अमरुद को बारिश के दिनों में लगने वाले कीड़े से बचाने के लिए इस तरह से करें सोनेट ट्रैप का प्रयोग

इन दिनों बाजारों में फलों की दुकान पर सबसे ज्यादा बिकने के लिए मुख्यता फल अमरूद होता है। लेकिन अमरूद का फल स्वस्थ एवं अच्छे से पेड़ पर से तोड़ा जाए इसके लिए बाग लगाने वाले किसानों को खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इसके लिए किसानों को चाहिए कि वे बरसाती सीजन में अपने अमरूद के फलों की इन दिनों में फैलने वाली फल मक्खी से सुरक्षा करने के लिए उपाय कर लें।

इस बारे में बागवानी विभाग के पूर्व सब्जेक्ट मेंटर स्पेशलिस्ट डाॅ. धर्मपाल सैनी ने बताया कि मई के महीने से अमरूद के पेड़ पर फूल बनना शुरू हो जाते हैं, फूल से ही अमरुद बनता है। इस महीने में ही फलमक्खी का प्रकोप फल पर शुरू हो जाता है। और मक्खी अपना अंडा फल की छोटी अवस्था में ही उसके अंदर छोड़ देती है। जैसे जैसे फल बड़ा होता है अंडा भी विकसित होकर कीड़े का रूप धारण कर लेता है।

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ऐसे में पेड़ पर लगा फल बहार से तो अच्छा खासा दिखाई देता है। लेकिन अंदर से कीड़ा उसे पूरी तरह से खराब कर देता है। वर्षाकालिन फसल पूरी तरह से बर्बाद न हो जाए इसके बचाव के लिए किसान को चाहिए कि वो अपने बाग की फल मक्खी से सुरक्षा के लिए सोनेट ट्रैप का प्रयोग करे।

इस प्रक्रिया में फल मक्खी फल पर न जाकर ट्रैप से आने वाली एक विशेष गंध के कारण उसकी ओर आकर्षित होती है। ओर ट्रैप पर बैठते ही मर जाती है। जिससे कि काफी हद तक इस कीड़े से अमरूद के फल की सुरक्षा हो सकती है। यह उपाय करने के बाद किसान अमरुद की अच्छी फसल ले सकता है।

ऐसे करें ट्रैप से फलमक्खी से बचाव

सोनेट ट्रैप से फलमक्खी को आकर्षित करने वाली गंध आती है। जिससे फलमक्खी ट्रैप के अंदर प्रवेश कर जाती है और मर जाती है। किसान को पेड़ों पर फल बनने की शुरूआत होते ही कली की अवस्था में ही ट्रैप लगा देना चाहिए। ट्रैप को एक एकड़ में उचित दूरी के हिसाब से अमरूद के पेड़ों पर टांग दें। ट्रैप लगाने के 3 महीने की अवधि तक फल की सुरक्षा करता हैं। इसके बाद किसान को ट्रैप नया लगाना चाहिए।

कैसे करें इस्तेमाल

डॉ. सैनी ने बताया कि फलमक्खी से बचाव के लिए अमरूद की फसल में किसान एक एकड़ में 10 ट्रैप का प्रयोग करें। प्रति टैप कीमत 60 से 70 रुपए होती है। ट्रैप 3 महीने तक प्रभावशाली रहते हैं। किसानों को एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए यदि मक्खी प्रकोप फलों पर बहुत ज्यादा हो तो 500 मिली लीटर, मेलाथियान ( 50 इ.सी.) को 500 लिटर पानी में घोलकर जिसमें 5 किलोग्राम गुड़ भी मिला ले प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें। यदि प्रकोप तब भी बना रहे तो 10 िदन के अंतराल यह प्रक्रिया दोहराएं।