिंक करने होंगे।

सूत्रों के अनुसार योजना लागू होने के बाद यूरिया खाद के अवैध प्रयोग पर रोक लगेगी। ही इसे अन्य किसी प्रदेश में सप्लाई किया जा सकेगा। क्योंकि इसका पूरा रिकार्ड ऑनलाइन रहेगा। उपमंडल इलाके में करीब 35 हजार ऐसे किसान हैं, जो यूरिया खाद का प्रयोग करते हैं। जिन किसानों के पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें तत्काल प्रभाव से इसे बनवाना होगा। सूत्रों ने बताया कि योजना को सफलतापूर्वक अमलीजामा पहनाने के लिए खाद डीलरों आधार कार्ड लिंक करने (पीओएस मशीन को इंस्टॉल) का बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

^योजना खाद का स्टाक जमा होने कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है। अब सिर्फ उन किसानों को यूरिया उपलब्ध होगा, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। कोई और व्यक्ति इसे नहीं ले सकेगा। साथ ही खाद के स्टाक और बिक्री की पल-पल की जानकारी रहेगी। कीमतें बढ़ने और घटने की स्थिति में भी स्टाक की पूरी जानकारी मिलती रहेगी।”