किसान ने 90 दिन में तरबूज की खेती से कमाए 3.5 लाख

देशभर में लगातार किसान सूखे और कर्ज की समस्‍याओं की वजह से आत्‍महत्‍या कर रहे हैं। वहीं कई ऐसे राज्‍य हैं जहां किसानों ने तरबूज की खेती कर अपने जीवन में मिठास भर रहे हैं। उन्‍हीं किसानों में से एक हैं तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगा पेरुमल।

तरबूज की खेती से पेरुमल न सिर्फ लोगों को प्रेरित कर रहे हैं बल्कि लाखों में कमाई भी कर रहे हैं। दिलचस्‍प ये है कि उनकी कमाई लागत से करीब 8 गुना ज्‍यादा है। तो आइए समझते हैं पेरुमल के कमाई के गणित को।

तरबूज की खेती को चुना

तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई जिले के रहने वाले मुरुगा पेरुमल के गांव वेपुपुचेक्की के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर हैं। सभी ने अलग – अलग फसल की खेती की है। वहीं पेरुमल ने ड्रिप इरीगेशन सिस्‍टम के जरिए तरबूज की खेती की है।

2.2 हेक्टेयर जमीन में की खेती

उन्‍होंने इस खेती के लिए 2.2 हेक्टेयर जमीन का इस्‍तेमाल किया। उन्होंने इसमें 1 हेक्टेयर जमीन का इस्‍तेमाल Pukeeza वैराइटी के लिए किया। जबकि 1.2 हेक्‍टेयर जमीन को अपूर्व वैराइटी के लिए इस्‍तेमाल किया।

कैसे की खेती

  • इसके बाद उन्होंने खेत की चार बार जुताई की ।
  • आखिरी बार जुताई से पहले उन्होंने 25 टन / हेक्टेयर की दर से खाद का इस्‍तेमाल किया।
  • 300 किलोग्राम डीएपी खाद
  • 150 किलो पोटाश एक बेसल डोज
  • एक हेक्टेयर के लिए 3.5 किलो बीज का इस्तेमाल किया ।
  • नवंबर में बीज बोया, ड्रिप सिस्टम के जरिए प्रति दिन 1 घंटे खेत की सिंचाई करते थे।

49 हजार रुपए का लोन

पेरुमल ने वेपुपुचेक्की को-ऑपरेटिव सोसाइटी से 1 हेक्‍टेयर जमीन के लिए 49 हजार रुपए का लोन लिया। पेरुमल पहली बार खेती कर रहे थे इसलिए सरकार की ओर से 50% फर्टिलाइजर सब्‍सिडी भी मिला। ऐसे में उनकी जेब से मामूली खर्च हुए।

70 दिन बाद काटी फसल

पेरुमल के मुताबिक करीब 70 दिन बाद उसने मजूदरों के साथ मिलकर फसल काटा। तब पेरुमल के खेत से Pukeeza वैराइटी के तरबूज 55 टन निकले जबकि अपूर्व वैराइटी में 61 टन तरबूज की पैदावार हुई। वहीं दो सप्‍ताह बाद एक बार फिर फसल काटी गई। इस बार उन्‍हें Pukeeza वैराइटी से 6 टन और अपूर्व वैराइटी से 4 टन तरबूज मिले ।

3 लाख 30 हजार रुपए का मुनाफा

पेरुमल ने तरबूज की पहली खेप 3100 रुप प्रति टन बेची। जबकि दूसरे खेप को 1000 रुपए प्रति टन बेचा। उन्‍होंने कुल 3 लाख 30 हजार रुपए का मुनाफा कमाया।

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