युद्ध के कारण 2500 तक पहुंचा गेहूं का रेट, यहां तक बढ़ सकते हैं गेहूं के भाव

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर पुरे विश्व के साथ साथ भारत पर भी देखने को मिल रहा है। गेहूं के भाव भी इस युद्ध के कारण काफी ज्यादा बढ़ रहे हैं जिससे किसानों को काफी फायदा होने वाला है। आपको बता दें कि गेहूं के भाव में पुरे देश में तेज़ी दिखाई दे रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं का भाव 42 से 45 डॉलर प्रति टन तह बढ़ चुका है।

भाव बढ़ने के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन दिनों भारतीय गेहूं का दाम 360 डॉलर प्रति टन से उपर हो चुका है।देश की ज्यादातर मंडियों में फ़िलहाल काफी कम मात्रा में गेहूं की नई फसल की आवक हो रही है, लेकिन फिर भी भाव में काफी तेज़ी दिखाई दे रही है।

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अभी तक सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा मंडियों में उतरने का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। लेकिन अनुमान है कि एक अप्रैल से मंडियों में सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। आपको बता दें कि इस साल फरवरी के अंत तक 66 लाख मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात हो चुका है, जो मार्च के अंत तक 70 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा हो सकता है।

जब से रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुई है इन दोनों देशों की तरफ से होने वाली गेहूं निर्यात पर रोक लग चुकी है और एशियाई देशों के साथ-साथ और भी कई देश अब गेहूं के लिए भारत की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। माहिरों का कहना है कि अभी गेहूं के भाव और भी काफी ज्यादा बढ़ सकते हैं और किसानों को इसका काफी फायदा मिलेगा।

बता दें कि 360 रुपए डॉलर प्रति टन की निर्यात दर 2752 रुपए प्रति क्विटल होती है अगर ये भाव 400 रुपए डॉलर के हिसाब से मिलता है तो यह 3056 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर पहुंच सकती है। पिछले कुछ दिन से भाव में जो तेजी दिखाई दी है,अगर रूस- यूक्रेन विवाद इसी तरह चलता है तो यह तेजी और बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की मंडियों के व्यापारियों का कहना है कि नई फसल का भाव 2200 से 2300 रुपए तक जा रहा है। इसी तरह गुजरात में किसानों को गेहूं का भाव 2400 से 2500 रुपए तक भी दिया जा रहा है। अभी ये भाव और भी बढ़ने की उम्मीद है जिससे किसानों का मुनाफा इस बार काफी बढ़िया होगा।

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