क़र्ज़ के पैसे काट कर मिलेंगे फसल के पैसे, जानें क्या है सरकार की नई योजना

बहुत सी जगह गेहूं कटाई और मंडी में जाने के लिए तैयार है लेकिन इसी बीच किसानों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो चुकी है जिससे इस बार किसानों की आमदनी आधी रह जाएगी। आपको बता दें कि इस बार सरकार किसानों की लिमिट यानि लोन के पैसे काटकर किसानों को फसलों के पैसे का भुगतान करेगी। बताया जा रहा है किसानों की फसल के पैसे में से करीब 50 प्रतिशत तक ऋण का पैसा काट लिया जाएगा।

आपको बता दें कि रबी फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने का काम के अलग अलग जगह पर 25 मार्च से 1 अप्रैल तक शुरू होगा। लेकिन MSP पर फसलों की खरीद से पहले ही सरकार कर्जदार किसानों का डाटा इकठ्ठा कर चुकी है। डाटा सेव कर रखने का सबसे बड़ा कारण यही है कि इस बार समर्थन मूल्य पर किसानों द्वारा बेचीं गयी गेंहूं की फसल से कर्ज का 50 प्रतिशत हिस्सा काटकर बाकि राशि का ही भुगतान किया जाएगा।

आपको बता दें कि फ़िलहाल ऐसा होने की संभावना केवल मध्य प्रदेश में ही है। लेकिन हो सकता है कि बाकि कई राज्य भी इस योजना को अपनाएं। अधिकारीयों का कहना है कि किसान ऋण राशि सेव तो की जा रही है लेकिन भुगतान के समय सरकार इसे काटेगी या नहीं, इस बात पर फ़िलहाल उच्च अधिकारियों द्वारा कोई सूचना नहीं दी गयी है।

हलाकि मध्य प्रदेश के बहुत से किसानों को गेहूं की खरीद से पहले ही मोबाइल पर मैसेज आ चुके हैं। अगर ऐसा होता है तो किसानों को उनकी फसल बेचने के बाद पूरी पेंमेंट नहीं की आएगी और कर्ज की राशि काटने के बाद ही भुगतान होगा। कुछ अधिकारीयों का ये भी कहना है कि कर्जदार किसानों के गेहूं, चना बेचने पर भुगतान के समय 50 प्रतिशत ही राशि कटेगी।

यानि कि मान लीजिए अगर एक किसान का कर्ज 1,00,000 रुपये है, उस किसान ने 50,000 रुपये की फसल बेची तो उसको केवल 25,000 रुपये का भुगतान किया जायेगा, और बाकि का 25 हज़ार काट लिया जाएगा। अब देखना ये है गेहूं की खरीद के समय सचमें ऐसा होता है या फिर किसानों को उनकी फसल का पूरा भुगतान किया जाएगा।

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