अब ट्रैक्टर-ट्राली पर भी लगेगा इतना टोल टैक्स

देश भर के किसान अब यदि अपनी ट्रैक्टर ट्राली के साथ किसी भी टोल प्लाजा से गुजरेंगे तो उन्हें ट्रकों के समान टोल देने पड़ेंगे। केंद्र सरकार किसानों के ट्रैक्टर ट्राली को कामर्शियल वाहनों की श्रेणी में डालने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के ड्राफ्ट रूल में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि ट्रैक्टर अब नान ट्रांसपोर्ट व्हीकल (गैर व्यवसायिक वाहनों) की श्रेणी से बाहर माने जाएंगे।

केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल जब देश के उप-प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने सड़क एवं परिवहन विभाग, मोटर व्हीकल अधिनियम तथा एनएचएआइ की नियमावली में संशोधन करवाकर ट्रैक्टर-ट्राली को ‘गड्डे’ का दर्जा दिलाया था। यह 1989 की बात है। इसके बाद से ट्रैक्टर ट्रालियों को टोल संग्र्रहण केंद्रों पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था।

देवीलाल के प्रयासों से मिली राहत का देश भर के किसानों को फायदा हुआ था। लेकिन अब दुबारा ट्रेक्टर ट्राली पर ट्रकों के समान टैक्स लगेगा । केंद्र सरकार लगातार किसान विरोधी फैसले ले रही है। किसानों को उनकी फसल के वाजिब दाम नहीं दिए जा रहे, उल्टे गलत फैसलों से किसानों की कमर तोड़ी जा रही है। किसानों के ट्रैक्टर ट्राली से टोल वसूल किए जाने का फैसला निहायत ही गलत है।

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