खेती में अब यूरिया का उपयोग बंद करेगी सरकार,पंजाब पर होगा सबसे ज्यादा असर

खेती के उपयोग में लिए जाने वाले यूरिया के खतरनाक परिणामो को देखते हुए अब केन्द्र सरकर यूरिया का उपयोग को बंद करने की तैयारी कर रही है । प्रधानमंत्री की मंशा के बाद अब केन्द्र ने सभी राज्यो पत्र लिख कर यूरिया का उपयोग कम करने निर्देश दिए है ।

दरअसल प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों निति आयोग की बैठक में निर्देश दिए थे के किसानो को यूरिया का कम से कम प्रयोग करने के सुचेत प्रयास किए जाएं । और प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को इन निर्देशों पर अमल करने को कहा ।

रसायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुध इस्तेमाल और गोबर-हरी खाद के कम उपयोग से देश की 32 फीसदी खेती योग्य जमीन बेजान होती जा रही है। जमीन में लगातार कम होते कार्बन तत्वों की तरफ अगर जल्द ही किसान और सरकारों ने ध्यान नहीं दिया तो इस जमीन पर फसलें उगना बंद हो सकती हैं।

देश में सबसे ज्यादा यूरिया का इस्तेमाल पंजाब के किसान करते है अगर केन्द्र सरकार यूरिया बंद करने के फैसले को अमल में लाती है तो सबसे ज्यादा नुकसान भी पंजाब के किसानो को ही होगा । क्योंकि अब पंजाब की मिट्टी ऐसी हो गई है की फसल उगाने के लिए यूरिया की जरूरत पड़ती है ।

जानकारी के अनुसार भारत में पिछले कुछ दशकों में यूरिया का इस्तेमाल कई गुना बढ़ गया है। 1960 के दशक में यह 10 प्रतिशत प्रयोग में लाया जाता था, वहीं 2015-16 में नाइट्रोजन फर्टीलाइजर का इस्तेमाल खेतीबाड़ी के लिए 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय किसान अपने एक खेत में 200 किलो यूरिया प्रयोग में ला रहे हैं।

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